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युवाओं के साथ संत पापा फ्राँसिस युवाओं के साथ संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

संत पापा युवाओं से : येसु की कोमलता का हिस्सा बनें

संत पापा फ्राँसिस विलनुस में युवाओं से मुलाकात कर कहा कि वे जीवन में आने वाली हर कठिनाइयों का सामना करें और येसु की कोमलता का हिस्सा बनें।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

विलनुस, रविवार,23 सितम्बर 2018(रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने बाल्टिक देशों की अपनी प्रेरितिक यात्रा के पहले दिन लिथुवानिया के विलनुस महागिरजाघर के प्राँगण में एकत्रित युवाओं से मुलाकात की। युवाओं के प्रतिनिधि के रुप में जुनास और मोनिका ने अपने जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किये।

संत पापा ने जुनास और मोनिका जीवन साक्ष्य के लिए धन्यवाद दिया और कहा, "आपकी जिन्दगी थियेटर का एक भाग नहीं है; वे असली और ठोस हैं,  यदि जीवन थियेटर या वीडियो गेम का एक भाग होता, तो यह एक निश्चित समय तक ही सीमित होता। इसकी शुरुआत होती और अंत हो जाता और पर्दा गिर जाता। संत पापा ने कहा कि हमारे जीवन की धड़कन तो ईश्वर की इच्छा और योजना के मुताबिक चलती है। हमारे जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं।"

कभी हार मत मानो

मोनिका और जुनास के साक्ष्य पर युवाओं का ध्यान आकर्षित कराते हुए संत पापा ने कहा कि उनके कठिनाइयों में मोनिका के पिता की मृत्यु और जुनास की बीमारी शामिल थी, जो उनके लिए विनाशकारी हो सकती थी। "फिर भी आप यहां हैं, अपने अनुभव को साझा कर रहे हैं, इसे विश्वास की आंखों से देख रहे हैं।"

संत पापा ने युवाओं से कहा कि कई बार "जब आपको लगता है कि आप अकेले हो गये हैं, कठिनाइयों में घिर गये हैं और आपको लगता है कि इनसे उपर उठना और नई शुरुआत करना असंभव लगता है तो आप अपने इस महागिरजाघर के बारे सोचें। महागिरजाघर को नष्ट करने के लिए कितनी बार आग लगाई गई परंतु हर बार लोगों ने इसका पुनर्निर्माण किया। इसके लिए उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा परंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आप भी अपने जीवन की कठिनाइयों से कभी हार न मानें।”   

 आपसी संबंध

संत पापा फ्राँसिस ने युवा लोगों के जीवन में अपने दोस्तों, परिवार और समुदाय  के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "दुनिया आपको यह विश्वास दिलाना चाहती है कि आप अकेले सबकुछ करने की क्षमता रखते हैं, आपको दूसरों की जरुरत नहीं है। आप अकेले भी खुश रह सकते हैं। पर आप दुनिया के इस प्रलोभन नें आप न पड़ें। कुछ समय के लिए आपको खुशी मिल सकती है, आपको अस्थायी सफलता हासिल हो सकती है। इसमें आपका स्वार्थ है। आप इससे उपर आयें क्योंकि हम अकेले कभी रह नहीं सकते। हम सभी एक दूसरे से  "नेटवर्क" की तरह जुड़े हुए हैं। हमारी पहचान लोगों के साथ रहने में होती है। यह पहचान प्रयोगशाला का परिणाम नहीं है, यह परीक्षण ट्यूब से जुड़ा नहीं है। हम में से प्रत्येक को पता है कि लोगों के साथ रहना कितना अच्छा लगता है। हालांकि इसके लिए आपको अपना समय देना और कभी कभी परेशानियों का सामना करना भी पड़ सकता है। अन्य लोगों की जरुरतों का ध्यान रखते हुए आपकी सहभागिता आपको पवित्रता  की ओर अग्रसर करती है।”

दो युवा लोगों के साक्ष्य का फिर से जिक्र करते हुए, संत पापा ने दूसरों की मदद करने की उनकी इच्छा की सराहना की, और कहा कि दूसरों की मदद करने के बदले में उन्हें समर्थन मिला और उन्होंने अपनी कठिनाइयों को परिप्रेक्ष्य में रख पाया। संत पापा ने कहा कि जब हम अपने से कमजोर और निसहाय लोगों को देखते हैं और उनकी मदद करते हैं तो उनकी कठिनाइयों के सामने हमारी कठिनाइयाँ छोटी लगती हैं और उनसे उबरने में हमें मदद मिलती है।

संगीत और प्रार्थना

संत पापा ने कहा कि दोनों युवाओं ने भी अपनी पल्लियों में संगीत दल में अपनी सहभागिता, परिवारों में प्रार्थना करने और पल्लियों में धर्मशिक्षा और पवित्र मिस्सा में भाग लेने के बारे साझा किया था। पल्ली में प्रार्थना करना और कामों में सहयोग देना हमारे अकेलेपन को दूर करता है। ईश्वर को जानने की इच्छा ने आपको अपने आप से बाहर निकाला और आपने ईश्वर की नजरों से जीवन को देखना शुरु किया।

संत पापा ने वहाँ एकत्रित सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जब येसु हमें अपनी कोमलता का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं, अपने आप से बाहर निकलने का आहवान देते हैं तो हमें उनपर भरोसा रखते हुए, बिना डर उनका आमंत्रण स्वीकार करना चाहिए। येसु हमारे जीवन चौराहे में हमें कभी अकेला नहीं छोड़ते। हमारे जीवन रुपी नौका की पतवार थामें रहते हैं। यहाँ तक कि हमारा जीवन जलकर राख हो जाता है पर वे फिर से नये जीवन की शुरुआत करने के लिए हमारे साथ रहते हैं।

23 September 2018, 15:24