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रोम के नये स्कोलास ओकुरेंतेस कार्यालय में संत पापा फ्राँसिस रोम के नये स्कोलास ओकुरेंतेस कार्यालय में संत पापा फ्राँसिस 

युवा लोग ईश्वर के "वर्तमान" हैं, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस रोम के नये स्कोलास ओकुरेंतेस कार्यालय का दौराकर "शांति हेतु कार्यक्रम निर्माण" के पहल की शुरूआत की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, शनिवार 23 मार्च 2019 (वाटिकन न्यूज) : शांति हेतु कार्यक्रम निर्माण एक ऐसी परियोजना है जिसमें नई तकनीकों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो दुनिया भर के लाखों युवाओं को नैतिक दृष्टिकोण के साथ शांति की खोज में खुद को प्रतिबद्ध करने में सहायक होंगे।  इस पहल की शुरुआत संत पापा फ्रांसिस ने गुरुवार दोपहर को रोम के नये स्कोलास ओकुरेंतेस कार्यालय का दौराकर "शांति हेतु कार्यक्रम निर्माण" के पहल की शुरूआत की।

स्कोल्स नेटवर्क का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी स्कूलों को शामिल करना है, जहाँ दीवारें न हो वरन् पुरी दुनिया एक कक्षा बने और सभी बच्चे विशेष रूप से सबसे गरीब बच्चे भी सामूहिक हित और शांति में जी सकेंगे। आज,स्कोलास 450,000 शैक्षिक एजेंसियों के साथ जुड़ा हुआ है, जो 190 विभिन्न देशों में स्थित है।

गुरुवार को नये स्कोलास ओकुरेंतेस कार्यालय में संत पापा फ्राँसिस और दुनिया भर के युवाओं के साथ एक वीडियो-सम्मेलन आयोजित किया गया। संत पापा ने उन युवाओं से बातें की, जिन्होंने स्कोलास द्वारा प्रचारित कलात्मक, खेल और प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों में भाग लिया था। वीडियो-सम्मेलन में भाग लेने वाले युवा पनामा और पुर्तगाल, रोमानिया और इटली से थे।

"स्कोलास एक बीज है"

बातचीत के दौरान, संत पापा फ्राँसिस ने सभी को कौशल, व्यावसायिकता और रचनात्मकता को साझा करने हेतु "नेटवर्किंग" के काम में संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों में से एक की अभिव्यक्ति पर गौर करते हुए संत पापा ने कहा। शांति, बंधुत्व और संवाद का "बीज स्कोलास है"। युवा लोगों को, अक्सर अच्छे रोल मॉडल नहीं मिलते हैं, क्योंकि वे अपने समुदायों के बाहर उनकी तलाश करते हैं। दूसरी ओर, स्कोलास युवा लोगों को अपने समुदायों के भीतर उभरने वाले नेताओं का अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

युवा लोग, ईश्वर के "वर्तमान"

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, “हमने देखा है कि इन दिनों में दुनिया के विभिन्न शहरों के युवा लोग पर्यावरण और पृथ्वी की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। युवा के पास अकल्पनीय शक्ति है, वे रचनात्मक हैं  अतः संत पापा ने उन्हें अपनी रचनात्मकता को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा लोग "भविष्य नहीं हैं"। "वे ईश्वर के वर्तमान, आज, 'अब' हैं। हमें इस अभिव्यक्ति को सही करना चाहिए ”। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी, हालांकि जो गलत है,उसका विरोध करना अच्छा है,परंतु इतना ही पर्याप्त नहीं है - हमें सकारात्मक निर्माण करना चाहिए। 

23 March 2019, 16:26