Cerca

Vatican News
कमिलियन करिश्माई परिवार के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस कमिलियन करिश्माई परिवार के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस 

कमिलियन करिश्माई परिवार के सदस्यों को संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन में कमिलियन करिश्माई परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर कलीसिया और समाज में उदारता के साथ समर्पित बीमारों की सेवा के लिए धन्यवाद दिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 18 मार्च 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत कलेमेंटीन सभागार में कमिलियन करिश्माई परिवार के पुरोहितों, धर्मबहनों और लोकधर्मियों के सत्तर प्रतिनिधियों से मुलाकात की। कमिलियन "करिश्माई परिवार" पुरोहितों, धर्म बहनों, समर्पित लोगों और लोकधर्मियों से बना समुदाय है।  

संत पापा ने फादर पेसिनी को उनके परिचय भाषण के लिए धन्यवाद दिया। संत पापा ने कलीसिया और समाज में उनकी समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कमिलियन परिवार बड़े प्यार और उदारता के साथ बीमारों की सेवा के अनमोल मिशन में लगे हुए हैं। बीमारी से परेशान व्यक्ति को आप जैसे लोगों की आवश्यकता होती है जो दवाइयों के साथ-साथ प्रेम और अपनापन दिखाते हुए सांत्वना और जीवन यात्रा के अंतिम क्षण उनके साथ समय बिताते हुए उन्हें प्रभु से मिलने हेतु तैयार कर सकें।

करिश्मा साझा करना

संत पापा ने कहा कि ऐसे तो पूरी कलीसिया को प्रभु ने अपने राज्य के प्रचार और बीमारों को चंगा करने का आदेश दिया है, लेकिन विशेष रूप से संत कमिल डी लेलिस और उनके सहयोगियों को ईश्वर ने बीमार लोगों के लिए मसीह के दयालु प्रेम प्रदान करने और गवाही देने का उपहार दिया है। कलीसिया ने इसे आत्मा के प्रामाणिक करिश्मे के रूप में मान्यता दी है। आप इसे अनुकरणीय तरीके से जीते हैं, इसे सीधे तौर पर गरीबों की मदद करने, विशेषकर बीमारों के शारीरिक और आध्यात्मिक जरूरतों में मदद करते हैं। मानवता और कलीसिया के लाभ के लिए दूसरों को उनकी सेवा करने का सर्वोत्तम तरीका सिखाते हैं।

संत पापा ने कहा कि इन वर्षों में उन्होंने पीड़ित मानवता के लाभ के लिए अपने प्रेरितिक कार्यों और सेवाओं द्वारा अपने करिश्मे को ईमानदारी से अपनाने का प्रयास किया है। इस मिशन के मद्देनजर, जिसे धर्मसंघ के कुछ सदस्यों ने पवित्रता के मॉडल बनने में वीरतापूर्वक जीवन व्यतीत किया है, उनके धर्मसंघ सेवा के कार्यों को जारी रखते हुए पवित्र आत्मा की प्रेरणा द्वारा कलीसिया और समाज की जरुरतों को पूरा करने के लिए बुलाये गये हैं। उनके सेवा कार्यों द्वारा बहुतों को परिपूर्ण जीवन प्राप्त हुआ है। (योहन 10.10)

सुनने का महत्व

संत पापा ने उन्हें आपस में सदैव सामंजस्य बैठाने के लिए पवित्र आत्मा को और एक-दूसरे को सुनने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा,“पूरे धर्मसंघ और कलीसिया की भलाई के लिए हर सदस्य का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। हमेशा यह याद रखनी चाहिए कि आपसी बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से एक करिश्मा प्रकट होता और प्रामाणिक और रहस्यमय रूप से फलदायी होता है।” (इवांजेली गौडियुम, 130)

अंत में संत पापा ने संस्थापक और संस्थापिकाओं के प्रारंभिक प्रेरणा के प्रति निष्ठावान बने रहने हेतु प्रेरित किया और सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

18 March 2019, 16:29