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Vatican News
फिलिस्तीन के एक गिरजाघऱ के अंदर का क्रूस फिलिस्तीन के एक गिरजाघऱ के अंदर का क्रूस  (AFP or licensors)

क्रूसित येसु हमारे जीवन के कम्पास हैं, संत पापा फ्राँसिस

संत पापा ने दिखावटी जीवन को त्यागने और क्रूसित येसु पर अपनी निगाहें स्थिर करने हेतु प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार,27 मार्च 2019 (रेई) : काथलिक कलीसिया चालीसा के तीसरे सप्ताह में है। इस अवधि में ख्रीस्तीय प्रार्थना दान और तपस्या द्वारा अपने आप को प्रभु के करीब आने और मुक्तिदायी प्रेम का अनुभव करने का प्रयास करते हैं। संत पापा ने ट्वीट प्रेषित कर क्रूसित येसु पर अपनी निगाहें स्थिर करने की प्रेरणा दी।

संदेश में उन्होंने लिखा, “चालीसा की यात्रा में हमें अपनी निगाहें कहाँ स्थिर करनी चाहिए? क्रूस पर। क्रूसित येसु जीवन के कम्पास है जो हमें स्वर्ग की ओर इशारा करते हैं।”

26 मार्च के ट्वीट में उन्होंने लिखा, “दिखावा की संस्कृति, जो हमें क्षणिक चीजों के लिए जीने की ओर ले जाती है। यह एक महान धोखा है, क्योंकि यह एक भड़कीली ज्वाला की तरह है: एक बार जब यह खत्म हो जाती है, तो केवल राख रह जाती है।”

27 March 2019, 15:55