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तेलेपाचे टेलेविज़न नेटवर्क के मीडिया कर्मियों को सन्त पापा का सन्देश तेलेपाचे टेलेविज़न नेटवर्क के मीडिया कर्मियों को सन्त पापा का सन्देश  (ANSA)

आवाज़हीन की आवाज़ बनने का तेलेपाचे टी.वी. से आग्रह

सन्त पापा फ्राँसिस ने गुरुवार को इताली काथलिक टेलेविज़न नेटवर्क “तेलेपाचे” की चालीसवीं वर्षगाँठ पर केन्द्र में कार्यरत लगभग 140 अधिकारियों, सहयोगियों एवं मीडियाकर्मियों से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश दिया तथा उनसे आग्रह किया कि वे उन लोगों की आवाज़ बनें जिनकी कोई सुनवाई नहीं होती है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 14 दिसम्बर 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने गुरुवार को इताली काथलिक टेलेविज़न नेटवर्क “तेलेपाचे” की चालीसवीं वर्षगाँठ पर केन्द्र में कार्यरत लगभग 140 अधिकारियों, सहयोगियों एवं मीडियाकर्मियों से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश दिया तथा उनसे आग्रह किया कि वे उन लोगों की आवाज़ बनें जिनकी कोई सुनवाई नहीं होती है.

तेलेपाचे की स्थापना

सन् 1979 ई. में इटली के वेरोना शहर में "तेलेपाचे" इताली काथलिक टेलेविज़न नेटवर्क की स्थापना की गई थी. इसके प्रसारण में सन्त पापा के आम दर्शन समारोह, रविवारीय देवदूत प्रार्थना एवं सन्त पापा की आशीष, रोज़री माला विनती तथा सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में आयोजित धर्मविधिक समारोहों का सीधी प्रसारण शामिल है.

आवाज़हीनों की आवाज़

सन्त पापा फ्राँसिस ने तेलेपाचे के अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों को स्मरण दिलाया कि उनका प्रमुख लक्ष्य "उन लोगों की आवाज़ बनना है जिनके पास आवाज नहीं है". उन्होंने कहा कि आज जब अपव्यय की संस्कृति अधिकाधिक लोगों की आवाज़ को बन्द कर रही है आवाज़विहीनों की आवाज़ बनने की नितान्त आवश्यकता है.

संचार की शक्ति को "निकटता" रूप में परिभाषित कर सन्त पापा ने कहा कि संचार के साधन ईश्वर द्वारा हमें मिले वरदान हैं किन्तु इसके साथ में गम्भीर ज़िम्मेदारियाँ भी जुड़ी हैं इसलिये इन्हें ऐसे साधन बनाये जायें जो अन्यों की "परवाह करें, सान्तवना दें, चंगाई प्रदान करें और उनके साथ-साथ चलकर उनके संग जीवन का समारोह मनायें.

आध्यात्मिकता के ऐनटेन्ना बनें

सन्त पापा ने उक्त टेलेविज़न नेटवर्क के अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों से आग्रह किया कि वे प्रभु ईश्वर के करुणामय प्रेम का स्मरण कर अपने पड़ोसी, क़ैदी एवं प्राणदण्ड की प्रतीक्षा करते व्यक्तियों के साथ रहकर आध्यात्मिकता के एनटेन्ना बनें. स सन्दर्भ मेंन्होंने टेक्साज़ के दो युवाओं के साथ उनके अन्तिम क्षणों में रहने की तेलेपाचे की पहल की सराहना की और इसे "उदारता की आध्यात्मिकता" की संज्ञा प्रदान की.

टेलेविज़न नेटवर्क तेलेपाचे द्वारा सुसमाचार पर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों की भी सन्त पापा ने सराहना की और कहा कि न्यायसंगत एवं शान्तिपूर्ण सहअस्तित्व वाले समाज के निर्माण के लिये प्रभु ख्रीस्त के सुसमाचार के मर्म को समझना नितान्त आवश्यक है.  

14 December 2018, 11:42