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पनामा के राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पनामा के राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ   (ANSA)

पनामा में सन्त पापा फ्राँसिस ने की भ्रष्टाचार की निन्दा

पनामा में गुरुवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने सार्वजनिक एवं सरकारी अंचलों में कार्यरत अधिकारियों का आह्वान किया कि वे सादगी, ईमानदारी तथा पारदर्शिता का पालन करते हुए जीवन यापन करें तथा भ्रष्टाचार के उन्मूलन का हर सम्भव प्रयास करें। सन्त पापा ने कहा कि भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिये यह अनिवार्य है कि आज कार्यरत अधिकारी, स्वतः के लिये तथा सम्पूर्ण समाज के लिये ज़िम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करें।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

पनामा सिटी, शुक्रवार, 25 जनवरी 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): केन्द्रीय अमरीकी राष्ट्र पनामा में गुरुवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने सार्वजनिक एवं सरकारी अंचलों में कार्यरत अधिकारियों का आह्वान किया कि वे सादगी, ईमानदारी तथा पारदर्शिता का पालन करते हुए जीवन यापन करें भा भ्रष्टाचार के उन्मूलन का हर सम्भव प्रयास करें. सन्त पापा ने कहा कि भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिये यह अनिवार्य है कि आज कार्यरत अधिकारी, स्वतः के लिये तथा सम्पूर्ण समाज के लिये ज़िम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करें.

भ्रष्टाचार बना रोग

ट्रन्सपेरेन्सी इन्टरनेशनल संगठन का अनुमान है कि पनामा का कम से कम एक प्रतिशत सकल राष्ट्रीय उत्पाद अर्थात् लगभग 60 करोड़ अमरीकी डॉलर 2009 से 2014 तक सत्तारूढ़ रिकार्दो मार्तीनेल्ली की सरकार के दौरान विभिन्न योजनाओं के लिये दी गई रिश्वतों में खो दिया गया था. मार्तीनेल्ली को विगत वर्ष संयुक्त राज्य अमरीका से पनामा प्रत्यर्पित कर दिया गया था ताकि वे राजनीतिक जासूसी और गबन के आरोपों का सामना करें. इसके अतिरिक्त, मार्तीनेल्ली के दो बेटों को संयुक्त राज्य अमरीका में हिरासत में ले लिया गया है, उनपर भी पनामा में ब्राज़ील की निर्माण कम्पनी ओडेब्रेख्ट से लगभग पाँच करोड़ अमरीकी डॉलर रिश्वत लेने का आरोप है. ओडेब्रोख्ट कम्पनी ने भी स्वीकार किया है कि उसने लातीनी अमरीका के विभिन्न राष्ट्रों के सरकारी अधिकारियों को लगभग 80 करोड़ अमरीकी डॉलर रिश्वत के रूप में दी है.

वेनेज़ुएला के लिये प्रार्थना

भ्रष्टाचार के चलते ही मनामा के निकटवर्ती वेनेज़ुएला में चल रहे मौजूदा आंतरिक राजनीतिक संकट पर वैश्विक स्तर तक पहुंचने का ख़तरा मंडरा रहा है. रीका सहित कई देश वेनेज़ुएला के विपक्षी नेता हुआन गोइदो को समर्थन देने की बात कर रहे हैं तो ू रूस और चीन जैसे देश मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पक्ष में खड़े हो गए हैं. अमरीका, कनाडा, ब्राज़ील, कोलोम्बिया और आर्जेन्टीना से गोइदो को समर्थन मिलने के बाद देश में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन और अधिक हिंसक हो गए हैं. यूरोपीय संघ ने भी वेनेज़ुएला में फिर से चुनाव कराए जाने की मांग की है.

पड़ोसी देश वेनेज़ुएला की नाज़ुक स्थिति की पृष्ठभूमि में गुरुवार को पनामा के राष्ट्रपति भवन में सन्त पापा फ्राँसिस ने राष्ट्रपति हुवान कारलोस वारेला सहित राष्ट्र के कूटनीतिज्ञों एवं वरिष्ठ सरकारी एवं नागर अधिकारियों से मुलाकात की. सन्त पापा ने, यहाँ, वेनेज़ुएला संकट पर टीका नहीं की, तथापि, वाटिकन के अन्तरिम प्रवक्ता आल्लेसान्नद्रो गिसोत्ती ने पत्रकारों से कहा कि सन्त पापा वेनेज़ुएला की स्थिति पर दृष्टि लगाये हुए हैं तथा वेनेज़ुएला के लोगों के लिये प्रार्थना कर रहे हैं ताकि उन्हें और अधिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि परमधर्मपीठ जनता की पीड़ा को समाप्त करने के हर प्रयास का समर्थन करती है. ग़ौरतलब है कि वेनेज़ुएला के काथलिक धर्माध्यक्ष राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के समाजवादी शासन की मुक्त रूप से आलोचना करते रहे हैं किन्तु परमधर्मपीठ के साथ अभी भी वेनेज़ुएला की सरकार के सम्बन्ध बरकरार हैं.

निष्ठा, ज़िम्मेदारी एवं पारदर्शिता का आग्रह

गुरुवार को पनामा में अपनी यात्रा के कार्यक्रमों का सिलसिला आरम्भ करते हुए सर्वप्रथम सन्त पापा फ्राँसिस ने राष्ट्रपति हुवान कारलोस के साथ राष्ट्रपति भवन में वैयक्तिक मुलाकात की. गोपनीयता के सिद्धान्त का पालन करते हुए मुलाकात का विवरण प्रकाशित नहीं किया गया है. राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के परिजनों एवं यहाँ कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सन्त पापा का साक्षात्कार कर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई, उपहारों का आदान प्रदान हुआ और इसके बाद सन्त पापा ने राष्ट्र के गणमान्य नेताओं, कूटनीतिज्ञों तथा नागर समाज के प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया. उन्होंने उनसे अपने कार्यों के प्रति निष्ठा, ज़िम्मेदारी एवं पारदर्शिता का आग्रह किया.

25 January 2019, 11:41