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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

एकता एवं सत्यनिष्ठा की जिम्मेदारी को सुदृढ़ करें, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने एशिया के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के धर्मसिद्धांत आयोग के अध्यक्षों की सभा को एक संदेश प्रेषित किया, जो बैंकॉक में 15 से 18 जनवरी तक आयोजित की गयी है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

10 जनवरी को प्रेषित संदेश में संत पापा ने लिखा, "एशियाई धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ एवं विश्वास के सिद्धांत के तत्त्वावधान में विश्वास के सिद्धांत आयोगों के अध्यक्षों की सभा के अवसर पर जो बैंकॉक में 15 से 18 जनवरी तक होने वाली है मैं अपने भ्रातृ अभिवादन के साथ आपके करीब हूँ।" 

उन्होंने कहा कि एशिया जो एक विशाल महाद्वीप है जहाँ विभिन्न धर्मों, भाषाओं एवं संस्कृतियों के लोग रहते हैं वहाँ वे उस उद्देश्य से एकत्रित हुए हैं ताकि काथलिक विश्वास में एकता एवं सत्यनिष्ठा की अपनी आम जिम्मेदारी को सुदृढ़ कर सकें, साथ ही साथ, आज की दुनिया में विभिन्न चुनौतियों के बीच सुसमाचार का साक्ष्य देने के नये साधनों की खोज कर सकें।

संत पापा ने विश्वास के सिद्धांत हेतु गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रेरितिक प्रबोधन एवंजेली गौदियुम में मैंने पूरी कलीसिया को निमंत्रण दिया है कि वह "बाहर जाए"। मैं खुश हूँ कि धर्मसंघ, धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों को महत्व देते हुए एशिया के धर्माध्यक्षों तक पहुँच रहा है जिससे कि उन्हें प्रभावी सहयोग और भ्रातृत्वपूर्ण विनिमय हेतु प्रोत्साहन दे सकेगा।

संत पापा ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मैं इस सभा के लिए प्रार्थना करता हूँ ताकि यह एशिया की परिस्थिति के अनुरूप, येसु ख्रीस्त के सुसमाचार पर चर्चा का एक अवसर प्रदान करे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों पर अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

15 January 2019, 16:44