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साईकिल रेस में भाग लेते खिलाड़ी साईकिल रेस में भाग लेते खिलाड़ी  (AFP or licensors)

मानवता की क्षमता को प्रकट करते हैं खिलाड़ी, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 9 मार्च को यूरोपीय साईकिल संघ के वार्षिक कॉन्ग्रेस के प्रतिभागियों से, वाटिकन में मुलाकात की तथा खेल को प्रोत्साहन देते हुए उसे मानव विकास में एक बड़ा सहायक कहा।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा ने कहा, "कलीसिया एवं खेल के बीच संबंध का एक लम्बा इतिहास है जो समय बीतने के साथ अधिक मजबूत हुआ है। खेल मानव विकास हेतु एक महान सहायक है। यह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु अपना उत्तम दान देने को हमें प्रोत्साहित करता है। यह इसलिए क्योंकि खेल हमें धीरज, त्याग एवं आत्मसंयम की भावना सिखलाता है।" खेल हमें निरूत्साहित नहीं होने तथा हार अथवा घायल हो जाने के बाद पुनः दृढ़ मनोबल के साथ शुरू करने की भी सलाह देता है। यह जीने के आनन्द एवं अंतिम लक्ष्य को पा लेने के सच्चे संतोष को उत्साह से प्रकट करने का अवसर भी प्रदान करता है।

साईकिल रेस और उसकी विशेषताएँ

संत पापा ने कहा कि साईकिल रेस एक खास तरह का खेल है जो धीरज, साहस, अखंडता, नियमों के प्रति सम्मान, दल की भावना आदि कई सदगुणों को विकसित करता है। उन्होंने कहा कि निश्चय ही, यदि हम सड़क पर साईकिल रेस की बात करें तब हम देखेंगे कि किस तरह पूरा दल रेस के समय काम करता है और एक-दूसरे को सहयोग देता है। उन्हें कई बार अपने लीडर के लिए त्याग करना पड़ता है और जब दल के साथी कठिनाई महसूस करते हैं तब दल के दूसरे साथी उनको सहायता एवं साथ देते हैं।

संत पापा ने कहा कि जीवन में भी यह आवश्यक है कि हम निःस्वार्थ, उदारता और समुदाय की भावनाओं को अपनाएँ ताकि उन लोगों की मदद कर सकें जो गिर गये हैं तथा जिन्हें अपने निश्चित लक्ष्यों को पाने में सहायता की जरूरत है।

खेल से लाभ

संत पापा ने गौर किया कि साईकिल रेस में भाग लेने वाले कई खिलाड़ी अपनी अखंडता और निरंतरता के द्वारा साइकिलिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ देकर, खेल एवं जीवन दोनों में हमारे लिए आदर्श बन गये हैं। अपने करियर में वे जानते हैं कि जीत हासिल करने के लिए मन की ताकत और दृढ़ संकल्प को कैसे मिलाया जाए। लेकिन वे इंसान की क्षमता, ईश्वर की छवि और समानता एवं सुंदरता में निर्मित होने तथा दूसरों के साथ और सृष्टि के साथ एकजुटता और खुशी से सामंजस्य करने का साक्ष्य देते हैं।

खेल का महत्व

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इस बात के प्रचार हेतु असाधारण अवसर प्राप्त है विशेषकर, युवाओं को जीवन के सकारात्मक मूल्यों को सिखने तथा उन्हें उच्च और महान लक्ष्यों की खोज में समर्पित करने की इच्छा जागृत करने की।

संत पापा ने साईकिलिंग के क्षेत्र में नये विकास के प्रति सचेत करते हुए कहा कि साईकिलिंग जो हर नये विकास की तरह, युवा पीढ़ी के बीच तेजी से बढ़ रहा है, यह प्रतिरोध जगा सकता है और अधिक पारंपरिक विषयों के लिए एक चुनौती बन सकता है। अतः युवाओं को सुनने के लिए कलीसिया ने जो कदम उठाया है, उन्हें समझने तथा जीने और अपनी पूर्णता को प्राप्त करने की तमन्ना को व्यक्त करने के तरीके अपनाये हैं वे आपके लिए भी फायदेमंद हैं। यह आवश्यक है कि विश्व के कई देशों में साईकिलिंग के स्वस्थ परम्पराओं एवं लोकप्रिय संस्कृतियों के नजरिये को खोये बिना, नई पीढ़ी को साथ दिया जाए।

संत पापा ने साइकिलिंग के प्रतिनिधियों को चालीसा काल की शुभकामनाएँ अर्पित करते हुए अपना प्रेरितिक प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

09 March 2019, 14:27