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मार डेल प्लाटा में जी 20 व्यापार मंत्रियों की बैठक का विरोध मार डेल प्लाटा में जी 20 व्यापार मंत्रियों की बैठक का विरोध  (ANSA)

जी 20 अंतरधार्मिक मंच को संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने 2018 जी20 अंतरधार्मिक मंच को एक संदेश भेजा जिसका आयोजन 26-28 सितम्बर तक अर्जेंटीना के बोयनोस आयरेस में किया गया है। इस सम्मेलन की विषयवस्तु है "सही और सतत् विकास के लिए एक आम सहमति का निर्माण˸ प्रतिष्ठित भविष्य के लिए धार्मिक सहयोग।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

बोयनोस आयरेस में आयोजित जी 20 अंतरधार्मिक मंच, अंतरराष्ट्रीय "ग्रुप ऑफ ट्वेंटी" (जी20) आर्थिक शिखर सम्मेलन की बैठकों के संबंध में पांचवीं वार्षिक घटना है।

जी 20 अंतरधार्मिक मंच के प्रतिभागियों को सम्बोधित कर संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "अंतरधार्मिक सम्मेलन, जी20 शिखर सम्मेलन की बैठक के ढांचे के भीतर, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को उसके विभिन्न धार्मिक एवं दार्शनिक परंपराओं तथा अनुभवों को योगदान देने का प्रस्ताव रखता है ताकि उन मुद्दों पर प्रकाश डाला जा सके जो आज हमारे लिए चिंता के विषय हैं।" 

उन्होंने कहा कि विश्वास के स्त्री और पुरूष उन कठिन परिस्थितियों के प्रति उदासीन नहीं रह सकते जिनमें हमारे कई भाई बहनें तिरस्कृत एवं बिछुड़े हुए हैं, यह भविष्य में मानवता के लिए भी खतरा भी उत्पन्न कर सकता है।  

वार्ता का महत्व

संत पापा ने रेखांकित किया कि रचनात्मक वार्ता, हर किसी को प्रभावित करने वाले सर्वोत्तम समाधानों की तलाश करने के लिए मौलिक है। उन्होंने गौर किया कि वार्ता का अर्थ अपनी पहचान का त्याग नहीं है बल्कि मिलने की इच्छा से बाहर निकलना है, उनके कारणों को समझना तथा सबसे बढ़कर आपसी समृद्धि एवं भाईचारा का विकास है क्योंकि अलग विचार रखने वालों को एक किनारे कर आमघर का निर्माण करना संभव नहीं है।

विश्वासियों की भूमिका

संत पापा ने संदेश में लिखा कि मानव व्यक्ति की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने में विश्वासियों की बड़ी भूमिका है जो ईश्वर पर विश्वास से आता है।

संत पापा ने संदेश में एक नये वार्ता का निमंत्रण दिया है जिसके द्वारा समाज का निर्माण किया जा सके। उन्होंने प्रत्येक प्रतिभागी का आह्वान किया कि वे समस्त मानव परिवार पर चिंता करते हुए आमघर की रक्षा करें।

27 September 2018, 15:19