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जोर्जियो ला पीरा संस्थान के सदस्यों संग संत पापा जोर्जियो ला पीरा संस्थान के सदस्यों संग संत पापा  (ANSA)

'राजनीति मानवता और पवित्रता के प्रति प्रतिबद्धता', संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 23 नवम्बर को इतालवी और अंतरराष्ट्रीय राजनेताओं के लिए एक जुझारु और कर्तव्यनिष्ट कार्यकर्ता धन्य जोर्जियो ला पीरा को एक आदर्श के रुप में पेश किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 24 नवम्बर 2018 (वाटिकन रेडियो, रेई) : "एक समय जब इतालवी और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक जीवन की जटिलता के लिए पर्याप्त मानवीय और ख्रीस्तीय राजनेताओं की आवश्यकता होती है," ऐसे समय में धन्य जोर्जियो ला पिरा कलीसिया और वर्तमान समय के लिए एक आदर्श मॉडल है। संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में "जोर्जियो ला पीरा संस्थान" के 200 सदस्यों को संबोधित किया।

धन्य जोर्जियो ला पीरा

इस साल संत पापा फ्राँसिस ने जोर्जियो ला पीरा को धन्य घोषित करने के लिए मंजूरी दे दी। धन्य जोर्जियो ला पीरा ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के वर्षों में एक काथलिक सांसद और फिर 1966 तक फ्लोरेंस के मेयर के रुप में अपनी सेवा प्रदान की। वे सुसमाचार प्रचार और सामाजिक लड़ाइयों में शांति कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए फ्लोरेंस सीमाओं और अन्य राज्यों में भी अच्छी तरह जाने जाते थे।

संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने भी कई बार जोर्जियो ला पीरा को याद किया था। उन्होंने "राजनेता और विश्वासी के रूप में असाधारण अनुभव को दर्शाया तथा गरीबों और पीड़ितों को प्राथमिकता दी। वे सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच मनन-ध्यान और प्रार्थना को एकजुट करने में सक्षम थे।"

अपने संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने ला पीरा को "सुसमाचार के लिए उत्साही गवाह और आधुनिक समय के एक भविष्यवक्ता" के रूप में वर्णित किया। उनका दृष्टिकोण हमेशा एक ख्रीस्तीय परिप्रेक्ष्य से प्रेरित था, जबकि उनकी गतिविधियाँ अक्सर उनके समय से पहले की थीं।

संत पापा ने ला पीरा के सामाजिक और धार्मिक कार्यों का उल्लेख किया। पचास वर्ष की उम्र में वे फ्लोरेंस के महापौर बने और सामाजिक कार्यों में हमेशा समाज के कमजोर और निम्न वर्ग के लोगों को प्रथम स्थान दिया। काथलिक कलीसिया की जरुरतों को पूरा करने के लिए राजनैतिक मार्ग को खुला रखा।

उन्होंने फासीवादी शासन द्वारा सताये जाने पर वाटिकन में शरण ली। वहाँ उन्होंने संविधान सभा में शामिल होकर इतालवी संविधान का प्रारुप तैयार करने में योगदान दिया।

संत पापा ने सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देने के लिए ला पीरा के काम को भी समर्थन दिया। उन्होंने  वियतनाम में युद्ध के समय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के राजनयिक गतिविधि में भाग लिया और परमाणु युद्ध के खिलाफ एक मजबूत रुख अपनाया।

सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वालों के आदर्श

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि धन्य जोर्जियो शांति और श्रमिकों के सामूहिक भलाई के लिए काम करने वालों के आदर्श हैं। आज कलीसिया और समाज में धन्य जोर्जियो के समान एक जुझारु और कर्तव्यनिष्ट कार्यकर्ताओं की जरुरत है। उन्होंने वहाँ उपस्थित प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे ला पीरा की विरासत को संजोयें रखें। वे "शांति के वाहक, न्याय के शिल्पकार, एकजुटता और उदारता के गवाह" बनें।

24 November 2018, 17:35