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संत पापा फ्राँसिस युवाओं के साथ संत पापा फ्राँसिस युवाओं के साथ  (AFP or licensors)

'दुःख और उत्पीड़न' पर आशा विजय होती है,संत पापा

इटली के सभी धर्मप्रांतों से रोम आये करीब 70 हजार युवाओं से संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार को जागरण प्रार्थना में कहा कि वे विश्वास की यात्रा में साहस के साथ आगे बढें और अंधेरे में फंसे लोगों की मदद करें।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

रोम, सोमवार, 13 अगस्त 2018 (रेई) :  संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार शाम को रोम स्थित चिरको माक्सिमो मैदान में 70 हजार से अधिक युवा तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया और उन्हें प्रेम, विश्वास और आनंद भरे हृदय से येसु और अपने भाई-बहनों की ओर आगे बढ़ने हेतु प्रोत्सहित किया।

चलें नहीं, दौड़ें

संत पापा ने उनसे कहा कि जीवन रुपी विश्वास यात्रा धीमी गति से नहीं परंतु "तेज कदमों से और साहस के साथ छलांग" लगाने की जरुरत है। "येसु की तरह, सपने देखने और ईश्वर के राज्य को प्रस्तुत करने के लिए साहस की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि ख्रीस्तीय पीड़ा, हार और मृत्यु से डर कर दूर भागने के लिए नहीं बुलाये गये हैं। "ईश्वर, हमें सभी तरह के अन्याय और मानव कमजोरियों को जीतने के लिए सबसे बड़ी शक्ति दी है: येसु ने हमारे लिए अपना जीवन देकर मृत्यु पर विजय प्राप्त की।"

अंधकार में आशा की लौ

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि ईश्वर से प्राप्त शक्ति हमें अंधकार में पड़े अपने भाइयों और बहनों को खोजने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, "उस क्षण जब ऐसा लगता है कि मौत जीतने लगी है, पर वास्तव में उस क्षण मौत की हार होती है।" येसु के पुनरुत्थान की शक्ति इतनी संक्रामक है कि इतिहास और आने वाला कल भी इसका विरोध नहीं कर सकता है।

"हर जगह जहां जीवन को उत्पीड़ित किया जाता है; जहां हिंसा, युद्ध, और दुःखद शासन है और जहां लोगों को अपमानित और तिरस्कृत किया जाता है : ऐसे कठिन समय में भी आशा जीवन को फिर से शुरु करने की लौ जलाती है।"

13 August 2018, 16:00