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संत पापा फ्रांसिस संत पापा फ्रांसिस  (Vatican Media)

धर्मसभा हमारे हृदयों में कार्य जारी रखें

संत पापा फ्रांसिस ने युवाओं पर चली धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की सफलता पूर्ण समापन हेतु सभों का आभार व्यक्त किया, उन्होंने विशेष रुप से युवाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।

दिलीप संजय  एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा ने धर्मसभा में भाग सहभागी हुए कार्डिनलों और धर्माध्यक्षों के प्रति अपने आभार व्यक्त किये। उन्होंने युवा के प्रति अपने हृदय के उदगार व्यक्त करते हुए कहा, “आप ने धर्मसभा को अपने संगीत से भर दिया।” इसके लिए मैं आप सभों का कृतज्ञ हूँ। अपने धन्यावाद ज्ञापन में संत पापा ने तीन मुख्य बिन्दुओं पर जोर दिया।

धर्मसभा संसद नहीं है

उन्होंने सभों को इस बात की याद दिलाते हुए कहा, “धर्मसभा संसद भवन नहीं है।” बल्कि यह हमारे लिए एक “सुरक्षित स्थल” है जहाँ हम पवित्र आत्मा को अपने में कार्य करने देते हैं। अतः धर्मसभा में बहुत सारी बातों का जिक्र किया गया लेकिन हम कुछ विशेष बातों का ही विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं। संत पापा ने कहा, “हम अपने में यह न भूलें यह पवित्र आत्मा की क्रियाशीलता में पूरी हुई।”   

धर्मसभा हमारे हृदयों में कार्यशील रहे

दूसरी बात पर जोर देते हुए संत पापा ने कहा कि धर्मसभा का परिणाम दस्तावेज नहीं है, बल्कि “धर्मसभा को हमारे हृदय में क्रियाशील रहना है। पवित्र आत्मा हमें दस्तावेज प्रदान करते हैं जिससे वे हमारे हृदयों में संजीव रहे।” उन्होंने कहा, “हम सभी इस दस्तावेज के धारक होते हैं न कि वे लोग जो बाहर हैं। इस दस्तावेज को हमारे जीवन में क्रियाशील बने रहने हेतु हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम उसपर प्रार्थना करें, उसका अध्ययन करें और उसे समझने हेतु ज्योति की याचना करें।”

प्रार्थना और परहेज हमारे हथियार

संत पापा ने कहा, “माता कलीसिया अपने में पवित्र है दस्तावेज इस तथ्य का जिक्र करता है यद्यपि हम उसी संतान अपने में पापी है। “उन्होंने कहा कि हमें दोषी करार देने वाला हमारे पापों को फायदा उठाता है। वर्तमान परिस्थिति में वह हमें और भी अधिक दोषी करार देता है जो प्रताड़ना में तब्दील हो जाती है। यह प्रताड़ना न केवल शारीरिक हिंसा बनती वरन यह कलीसिया की छवि को दूषित करती है। उन्होंने कहा कि ख्रीस्तीय के रुप में हम अपने में पापी, दूषित हैं लेकिन कलीसिया ऐसी नहीं है। यही कारण है “हमें माता कलीसिया की रक्षा करनी है, कलीसिया को शत्रु से हमारी प्रार्थना और परहेज सुरक्षित रखती है।” संत पापा ने कहा, “मैं विश्वासियों से निवेदन करता हूँ कि वे पूरे अक्टूबर महीने में माला विन्ती करते हुए स्वर्गदूत मिखाएल से विन्ती करें। “यह हमारे लिए एक कठिन दौर है क्योंकि शत्रु हमारी माता पर हम सभों के द्वारा ही कलीसिया पर आक्रमण कर रहा है।”  

अंत में संत पापा ने कहा, “इस दस्तावेज को पवित्र आत्मा हम सबों को प्रदान करते हैं, मुझे भी जिससे हम इस पर चिंतन कर सकें कि वे हमारे क्या संदेश देते हैं।”

29 October 2018, 17:13