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वाटिकन के गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों के साथ संत पापा फ्राँसिस वाटिकन के गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों के साथ संत पापा फ्राँसिस 

वाटिकन के गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों को संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में वाटिकन गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों को संबोधित किया और संत पापा पियूस बारहवें के वाटिकन अभिलेखीय प्रलेखन के उद्घाटन के बारे कहा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 4 मार्च 2019 (रेई): संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 4 मार्च को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में वाटिकन गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों को संबोधित किया।  संत पापा ने धर्माध्यक्ष जोस टॉलेन्टिनो डी मेंडोंका को उनके परिचय भाषण के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने महाधर्माध्यक्ष सर्जियो पागानो, नव नियुक्त उपाध्यक्ष प्रोफेसर पाओलो वियान, वाटिकन गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों, लेखकों, के साथ-साथ वाटिकन के प्राचीन शिलालेखों का अध्ययन करने वाले प्रोफेसरों और अभिलेखागार के कर्मचारियों का स्वागत किया।

संत पापा पियूस बारहवें

संत पापा ने गत वर्ष 4 दिसम्बर को वाटिकन की प्रेरितिक पुस्तकालय में हुए मुलाकात की याद की। संत पापा ने प्रभु सेवक संत पापा पियूस बारहवें के परमाध्यक्ष चुने जाने की 80वीं वर्षगांठ पर उन्हें विशेष याद किया। संत पापा पियुस बारहवें 2 मार्च 1939 को परमाध्यक्ष चुने गये। उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के संकट से होकर गुजरना पड़ा। उन्होंने युद्ध से तबाह लोगों के बीच ख्रीस्त की ज्योति जलायी एवं पुनः निर्माण की आशा दिलायी।

संत पापा ने कहा कि संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें की इच्छा से, आप वाटिकन के गोपनीय संग्रहालय के अधिकारियों और वाटिकन के प्राचीन शिलालेखों के अभिलेखागार के अधिकारियों और वाटिकन के ऐतिहासिक अभिलेखागार के अधिकारी,  आप सभी 2006 से इन्वेंट्री की एक आम परियोजना पर काम कर रहे हैं। संत पापा पियूस बारहवें के समय पर्याप्त प्रलेखन का उत्पादन किया गया था, जिसका कुछ भाग संत पापा पॉल छठे और संत पापा जॉन पॉल द्वितीय द्वारा पहले ही परामर्श योग्य बना दिया गया था।

कार्यों की सराहना

संत पापा ने वाटिकन गोपनीय संग्रहालय और अन्य अभिलेखागार में काम करने वाले अधिकारियों के विशेष रुप से पिछले बारह वर्षों के छानबीन और धीरज के साथ किये गये कामों के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने कहा कि उनका काम कोलाहल से दूर, मौन या शात वातावरण में स्मृति की खेती करना है। इस कार्य की तुलना एक राजसी पेड़ से की जा सकती है, जिसकी शाखाएं आकाश की ओर फैली हुई हैं, लेकिन जिनकी जड़ें पृथ्वी में ठोस रूप से जकड़ी हुई हैं। यदि हम इस पेड़ की तुलना कलीसिया से करते हैं, तो हम देखते हैं कि यह स्वर्ग की ओर आगे बढ़ रही है,जो हमारी वास्तविक मातृभूमि और हमारा अंतिम लक्ष्य है। इस पेड़ की जड़ें समय के साथ, इतिहास में, शब्द के अवतार की मिट्टी में डूब जाती हैं। आप बड़े धीरज के साथ इन जड़ों पर काम करते हैं और उन्हें जीवित रखने में मदद करते हैं, ताकि पेड़ की सबसे छोटी शाखाएं भी भविष्य में वृद्धि कर अच्छे फल उत्पन्न कर सकें।

अभिलेखीय प्रलेखन का उद्घाटन

संत पापा ने कहा, “आपके और आपके कुछ सहयोगियों के अथक प्रयास की वजह से मैंने निर्णय किया है कि संत पापा पियुस बारहवें की 9 अक्टूबर, 1958 को कास्टेल गंडोल्फो में हुई मृत्यु तक के अभिलेखीय प्रलेखन को खोल दिया जाएगा। संत पापा पियूस बारहवें के वाटिकन अभिलेखीय प्रलेखन का उद्घाटन 2 मार्च, 2020 को किया जाएगा।  

संत पापा ने कहा संत पापा पियूस बारहवें का अभिलेखीय प्रलेखन गंभीर और वस्तुनिष्ठ ऐतिहासिक शोध, उचित आलोचना के साथ, उचित प्रकाश में, संत पापा पियूस बारहवें का मूल्यांकन करने में सक्षम होंगे। संत पापा पियूस बारहवें गंभीर कठिनाइयों के क्षण भी, बिना किसी संदेह के, मानव और ख्रीस्तीय विवेक को ध्यान में रखते हुए, सक्रिय कूटनीतिज्ञ के रुप में आशा की लौ को जलाये रखने में कामयाब रहे।  

कलीसिया इतिहास से डरती नहीं है, बल्कि, इसे प्यार करती है, और इसे अधिक और बेहतर सम्मान देनी चाहती है, इसलिए, अपने पूर्ववर्तियों के विश्वास के साथ, मैं इस दस्तावेजी विरासत के शोधकर्ताओं को इसे सौंपता हूँ।

इन भावनाओं के साथ संत पापा ने पुनः शोधकर्ताओं–वैज्ञानिकों और अधिकारियों को उनके कामों के लिए धन्यवाद देते हुए उनके प्रयास को जारी रखने हेतु शुभकामनाएं दी।

04 March 2019, 16:28