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कार्डिनल थेयदोर एडगर  मैककारिक कार्डिनल थेयदोर एडगर मैककारिक  (AFP or licensors)

कर्डिनल मैककारिक पर प्रेस विज्ञाप्ति

संत पापा फ्रांसिस द्वारा पूर्व-कार्डिनल थेयदोर एडगर के संबंध में प्रेस विज्ञाप्ति का निर्देश।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्रांसिस के अमेरिकी पूर्व-कार्डिनल थेयदोर एडगर मैककारिस पर लगाये गये आरोपों के संबंध में वाटिकन प्रेस को एक विज्ञाप्ति जारी करने का निर्देश दिया।

विदित हो कि सन् 2017 के सितम्बर महीने में न्यूयार्क महाधर्मप्रांत ने वाटिकन को इस बात से अवगत कराया कि सन् 1970 के करीब कार्डिनल मैककारिस ने एक पुरूष के साथ यौन दुर्रचार किया था। वाटिकन ने इस मुद्दे पर एक गहन छानबीन का निर्देश दिया था जो न्यूयार्क महाधर्माप्रांत के द्वारा पूरी की गई और इसके निर्णयक रिपोर्ट को विश्वास के सिद्धांत हेतु गठिन परमधर्मपीठीय धर्मसंध को भेजा गया था। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संत पापा फ्रांसिस ने कार्डिनल मैककारिस को कार्डिनल मंडल से पदच्युत करने के अलावे उन्हें खुले रुप में धार्मिक अनुष्ठानों में पेश आने भी पाबंदी लगा दी तथा उन्हें प्रार्थना और पश्चताप का निर्देश दिया।

आरोपों की जाँच

कार्डिलन मैककारिक मसले पर वाटिकन का अंतिम निर्णयक आना अभी बाकी है जो समय के साथ जारी किया जायेगा। प्रारंभिक आरोपित दस्तवेजों के संबंध में संत पापा ने अभिलेखाकार विभाग और वाटिकन कार्यालय को इस बात हेतु निर्देशित किया है कि उन पर लगाये गये आरोपों का गहन तथा विस्तृत जाँच-पड़ताल की जाये जिससे सभी प्रासंगिक तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सके।

वाटिकन इस बात से अवगत है कि तथ्यों और परिस्थितियों की जांच से यह उभर सकता है कि यह समकालीन मुद्दों के अनुरूप नहीं होंगे, यद्दपि संत पापा ने कहा है,“हम सच्चाई की राह का चुनाव करेंगे चाहे यह हमें कहीं भी ले चले।” (फिलादेलफिया 27, सितम्बर 2015)

यौन शोषण कलीसिया हेतुु कलंक

संत पापा फ्रांसिस इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि यौन शोषण का आरोप जो अपने में कलीसिया के लिए एक कलंक है, भविष्य में इसकी पुनरावृति न हो जिससे कोई भी अति निर्दोष और संवेदनशील व्यक्ति प्रभावित न हो, हमें इसी रोक-थाम हेतु कड़ा कदम उठाने की आश्वयकता है। इस मुद्दे पर विचार करने हेतु संत पापा फ्रांसिस ने आगामी वर्ष सन् 2019 के फरवरी महीने में विश्व भर के धर्माध्यक्षों की सभा का आहृवान किया है। इस संदर्भ में घोषित ईश्वरीय प्रज्ञा के नाम अपने पत्र में संत पापा ने लिखा है, “इस अपराध के संदर्भ में जिसके कारण बहुतों का जीवन अंधकारमय हो गया, हमें अपने को अवगत करने की जरूरत है, यह हमसे कर्तव्य की मांग करता है, जो ईश प्रजा के प्रति हमारा उत्तदायित्व है। यह हमें अतीत के पापों और गलतियों को स्वीकराने में मददगार सिद्ध होगा, जहाँ हम खुले रुप में पश्चताप करते हुए आंतरिक नवीनकरण को प्राप्त कर सकेंगे।”

08 October 2018, 17:48