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हॉली सेपलकर गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित करते विश्वासी हॉली सेपलकर गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित करते विश्वासी  (AFP or licensors)

उदार कार्यों को प्रार्थना पर स्थापित करें, संत पापा

एक्वेस्ट्रियन ऑर्डर ऑफ द हॉली सेपलकर के शूरवीरों ने अपने सम्मेलन (कोलसुलता) के अंत में संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की जिन्हें संत पापा ने प्रोत्साहन दिया कि वे अपने उदार कार्यों का आधार प्रार्थना को बनायें तथा पीड़ित ख्रीस्तियों की मदद करें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 17 नवम्बर 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को येरूसालेम के एक्वेस्ट्रियन ऑर्डर ऑफ द हॉली सेपलकर के उन प्रतिभागियों से मुलाकात की जिन्होंने 13-16 नवम्बर तक आयोजित 4 दिवसीय महासभा में भाग लिया।    

"कोनसुलता" एक्वेस्ट्रियन ऑर्डर की महासभा है जो हर पाँच साल में आयोजित की जाती है। महासभा में ऑर्डर के प्रतिनिधि रोम में एकत्रित होकर ऑर्डर के मिशन एवं जीवन के सवालों पर विचार-विमर्श करते हैं।   

महासभा के प्रतिभागियों को दिये अपने संदेश में संत पापा ने उन ख्रीस्तियों की दुःखद स्थित पर प्रकाश डाला जो अत्याचार तथा मौत के शिकार हो रहे हैं। संत पापा ने प्रतिभागियों का ध्यान "श्वेत शहादत" की ओर भी आकृष्ट किया जो अधिकतर उन प्रजातंत्रिक देशों में पाया जाता है जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित कर दिया जाता है। 

उन्होंने ऑर्डर के सदस्यों से अपील की कि वे उन लोगों को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह से सहायता प्रदान करें। संत पापा ने ऑर्डर के कार्यों को फिलिस्तीन की धन्य कुँवारी मरियम को समर्पित किया जिनकी वे विशेष भक्ति रखते हैं। 

उन्होंने कहा, "वे एक प्यारी माता हैं तथा ख्रीस्तियों की मदद करती हैं वे उनके लिए प्रभु से बल एवं सांत्वना प्राप्त करती हैं।"

शांति का रास्ता

संत पापा ने एक्वेस्ट्रियन ऑर्डर को कलीसिया की प्रेरिताई में सहयोग देने तथा उनके सांस्कृतिक पहल के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं प्रोत्साहन देता हूँ कि आप लातीनी पैट्रियार्क के साथ, शरणार्थी संकट का सामना करने की अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखें, जो (पूरे मध्य पूर्व में) विगत पाँच सालों से महत्वपूर्ण मानवीय सहायता पहुँचा रहे हैं।"   

संत पापा ने ऑर्डर को हर प्रकार के लोगों के लिए, शैक्षणिक पहलों एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का खुलापन ख्रीस्तीय मूल्यों को पहचानने का मार्ग प्रशस्त करता, अंतरधार्मिक वार्ता, आपसी सम्मान तथा समझदारी को प्रोत्साहन देता है। उन्होंने कहा कि ऑर्डर का कार्य मध्यपूर्व में शांति प्राप्त करने में मददगार है।  

सदस्यों का आध्यात्मिक विकास

एक्वेस्ट्रियन ऑर्डर के सदस्य 30 से अधिक देशों में उपस्थित हैं तथा करीब पूरे विश्व में शिक्षा तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करते हैं। संत पापा ने कहा कि ऑर्डर का पहला उद्देश्य सदस्यों का आध्यात्मिक विकास होना चाहिए। इसके लिए हरेक सदस्य को धार्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए ताकि वे प्रभु के साथ एक अटूट संबंध स्थापित कर सकें, विशेषकर, प्रार्थना, धर्मग्रंथ पर चिंतन तथा कलीसिया के धार्मिक सिद्धांतों के अध्ययन द्वारा।

संत पापा ने सदस्यों से प्रबल आध्यात्मिक जीवन एवं प्रभु के साथ गहरी संयुक्ति बनाये रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह न भूलें कि आप एक परोपकारी संगठन नहीं हैं, जिसका उद्देश्य उन लोगों की भौतिक और सामाजिक स्थिति में सुधार लाना है जिनकी वे मदद करते हैं।"

संत पापा ने कहा कि वे विशेष रूप से पड़ोसियों के प्रति सुसमाचारी प्रेम का साक्ष्य देने के लिए बुलाये गये हैं अतः वे हर जगह भलाई एवं सेवा का साक्ष्य उसी प्रेम से दें जिस प्रेम से ईश्वर हरेक व्यक्ति से प्रेम करते हैं। 

अपने संदेश के अंत में संत पापा ने ऑर्डर के लिए माता मरियम से प्रार्थना की।

 

17 November 2018, 16:46