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यूरोपीय युवा येसु समाजियों से मुलाकात करते संत पापा यूरोपीय युवा येसु समाजियों से मुलाकात करते संत पापा  (ANSA)

बेरोजगारों की मदद करें, येसु समाजियों से संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन में आमदर्शन समारोह के पूर्व, रोम में "यूरोपीय युवा येसु समाजियों के मिलन" कार्यक्रम में भाग ले रहे येसु समाजियों से मुलाकात की। उन्होंने अपने संदेश में बेरोजगारी दूर करने तथा उसके लिए येसु समाजियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 2 अगस्त 18 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने यूरोपीय युवा येसु समाजियों से कहा कि एक ऐसी दुनिया जहाँ एक अस्पष्ट एवं क्रूर धन सब कुछ के केंद्र में है, हम वहाँ व्यक्ति को जगह दें क्योंकि मानव प्रतिष्ठा के विरूद्ध सबसे बड़ा पाप है व्यक्ति को केंद्र से हटा देना।    

वाटिकन स्थित पौल षष्ठम सभागार में 1 अगस्त को, 30 युवा येसु समाजियों ने संत पापा से मुलाकात की जो 28 जुलाई से 18 अगस्त तक यूरोपीय युवा मिलन कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

कार्य ही प्रतिष्ठा है

बेरोजगार युवाओं से किस तरह व्यवहार करना एवं उनका साथ देना चाहिए? इस सवाल के उत्तर में संत पापा ने कहा कि "यह युवाओं के लिए एक सबसे कठिन एवं दर्दनाक समस्या है क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन का केंद्र है। बेरोजगारी के कारण, घर में भोजन नहीं जुटा पाना, प्रतिष्ठा को धूमिल कर देता है।"

संत पापा ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था की एक संरचना है, जो धन को प्राथमिकता देता है। संत पापा ने कहा कि उसके केंद्र में व्यक्ति को होना चाहिए। आज सबसे बड़ा पाप है व्यक्ति की प्रतिष्ठा को केंद्र से हटा देना।

आत्महत्या

संत पापा ने कहा कि आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़ रही है। लोग क्यों आत्महत्या करते हैं? इसका मुख्य कारण है रोजगार का अभाव। रोजगार के अभाव में वे अपने जीवन को बेकार समझने लगते तथा उसका अंत कर बैठते हैं।

बुरी लतों में पड़ना

बेरोजगारी के कारण युवा नशापान जैसी बुरी आदतों में पड़ते हैं जो अपनी प्रतिष्ठा की कमी के दर्द से दूर भागने का प्रयास है।

संत पापा ने नशीली पदार्थों का व्यापार करने वालों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि विश्व में इसका एक बड़ा उद्योग है जो युवाओं को नशीली पदार्थों की लत में पड़ने का अवसर देता है और वह इसमें बहुत अधिक पैसा कमाता है।

आतंकवादी दलों की ओर झुकाव

संत पापा ने बेरोजगारी को आतंकवादी दलों की ओर झुकाव का कारण बलताया। उन्होंने कहा, आज काम के अभाव के कारण युवाओं के लिए तीन विकल्प हैं, आत्महत्या, बुरी आदतें एवं आतंकवादी दल।

संत पापा ने येसु समाजियों को सलाह दी कि वे युवाओं की समस्याओं को समझें और उनसे बात करें, उसके बाद समस्या के समाधान हेतु आगे बढ़ें। इसके लिए उन्हें सही शब्दों का चयन करने, मानवविज्ञान की खोज करने एवं अपना हाथ गंदा करने से नहीं डरना है।

संत पापा पौल षष्ठम एवं फादर अरूपे

संत पापा ने यूरोपीय युवा येसु समाजियों का आह्वान किया कि वे साहसपूर्ण रचनात्मकता को अपनायें तथा इस विकट समस्या के समाधान हेतु प्रयास करें।

उन्होंने येसु समाज के मूल की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए इसमें निहित विविधता में एकता को प्रकट किया। उन्होंने उन्हें धन्य संत पापा पौल षष्ठम द्वारा येसु समाजियों को दिये गये संदेश का स्मरण दिलाया जिसमें उन्होंने धर्मसमाज की 32वीं महासभा में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सम्बोधित किया था। उन्होंने कहा था कि जहाँ विचारों, समस्याओं और चुनौतियों का आदान-प्रदान होता है वहाँ येसु समाजी होते हैं। संत पापा ने संत इग्नासियुस, संत पीटर फाबेर और येसु समाज के 28वें सुपीरियर जेनेरल फादर पेद्रो अरूपे के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।

संत पापा ने युवा येसु समाजियों को प्रोत्साहन दिया कि उनमें उपनगरों में जाने, विचारों एवं समस्या का आदान-प्रदान करने हेतु साहस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक येसु समाजी को चेतनहीन अथवा लापरवाह नहीं होना चाहिए किन्तु साहसी बनना चाहिए क्योंकि साहसी होना ईश्वरीय कृपा है जो प्रार्थना द्वारा मजबूत होती है।  

02 August 2018, 18:10