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बच्चों के साथ जन्मदिन का केक काटते हए संत पापा फ्राँसिस बच्चों के साथ जन्मदिन का केक काटते हए संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा द्वारा संत मार्था बाल चिकित्सालय के कर्मचारियों को बधाई

संत पापा फ्राँसिस ने संत मार्था बाल चिकित्सालय के कर्मचारियों और उनके परिवारों को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। क्रिसमस की बधाई दी। संत पापा के जन्म दिन के लिए केक प्रस्तुत किया गया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 17 दिसम्बर 2018 (वाटिकन न्यूज) : रविवार 16 दिसम्बर को संत पापा फ्राँसिस ने संत पापा पौल छठे सभागार में संत मार्था बाल चिकित्सालय के करीब 800 लोगों से मुलाकात कर क्रिसमस की बधाई दी, जिनमें डॉक्टर, नर्स, स्वयंसेवक, बीमार बच्चे और उनके परिवार शामिल थे।

बच्चे हमें नम्र बनना सिखाते हैं

संत पापा ने कहा कि अगर माता मरिया रोम में जीवन व्यतीत करतीं तो जरुर ही वे येसु को इसी चिकित्सालय में दिखाने लाती। संत पापा ने इस बात पर गौर किया कि बच्चों के साथ काम करना आसान नहीं है, पर यह हमें एक चीज सिखाती है। व्यक्तिगत रुप से मुझे एक चीज सिखाती है वह यह है कि जीवन की सच्चाई को जानने के लिए हमें उसी प्रकार झुकना पड़ता है जैसा कि हम एक बच्चे का चुम्बन लेने के लिए झुकते हैं। बच्चे हमें नम्र बनना सिखाते हैं। घमंडी लोग जीवन की सच्चाई को समझ नहीं सकते क्योंकि वे अपने आप को झुकाना नहीं चाहते हैं।

संत पापा ने अपनी बातों को जारी रखते हुए कहा,"हम सभी" "डॉक्टर, नर्स, आयोजक, धर्मबहनें बच्चों को बहुत सारी चीजें देते हैं, लेकिन वे हमें यह सीख देते हैं, खुद को नम्र बनाये रखना। अपने आप को दीन बनायें, विनम्र बनें और इस तरह आप जीवन और लोगों को समझना सीखेंगे। और आप सभी में खुद को नम्र बनाये रखने की क्षमता है।”

क्रिसमस और जन्म दिन की बधाई

सोमवार 17 दिसम्बर संत पापा का 82वां जन्म दिन पर संत पापा को बधाई देने हेतु एक विशाल केक लाया गया। संत पापा ने सभी को ख्रीस्त जयंती की शुभकामनाएँ देने के बाद जन्मदिन का केक काटते समय मजाक करते हुए कहा,“मुझे आशा है कि इतने विशाल केक से किसी को बदहजमी न हो जाए।”

संत मार्था बाल चिकित्सालय करीब 90 वर्षों से जरुरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती आ रही है। यह चिकित्सालय वाटिकन में संत पापा के प्रेरितिक निवास संत मार्था से पत्थर फेंकने की दूरी पर स्थित है। इसकी स्थापना संत पियुस ग्यारहवें ने सन् 1922 में की थी।

17 December 2018, 16:11