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फातेबेनेप्रेतेल्ली के साथ संत पापा फ्राँसिस फातेबेनेप्रेतेल्ली के साथ संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत जॉन की तरह जरूरतमंदों की आवाज सुनें, संत पापा

संत पापा ने स्वास्थ्य सेवा में संलग्न संत जॉन ऑफ गॉड धर्मसंघ के सदस्यों से मुलाकात की और अपना संदेश आत्म-परख, घनिष्टता एवं आतिथ्य और साझा मिशन इन तीन मुद्दों पर केंद्रित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 2 फरवरी 2019 (वाटिकन न्यूज) :  संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत क्लेमेंटीन सभागार में शुक्रवार 1 फरवरी को अस्पताल चलाने वाले संत जॉन ऑफ गॉड धर्मसंघ के करीब 100 सदस्यों से मुलाकात की जो अपने धर्मसंध के 69वें महासभा में भाग लेने रोम आये हुए हैं। महासभा 14 जनवरी को शुरु हुआ और 5 फरवरी तक चलेगा। महासभा का विषय है, “आतिथ्य के भविष्य का निर्माण”।

स्वास्थ्य सेवा में संलग्न संत जॉन ऑफ गॉड धर्मसंघ की स्थापना 1572 ई. में की गई थी। वे फातेबेनेप्रेतेल्ली के नाम से भी जाने जाते हैं, जिसका अर्थ है उदारता के धर्मबंधुगण। वे 46 देशों के 389 केंद्रों में स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा गतिविधियों में संलग्न हैं। संत पापा फ्राँसिस ने स्वास्थ्य सेवा में संलग्न संत जॉन धर्मसंघ के उदारता के कार्यों की सराहना की और उनका ध्यान तीन विषयों पर केंद्रित कराया: आत्म-परख, घनिष्टता एवं आतिथ्य और साझा मिशन।

आत्म-परख

संत पापा ने कहा कि"कलीसिया और धर्मसंघियों के जीवन में आत्म-परख एक मौलिक मनोभाव  है। उन्होंने कहा, " आत्म-परख, अतीत को याद रखने के लिए, वर्तमान को जुनून के साथ जीने के लिए और आशा के साथ भविष्य को गले लगाने के लिए बहुत जरुरी है। संत पापा ने उनसे आग्रह किया कि वे अपने धर्मसंघ को नियम कानूनों से बंधे सेनाओं का संगठन न बनायें। उन्होंने सलाह देते हुए कहा, " आप बातचीत, बहस और योजना के साथ ... हमेशा बीमार लोगों और जरुरत मंद लोगों की आवाज़ों को सुने जैसा कि आपके संस्थापक संत जॉन ऑफ गॉड ने किया था।"

आत्मा की ऊर्जा जुनून और करुणा

दूसरे विषय, घनिष्ठता एवं आतिथ्य के बारे में उन्होंने कहा कि आत्मा की ऊर्जा जुनून और करुणा है। “यह आपके द्वारा संपन्न अस्पताल में सेवा कार्य मिशन को अर्थ देगा, आपकी आध्यात्मिकता को चेतन करेगा और आपके धर्मसमाजी जीवन को गुणवत्ता देगा।"

भला समारी

संत पापा ने सुसमाचार में वर्णित भले समारी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उन्हें भी  आवश्कता पड़ने पर भले समारी के समान दैनिक दिनचर्या और योजनाओं से उपर उठकर जरुरत मंदों की सेवा में हमेशा तैयार रहनी चाहिए।  संत पापा ने विशेष रुप से गरीब बीमारों और जरुरत मंद लोगों के प्रति उदारता के साथ उनकी सेवा करने हेतु प्रेरित किया।

 साझा मिशन

संत पापा ने कहा कि आज हमें अपने मिशन को साझा करने की जरुरत है इसलिए नहीं कि हमारे धर्मसंघ में बुलाहट की कमी है परंतु हमारा करिश्मा पूरी कलीसिया और दुनिया के लिए एक मूल्यवान उपहार है।

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "मैं आपको प्रोत्साहित करता हूं, आप अपने प्रशिक्षण का ख्याल रखें।  लोकधर्मियों को भी आपके करिश्मा, आध्यात्मिकता और आतिथ्य के मिशन में सहभागी बनायें, जिससे वे अच्छे कार्यों के माध्यम से संत जॉन ऑफ गॉड की "आध्यात्मिकता की गवाही" देने में गर्भ महसूस कर सकें।”

02 February 2019, 15:04