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विश्व आदिवासी युवा मिलन को संत पापा का विडीयो संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने एक विडीयो संदेश प्रकाशित कर विश्वभर के आदिवासी युवा प्रतिभागियों को सम्बोधित किया जो पनामा के सोलोए में विश्व आदिवासी युवा मिलन में भाग ले रहे हैं। मिलन समारोह 17 से 21 जनवरी तक आयोजित किया गया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 19 जनवरी 2019 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 18 जनवरी को एक विडीयो संदेश में विश्वभर के युवा आदिवासियों को सम्बोधित किया जो पनामा के सोलोए स्थित डेविड धर्मप्रांत में विश्व आदिवासी दिवस में भाग ले रहे हैं। इस समारोह मे भाग देने के बाद आदिवासी युवा, 22 से 27 जनवरी तक विश्व युवा दिवस में भाग लेने हेतु पनामा शहर जायेंगे।

स्पानी भाषा में बोलते हुए संत पापा ने युवाओं को प्रोत्साहन दिया कि वे बहिष्कार, नष्ट करने की संस्कृति एवं दरिद्रता का सामना करते हुए अपनी संस्कृति एवं अपने मूल को बनाये रखें तथा एक अलग दुनिया का निर्माण करें जो अधिक न्यायपूर्ण एवं मानवीय हो।  

अतीत की यादगारी को बनाये रखें

संत पापा फ्राँसिस ने युवाओं को सम्बोधित कर कहा, "2016 के जुलाई माह में, क्राकॉव में विश्व युवा दिवस के अंत में, मैंने युवा स्वयंसेवकों से कहा था कि हमें अतीत की यादगारी को बनाये रखना है ताकि भविष्य का निर्मित साहस के साथ किया जा सके और यही वाक्य विश्व युवा आदिवासी मिलन समारोह की विषयवस्तु है। जिसने आपको 17 जनवरी से 21 जनवरी तक पनामा के डेविड धर्मप्रांत में एक साथ लाया है।  

संत पापा ने पहली बार इस तरह के आयोजन के लिए पनामा के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन को धन्यवाद दिया। उन्होंने युवाओं से कहा, "प्रिय युवाओं, मैं आप से आग्रह करता हूँ कि इस सभा में जिसने सैकड़ों लोगों को एक साथ लाया है ताकि येसु ख्रीस्त में अपने विश्वास पर चिंतन कर सकें और अपनी मूल संस्कृति को मना सकें, मैं अपील करता हूँ कि यह निमंत्रण का प्रत्युत्तर देने, युवाओं को सम्बोधित करने, इतिहास के प्रति कृतज्ञ होने तथा चुनौतियों का सामना करने के लिए साहसी बनने तथा एक अलग दुनिया के निर्माण की उम्मीद से आगे बढ़ने का अवसर बने।"

मूल से ही शक्ति मिलती है

संत पापा ने कहा कि अपनी संस्कृति में बने रहते हुए अपने मूल पर ध्यान दें क्योंकि मूल से ही शक्ति मिलती है जो हमें बढ़ने, समृद्ध बनने एवं फल उत्पन्न करने में मदद देता है। संत पापा ने उन्हें विश्व युवा दिवस के संदर्भ में कलीसिया के आदिवासी चेहरे को सामने लाने की सलाह दी तथा आमघर की देखभाल एवं एक न्यायपूर्ण एवं मानवीय विश्व के निर्माण में सहयोग हेतु प्रतिबद्धता का आह्वान किया।

संत पापा ने कहा, "युवक एवं युवतियाँ, आप अपनी संस्कृति की रक्षा करें, अपने मूल की देखभाल करें किन्तु वहीं न रूक जाएँ। उस मूल को बढ़ने, फूल लगने एवं फल लाने दें।"

उन्होंने उत्सुकता व्यक्त करते हुए कहा कि पनामा में उनसे मुलाकात करना खुशी की बात होगी। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए अपना आशीर्वाद दिया।

19 January 2019, 15:50