माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
राबाट, रविवार 31 मार्च 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस अपनी प्रेरितिक यात्राओं में भी अल्पसंख्यकों की तलाश में लगातार लगे हैं। आज भी उन्होंने राबाट के बाहरी इलाके, तमारा के एक सामाजिक केंद्र का दौरा किया। संत पापा ने वहाँ बीमार और अपाहिज बच्चों से मुलाकात की जिनकी सेवा संत विन्सें डी पॉल की तीन धर्मबहनें करती हैं।
उसके बाद संत पापा फ्राँसिस ने राबाट के संत पेत्रुस महागिरजाघर में पुरोहितों, घर्मसंघियों, धर्मबहनों और अंतर-कलीसियाई सम्मेलन के सदस्यों से मुलाकात की।
मोरक्को में दो काथलिक महाधर्मप्रांत हैं: राबाट और टंगिएर महाधर्मप्रांत। धर्मप्रांतीय पुरोहितों की संख्या 15 हैं,जबकि धर्मसंघी पुरोहितों की संख्या 31 है।
यहाँ के कई विश्वासी उप-सहारा अफ्रीकी देशों से हैं। उनमें कई प्रवासी, कई अफ्रीकी विश्वविद्यालय के छात्र और कई प्रवासी भी जो या तो स्थानांतरण हेतु कुछ समय के लिए हैं या रहने का फैसला किया है।
इस साल फ्रांसिसकन पुरोहित मोरक्को में अपनी मौजूदगी के 800 साल पूरे होने का समारोह मना रहे हैं। 1219 में असीसी के संत फ्रांसिस के जीवनकाल के दौरान फ्रांसिसकन समुदाय मोरक्को पहुंचा था।
मोरक्को में काथलिक शिक्षा यहाँ काथलिक कलीसिया का एक मजबूत केंद्र है और इसे बहुत महत्व दिया जाता है। लगभग 15 काथलिक स्कूलों में करीब 12,000 छात्र और 850 कर्मचारी काम करते हैं।
काथलिक स्कूल राबाट, माराकेच, कैसाब्लांका, मोहम्मदिया, केनित्रा और मेकनेस शहर में है।
