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पनामा में क्रूस ढोते युवा व्यक्ति सन्त पापा फ्राँसिस के साथ पनामा में क्रूस ढोते युवा व्यक्ति सन्त पापा फ्राँसिस के साथ  (ANSA)

क्रूस मार्ग की विनती एकात्मता की प्रार्थना, सन्त पापा फ्राँसिस

पनामा में शुक्रवार सन्ध्या सन्त पापा फ्राँसिस ने सान्ता मरिया दे आन्तिग्वा विशाल मैदान में विश्व युवा दिवस में एकत्र लाखों युवाओं के लिये पवित्र क्रूस मार्ग के मुकामों पर चिन्तन एवं प्रार्थना समारोह का नेतृत्व किया। सन्त पापा ने कहा कि क्रूस मार्ग की विनती दुख में एकजुटता की प्रकाशना है। उन्होंने शोकाकुल माँ मरियम को सबका आदर्श प्रस्तुत किया जो प्रभु येसु ख्रीस्त के क्रूस के नीचे खड़ी रही थीं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी


पनामा सिटी, शनिवार, 26 जनवरी 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): केन्द्रीय अमरीकी राष्ट्र पनामा में शुक्रवार सन्ध्या सन्त पापा फ्राँसिस ने सान्ता मरिया दे आन्तिग्वा विशाल मैदान में विश्व युवा दिवस में एकत्र लाखों युवाओं के लिये पवित्र क्रूस मार्ग के मुकामों पर चिन्तन एवं प्रार्थना समारोह का नेतृत्व किया. सन्त पापा ने कहा कि क्रूस मार्ग की विनती दुख में एकजुटता की प्रकाशना है. उन्होंने शोकाकुल माँ मरियम को सबका आदर्श प्रस्तुत किया जो प्रभु येसु ख्रीस्त के क्रूस के नीचे खड़ी रही थीं.   

विश्व युवा दिवसों के दौरान पवित्र क्रूस मार्ग के मुकामों पर चिन्तन और प्रार्थना एक नेक परम्परा बन गई है जिसका पालन करते हुए सान्ता मरिया दे आन्तिग्वा विशाल मैदान में संस्कृति, आध्यत्मिकता एवं भक्तिपूर्ण गीतों के बीच सम्पन्न शुक्रवार का पवित्र क्रूस मार्ग धर्मविधिक समारोह 34 वें विश्व दा दिवस का प्रभावात्मक एवं अविस्मरणीय समारोह सिद्ध हुआ.

सन्त जॉन पौल द्वितीय को श्रद्धान्जलि

पनामा सिटी में सम्पन्न शुक्रवार के पवित्र क्रूस मार्ग धर्मविधिक समारोह में 27 वर्षों तक सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष रहे सन्त जॉन पौल द्वितीय के प्रति श्रद्धान्जलि दी गई जिन्होंने विश्व युवा दिवसों का सिलसिला आरम्भ किया था. क्रूस मार्ग के 14 मुकामों पर वही चिन्तन पढ़ा गया जिसकी रचना सन्त जॉन पौल द्वितीय ने की थी. सन् 1976 में कार्डिनल रहते उन्होंने वाटिकन में परमधर्मपीठीय धर्माधिकारियों के समक्ष इसे प्रस्तुत किया था. पुरोहिताभिषेक के बाद से लेकर सन्त पापा नियुक्त किये जाने तक सन्त जॉन पौल द्वितीय प्रतिदिन क्रूस मार्ग की विनती का पाठ किया करते थे.   

क्रूस मार्ग के 14 मुकामों पर जॉन पौल द्वितीय द्वारा रचित चिन्तन में युवाओं से संलग्न तमाम वास्तविकताओं को शामिल किया गया है. इनमें निर्धन, पर्यावरण का ह्रास, शरणार्थी एवं आप्रवासी, मानवाधिकार, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, गर्भपात, प्रजनन और मातृत्व सम्बन्धी समस्याएं आदि, आदि सभी शामिल हैं. 

पीड़ितों के संग एकात्मता

क्रूस मार्ग पर पिता ईश्वर को सम्बोधित कर सन्त पापा ने प्रार्थना की और विश्वभर के पीड़ितों को याद किया. उन्होंने कहा कि क्रूस मार्ग की विनती पीड़ितों के संग एकात्मता की प्रार्थना है. भु्रभु ख्रीस्त का क्रूस मार्ग उन सब लोगों में ीारी है तमर्तमान विश्व में नाना प्रकार उत्पीड़ित किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "कलवारी की ओर प्रभु येसु मसीह का मार्ग अगाध कष्ट और अकेलेपन का मार्ग था जो हमारे युग में भी जारी है क्योंकि हमने भी, "उदासीनता और निष्क्रियता" के सामने घुटने टेक दिये हैं. धमकाने, उत्पीड़ित करने और डराने की संस्कृति में गिरना कितना आसान है. "उन्होंने कहा कि प्रभु येसु ख्रीस्त की क्रूस यात्रा ऐसे समाज जारी है जिसने रोने और विलाप करने तथा पीड़ा कपीड़ आगे संवेदनशीलता की क्ष खोा खो दी है. 

सन्त पापा ने पिता ईश्वर से आर्त याचना की कि आज की पीढ़ी दृढ़ संकल्प और साहस के साथ अत्याचार एवं दुराचारों की संस्कृति का सामना करे तथा माँ मरियम का आदर्श ग्रहण कर कोमलता, भक्ति और दया के साथ अन्यों के प्रति सम्मान, समझदारी और संवेदनशीलता प्रदर्शित करे.    

26 January 2019, 12:14