Cerca

Vatican News
इटली के कोर्ट ऑफ ऑडिट के सदस्यों से मुलाकात करते हुए संत पापा फ्राँसिस इटली के कोर्ट ऑफ ऑडिट के सदस्यों से मुलाकात करते हुए संत पापा फ्राँसिस 

मसीह सामान्य हित की सेवा के लिए प्रेरित करे, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने संत पॉल छठे सभागार में इटली के कोर्ट ऑफ ऑडिट के सदस्यों से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि वे आम लोगों की सेवा के लिए अपने पदों का उपयोग करें।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार 19 मार्च 2019(वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 18 मार्च को वाटिकन के संत पॉल छठे सभागार में इटली के कोर्ट ऑफ ऑडिट के सदस्यों से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि वे आम लोगों की सेवा के लिए अपने पदों का उपयोग करें। कोर्ट ऑफ ऑडिट इटली की एक संवैधानिक संस्था है इनके अधिकार क्षेत्र में सार्वजनिक वित्त और राज्य के प्रशासन की निगरानी सहित परामर्श और समीक्षा कार्य आते हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने ऑडिटर्स को अपना संबोधन शुरू करते हुए याद दिलाया कि उनकी संस्था सार्वजनिक हित को बढ़ावा देने के नैतिक उद्देश्य से बनी है। यह, "न केवल एक वैचारिक अवधारणा है", बल्कि सभी नागरिकों के पूर्ण विकास की स्थितियों से जुड़ी हुई है और इसी कारण से राज्य को "प्रत्येक व्यक्ति के प्राकृतिक मानवाधिकारों का रक्षक" कहा जाता है।

संत पापा फ्राँसिस उनके कामों के लिए तीन मुख्य अवधारणाओं को लागू करने के महत्व को व्यक्त किया ताकि सबकी भलाई हो सके : भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, खर्चों पर नियंत्रण और गरीबों पर ध्यान।

भ्रष्टाचार से लड़ना

संत पापा ने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ना आवश्यक है, भ्रष्टाचार "समाज के मुख्य घावों में से एक है", यह नैतिक और आर्थिक दोनों रूप से नुकसान पहुंचाता है। ऑडिटरों की अदालत, भ्रष्टाचार से लड़ना जारी रखती है, "अवैधता को रोकने और प्रहार करने का एक मूल्यवान साधन है"। वास्तव में, प्रत्येक कोषाध्यक्ष को "पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम करने की जिम्मेदारी" के बारे में पता होना चाहिए। इस तरह, "नागरिकों और संस्थानों के बीच संबंध" को बेहतर बनाया जा सकता है।

सभी को फायदा मिले

संत पापा फ्राँसिस ने चेतावनी देते हुए कहा, "व्यय पर सख्त नियंत्रण राजनीतिक या प्रशासनिक पदों में उन लोगों के प्रलोभन पर अंकुश लगाता है, जो संसाधनों का प्रबंधन बुद्धिमानी से नहीं, बल्कि ग्राहक और महज चुनावी सहमति के लिए करते हैं," "खर्चों का कठोर नियंत्रण," नागरिकों और संस्थानों के बीच इस संबंध को मजबूत बनाने की सुविधा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित के लिए काम करने में संसाधनों को साझा करना शामिल है ताकि हर कोई उनसे लाभान्वित हो सके - विशेष रूप से गरीब, जो संसाधनों के गैर-जिम्मेदारी उपयोग और वितरण से सबसे अधिक पीड़ित हैं। इस कारण से, राज्य को एक पर्यवेक्षी भूमिका निभाने के लिए कहा जाता है।

शांत और गंभीर

अंत में,संत पापा फ्राँसिस ऑडिटरों को अपने कर्तव्यों को "शांत मन और गंभीरता के साथ" करते हुए जारी रखने हेतु प्रोत्साहित किया। संत पापा ने कहा कि उन्हें हमेशा इस बात को याद रखना चाहिए कि वे एक सेवा प्रदान कर रहे हैं - समाज के भीतर संस्कृति और वैधता को बढ़ाने में मदद करना उनका उद्देश्य होना चाहिए।

संत पापा उनसे आग्रह किया कि वे मसीह को "सच्चाई और न्याय के गवाह" के रूप में देखने के लिए चालीसा के पुण्य समय का उपयोग करें, क्योंकि उनका वचन उन सभी के लिए प्रेरणा का एक अक्षम्य स्रोत है जिसने खुद को सार्वजनिक हित की सेवा में समर्पित किया था।

19 March 2019, 15:37