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अमरीकी मेक्सिकी सीमा पर बॉर्डर वॉल  का एक चित्र अमरीकी मेक्सिकी सीमा पर बॉर्डर वॉल का एक चित्र  (2019 Getty Images)

आप्रवास का भय हमें पागल बना देता है, सन्त पापा फ्राँसिस

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा है कि आप्रवास का भय हमें कभी-कभी पागल बना देता है। संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा अमरीका एवं मेक्सिको की सीमा पर प्रतिज्ञात दीवार निर्माण तथा प्रवसन करनेवाले आप्रवासियों की नित्य बढ़ती संख्या के बारे में हवाई जहाज़ पर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में सन्त पापा ने कहा, “भय ही हमें पागल कर देता है”।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

पनामा की ओर, गुरुवार, 24 जनवरी 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा है कि आप्रवास का भय हमें कभी-कभी पागल बना देता है. संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा अमरीका एवं मेक्सिको की सीमा पर प्रतिज्ञात दीवार निर्माण तथा प्रवसन करनेवाले आप्रवासियों की नित्य बढ़ती संख्या के बारे में हवाई जहाज़ पर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में सन्त पापा ने कहा, “भय ही हमें पागल कर देता है”.

आप्रवासियों के पक्ष में आवाज़

रोमी काथलिक कलीसिया के प्रथम लातीनी अमरीकी परमाध्यक्ष आर्जेनटीना के सन्त पापा फ्राँसिस ख़ुद एक इताली आप्रवासी परिवार से हैं जिनके पूर्वजों ने आर्जेन्टीना में शरण पाई थी. सम्भवतः यही कारण है कि आप्रवास सन्त पापा फ्राँसिस के लिये एक बहुत ही संवेदनशील विषय रहा है तथा समय-समय पर वे आप्रवासियों तथा अपने घरों से पलायन कर अन्यत्र शरण लेने हेतु बाध्य लोगों की पैरवी करते रहे हैं. पक प्रकार से आप्रवासियों एवं णरणार्थियों की पीड़ा के विरुद्ध आवाज़ उठाना उनका परम मिशन बन गया है.

अमरीका में दीवार सम्बन्धी गतिरोध

ध्यान देने योग्य है कि पनामा में सन्त पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा उस समय हो रही है जब राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमरीकी प्रशासन तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के बीच, अमरीकी-मेक्सिकी सीमा की दीवार से सम्बन्धित, अमरीकी खर्चे पर गतिरोध जारी है.

अमरीकी दीवार के मेक्सिकी छोर पर 2016 में सन्त पापा फ्राँसिस ने "दीवारों का नहीं पुलों के निर्माण" का आह्वान किया था. आप्रवासियों के प्रवेश को रोकने के लिये दीवार बनाने के इच्छुक लोगों के लिये उन्होंने कहा था कि वे ख्रीस्त के अनुयायी नहीं हो सकते.

पनामा के भी हज़ारों युवा संयुक्त राज्य अमरीका जाकर अपने भविष्य निर्माण का स्वप्न संजोये हुए हैं. इस सन्दर्भ में, पनामा के महाधर्माध्यक्ष होसे दोमिंगो ऊल्लोवा ने कहा, "सन्त पापा फ्राँसिस का सन्देश केन्द्रीय अमरीका के उन युवाओं में प्रतिध्वनित होने की संभावना है जो हिंसा और निर्धनता से मुक्त संयुक्त राज्य अमरीका में अपना भविष्य देखते हैं. वे युवा जो प्रायः मादक पदार्थों के तस्करों के चँगुल में फँस जाते तथा दैनिक जीवन में अनेक कटु वास्तविकताओं का सामना करते हैं. "

पनामा के काथलिक धर्माध्यक्षों की उम्मीद है कि सन्त पापा युवाओं से ख़ुद अपने अवसरों के निर्माण का आग्रह करें और साथ ही सरकारों से भी मांग करें कि वे अपनी ओर से युवाओं को बेहतर भविष्य प्रदान करने हेतु ठोस उपाय करें.

रोम के आप्रवासी केन्द्र के किशोरों से मुलाकात

इसी बीच, 23 जनवरी को पनामा यात्रा शुरु करने से पूर्व, सन्त पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के सन्त मर्था प्रेरितिक आवास में युवा शरणार्थियों के एक समूह से मुलाकात कर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया. 13 से 17 वर्ष की आयु वाले ये युवा ताजिकिस्तान, मिस्र, साल्वाडोर तथा वेनेज़ुएला के हैं. स रोम के पेद्रो आरूपे येसु धर्मसमाजी केन्द्र अस्ताल्ली में इन्हें शरण प्रदान की जा रही है. अस्ताल्ली केन्द्र में णरणार्थी परिवार एवं अकेले छूट गये नाबालिग आप्रवासियों को शरण प्रदान की जाती है.  

अस्ताल्ली केन्द्र के अनुसार, बुधवार को सन्त पापा फ्राँसिस के साथ मुलाकात "एक उत्साहपूर्ण क्षण सिद्ध हुआ जिसमें सन्त पापा फ्राँसिस ने उदारतापूर्वक किशोरों की बात सुनी." युवाओं ने सन्त पापा को अपने केन्द्र में आने के लिए भी आमंत्रित किया.

इटली में कई कठिनाइयों के बीच रास्ता खोजते आप्रवासियों के पक्ष में आवाज़ उठाने हेतु अस्ताल्ली केन्द्र ने सन्त पापा फ्राँसिस के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है.  

24 January 2019, 11:39