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संत पापा फ्राँसिस और एथेंस के ऑरथोडोक्स महाधर्मप्रांत के प्रतिनिधि संत पापा फ्राँसिस और एथेंस के ऑरथोडोक्स महाधर्मप्रांत के प्रतिनिधि  (Vatican Media )

हमारे पास तोड़ने से कहीं ज्यादा जोड़ने वाले मुद्दे हैं, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने एथेंस के ऑरथोडोक्स महाधर्मप्रांत के अपोस्तोलिक दियाकोनिया और परिवार हेतु बने केंद्र से आये प्रतिनिधियों का अभिवादन किया और ख्रीस्तीय एकता को बढ़ावा देने और परिवारों की सेवा के लिए उनके काम की सराहना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 25 फरवरी 2019 (वाटिकन न्यूज): संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के परमाध्यक्षीय कक्ष में  एथेंस के ऑरथोडोक्स महाधर्मप्रांत के अपोस्तोलिक दियाकोनिया और परिवार हेतु बने केंद्र से आये 20 प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

अपोस्तोलिक दियाकोनिया मिशन और प्रचार के लिए जिम्मेदार रूढ़िवादी कलीसिया का विभाग है, इसके पास धर्मशास्त्रीय और धर्म-विधि ग्रंथों के प्रसार के लिए एक बड़ा प्रेस केंद्र है।

प्रधिधर्माध्यक्ष अगाथाघेलोस के नेतृत्व में आये सभी प्रतिनिधियों का संत पापा ने स्वागत किया। और उनसे एथेंस लौटने पर प्राधिधर्माध्यक्ष हिरोनिमुस द्वितीय को शुभकामनाएं देने को कहा जिन्होंने 16 फरवरी को अपने धर्माध्यक्षीय अभिषेक का 11वां वर्ष गांठ मनाया।  

संत पापा ने अपने संदेश में कहा कि अपोस्टोलक दियाकोनिया और ख्रीस्तीय एकता को बढ़ावा देने वाली परमधर्मपीय सम्मेलन के बीच पंद्रह वर्षों से सहयोग हो रहा है और "इसके परिणामस्वरूप कई सराहनीय सांस्कृतिक और शैक्षिक परियोजनाएँ" शुरु की गई हैं।

उन्होंने कहा, "यह एक बढ़िया उदाहरण है जब काथलिक और ऑर्थोडोक्स मिलकर एक साथ काम करते हैं तो यह कितना फलदायी हो सकता है।" एक साथ काम करते हुए हम एक दूसरे को भाई-बहनों की भांति देखते हैं।

तोड़ने से ज्यादा जोड़ने वाले मुद्दे 

संत पापा ने टिप्पणी की कि इन वर्षों के दौरान यह स्पष्ट रूप से उभरा है कि "हमारे पास हमें अलग करने से कहीं ज्यादा हमें जोड़ने वाली बातें  सामान्य हैं।

उन्होंने कहा कि युवा हमसे अपने मतभेदों के कैदी नहीं रहने का आग्रह करते हैं, "लेकिन साथ-साथ यात्रा करने की इच्छा में बढ़ने और पूर्ण सहभागिता के रास्ते में खड़ी कठिनाइयों का सामना करने का सपना देखते हैं।"

“यह हम पर निर्भर है कि हम एक साथ आगे बढ़ें, एक साथ काम करें और एक बार फिर खुद को भाइयों और बहनों के रूप में देखें।”

सहभागिता की यात्रा को जारी रखने की अपील

संत पापा ने एक संयुक्त प्रतिबद्धता के लिए यात्रा की अपील की, ताकि गहरी सहभागिता की यात्रा में व्यक्तिगत रुप से  अपने स्वयं के लक्ष्यों के लिए काम करने के लिए नहीं, लेकिन "भाइयों और बहनों के रूप में एक साथ एक-दूसरे के बोझों को साझा करते हुए और एक-दूसरे की प्रगति में आनन्दित होते हुए आगे बढें।  

परिवार की प्रेरितिक देखभाल

संत पापा फ्राँसिस ने ऑर्थोडोक्स और काथलिकों के बीच सहयोग के लिए परिवार की प्रेरितिक देखभाल को एक और फलदायी क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि, विशेष रूप से अब, हमारे तेजी से बदलते समय में, ख्रीस्तीय परिवारों द्वारा सामना की जाने वाली कई चुनौतियां हैं। इस प्रकार, "हम उनके करीबी बने रहने और परिवारों को शादी के उपहार को फिर से तलाशने में मदद करने के लिए बुलाये गये हैं"।

संत पापा ने इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए अपने संबोधन को विराम दिया,“हमें उस समय भी उपस्थित होने के लिए कहा जाता है जहां पारिवारिक जीवन सुसमाचार के आदर्श की पूर्णता के अनुरूप नहीं है, या शांति और आनंद में नहीं रहता है (सीएफ, अमोरिस लेतित्सियाय, 5)। साथ में, अपनी विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए, हम विभिन्न बैठकों में, पारिवारिक मूल्यों के साथ, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, गतिविधियों और पहलों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से सहयोग कर सकते हैं।

25 February 2019, 17:15