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चीन की कलीसिया चीन की कलीसिया  (AFP or licensors)

संत पापा, चीन के साथ समझौता एकता को बढ़ावा

बुधवारीय आम दर्शन के अंत में संत पापा फ्राँसिस ने 22 सितम्बर को बीजिंग में चीन गणराज्य और परमधर्मपीठ के साथ अस्थायी समझौते पर हस्ताक्षर करने का उद्देश्य, सुसमाचार की घोषणा को बढ़ावा देना और चीन में काथलिक समुदाय में एकता स्थापित करना बताया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 26 सितम्बर 2018 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने आम दर्शन के समारोह में उपस्थित तीर्थयात्रियों और विश्वासियों से प्रार्थना की अपील करते हुए कहा कि चीन में धर्माध्यक्षों की नियुक्ति पर परमधर्मपीठ और गणतंत्र चीन के बीच का समझौता, पिछले घावों को ठीक करने और एकता को बढ़ावा देने में मददगार हो।

चीनी काथलिकों की भलाई

संत पापा ने कहा  कि यह "समझौता" वार्ता के एक लंबे और विचारशील मार्ग का फल है, जिसका लक्ष्य परमधर्मपीठ और चीनी अधिकारियों के बीच सकारात्मक सहयोग को बढ़ावा देना जिससे चीन में काथलिक समुदाय की भलाई और संपूर्ण समाज में एकता हो।"

इसी भावना में उन्होंने चीन के काथलिकों और पूरी विश्वव्यापी कलीसिया को भाईचारे के प्रोत्साहन का संदेश भेजने का फैसला किया।

घावों की चंगाई एवं एकता को बढ़ावा

संत पापा उम्मीद करते हैं कि इस समझौते द्वारा, "चीन में एक नये चरण की शुरुआत की जा सकती है, जो अतीत के घावों को ठीक करने, सभी चीनी काथलिकों के बीच पूर्ण सहभागिता को फिर से स्थापित करने और नई प्रतिबद्धता के साथ सुसमाचार की घोषणा करने में मदद करेगा।

प्रार्थना

संत पापा ने वहाँ उपस्थित प्रतिभागियों को प्रार्थना करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपते हुए कहा,“ उन्होंने कहा, "हम चीन के हमारे भाइयों और बहनों के साथ दोस्ती और प्रार्थना करने के लिए बुलाये गये है।" उन्होंने कहा, "उन्हें मालुम हो कि वे अकेले नहीं हैं, पूरे विश्व की कलीसिया उनके साथ है और उनके लिए प्रार्थना करती है।"  

संत पापा ने ‘आशा की माता’ और ‘ख्रीस्तियों की सहायिका’ पवित्र कुवांरी माता मरियम से प्रार्थना करने का आग्रह किया कि वे "चीन में सभी काथलिकों को आशीर्वाद दें और उन्हें अपने संरक्षण में रखें। उन्होंने पूरे चीन के लोगों पर ईश्वर की शांति की कामना करते हुए अपने संदेश को विराम दिया।

26 September 2018, 18:07