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बन्दी युवाओं के साथ धर्मविधिक समारोह बन्दी युवाओं के साथ धर्मविधिक समारोह   (ANSA)

बन्दी युवाओं के साथ धर्मविधिक समारोह

केन्द्रीय अमरीकी राष्ट्र पनामा के “लास गारसास दे पेकोरा” प्रमुख युवा कारावास के क़ैदियों के लिये शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने भावपूर्ण पश्चाताप की धर्मविधि समारोह का नेतृत्व किया। वाटिकन के अधिकारियों के अनुसार, यह समारोह युवा क़ैदियों के हित में आयोजित किया गया था जो पनामा में आयोजित 34 वें विश्व युवा दिवस के विविध समारोहों में शरीक नहीं हो सके थे।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

पनामा सिटी, शनिवार, 26 जनवरी 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): केन्द्रीय अमरीकी राष्ट्र पनामा के “लास गारसास दे पेकोरा” प्रमुख युवा कारावास के क़ैदियों के लिये शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने भावपूर्ण पश्चाताप की धर्मविधि समारोह का नेतृत्व किया. वाटिकन के अधिकारियों के अनुसार, यह समारोह युवा क़ैदियों के हित मेंित किया गया था जो पनामा में आयोजित 34 वें विश्व युवा दिवस के विविध समारोहों में शरीक नहीं हो सके थे.

पनामा में सन्त पापा फ्राँसिस

विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस 23 जनवरी को रोम से पनामा में अपनी पाँच दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये रवाना हुए थे. पनामा में सन्त पापा फ्राँसिस की यह पहली तथा इटली से बाहर 26 वीं प्रेरितिक यात्रा है. यात्रा के प्रथम दो दिन उन्होंने पनामा के राजनीतिज्ञों, धर्माध्यक्षों एवं युवाओं को अपना सन्देश दिया. राजनीतिज्ञों से उन्होंने भ्रष्टाचार को दूर करने तथा ज़िम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों के निर्वाह का आग्रह किया. धर्माध्यक्षों को उन्होंने समर्पण के साथ अपनी प्रेरिताई को अन्जाम देने के लिये आमंत्रित किया तथा युवाओं को, चुनौतियों के बावजूद साहसपूर्वक, आशा और विश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ने हेतु प्रेरित किया.

केन्द्रीय अमरीका में प्रेरितिक यात्रा के दूसरे चरण में, शनिवार को, सन्त पापा फ्राँसिस राष्ट्र के काथलिक पुरोहितों, धर्मबहनों एवं गुरुकुल छात्रों की ओर अपना ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं. पनामा सिटी के पुरातन क्षेत्र स्थित “सान्ता मरिया ला आन्तिग्वा” नामक मरियम महागिरजाघर में वे काथलिक धर्मसमाजियों एवं धर्मसंघियों के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे और उसके बाद शनिवार सन्ध्या से शुरु रात्रि जागरण की धर्मविधि की अध्यक्षता करेंगे. रविवार, 27 जनवरी को पनामा में सन्त जॉन पौल्दितीय को समर्पित विशाल मैदान में्रीस्तयाग अर्पित कर 34 वें विश्व युवा दिवस का विधिवत समापन करेंगे.

कोई भी वंचित नहीं

कोई भी व्यक्ति ईश्वर की दया से वंचित नहीं किया जा सकता, इस दृढ़ विश्वास को साकार करते हुए शुक्रवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने “लास गारसास दे पेकोरा” प्रमुख युवा कारावास के पाँच क़ैदियों का पापस्वीकार सुना तथा उन्हें पुनर्मिलन संस्कार की आशीष प्रदान की. पत्रकारों ने बताया कि सन्त पापा के साक्षात्कार के बाद युवा क़ैदी फूट-फूट कर रोये. पनामा सिटी के बाहर काँटेदार तार से घिरे बन्दीगृह के भीतर समारोह के शुरु होने पर कैद़ी लूईस ऑस्कर मार्तीनेज़ ने कहा, "आज जिस स्वतंत्रता का मैं अनुभव कर रहा हूँ उस विचित्र क्षण के वर्णन के लिये मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं."  

क़ैदियों को भी मौका   

कारावास में युवा क़ैदियों से मुलाकात सन्त पापा फ्राँसिस की पनामा यात्रा का एक भावनात्मक प्रकाशस्तम्भ सिद्ध हुआ. साथ ही काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष के इस विश्वास की प्रकाशना हुई दूसरों की तरह क़ैदी भी मानव प्रतिष्ठा और गरिमा के पात्र हैं. ईश्वरीय करुणा एवं आशा से उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता.      

कारावास में उच्चरित शब्दों में सन्त पापा ने खेद व्यक्त किया कि समाज का झुकाव लोगों पर भले और बुरे, धर्मी और पापी जैसे लेबल लगाने में लगा रहता है जबकि उसे लोगों के मनपरिवर्तन हेतु अवसरों को उत्पन्न करने में अपना समय व्यतीत करना चाहिये. उन्होंने कहा, "यह रवैया सब कुछ खराब कर देता है, क्योंकि यह एक अदृश्य दीवार खड़ी कर देता जो लोगों को इस भ्रम में डाल देती है कि यदि हम इन लोगों को हाशिये पर रख दें, उन्हें समाज से अलग कर दें तो हमारी सारी समस्याएं जादुई तरीके से हल हो जायेंगी. "

समावेश की आवश्यकता

प्रेरितिक यात्राओं के दौरान कारावासों में क़ैदियों से मुलाकात करना सन्त पापा फ्राँसिस की परम्परा बन गई है. विगत वर्ष उन्होंने काथलिक कलीसिया की धर्मशिक्षा में संशोधन कर प्राणदण्ड को हर हालत में अनुचित एवं अस्वीकार्य निरूपित किया था. उनका विश्वास है कि क़ैदी बदल सकते हैं उन्हें पुनर्वास का मौका दिया जाना चाहिये. समावेश की आवश्यकता का संकेत देते हुए “लास गारसास दे पेकोरा” प्रमुख युवा कारावास के क़ैदियों ने वही सफेद टी-शर्ट्स धारण की थी जिसे पहने पनामा सिटी में जारी 34 वें विश्व दिवस के लाखों युवाओं को देखा जा सकता है.

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा, "समाज तभी फलदायी होता है जब वह समावेश और एकीकरण तथा देखभाल और अवसरों की प्रक्रियाओं को उत्पन्न करने में सक्षम हो जिससे युवाओं को नये विकल्प मिलें और वे शिक्षा एवं रोज़गार द्वारा समुदाय के भविष्य का निर्माण करने में योगदान दे सकें ".

समाचारों में बताया गया कि कारावास में सन्त पापा फ्राँसिस की भेंट के उपरान्त शुक्रवार को 11 युवा क़ैदियों को क्षमादान प्रदान कर रिहा कर दिया गया.

"लास गारसास दे पेकोरा" प्रमुख युवा कारावास में 150 युवा क़ैदियों को रखा गया है जिनमें से कुछ हत्या का दण्ड भोग रहे हैं. पनामा में उक्त कारावास को आदर्श सुधारगृह माना जाता है जिसका निर्माण 2011 में पनामा के एक अन्य बन्दीगृह में आग लगने के बाद किया गया था. आगजस आगजनी में पाँच नाबालिगों की मौत हो गई थी. पनामा में युवा जेल ण्रणाली की सर्वाधिक गम्भीर त्रासदी कही जाने वाली इसघटना के बाद कारावास प्रशासन एवं पुलिस सहित नौ व्यक्तियों को हत्या और लापरवाही का दोषी ठहराया गया था.  

26 January 2019, 12:04