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आयरलैण्ड में सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा की तैयारी आयरलैण्ड में सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा की तैयारी  (AFP or licensors)

25 अगस्त को सन्त पापा फ्राँसिस आयरलैण्ड के लिये होंगे रवाना

आयरलैण्ड में काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की यह यात्रा चालीस वर्षों बाद हो रही है। सन् 1979 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने आयरलैण्ड की यात्रा की थी। हमेशा से काथलिक राष्ट्र कहलानेवाला आयरलैण्ड चालीस वर्षों के अन्तराल में बहुत कुछ बदल गया है, हालांकि, राष्ट्र के काथलिक युवाओं एवं लोकधर्मियों में नवीकरण की चाह जागृत हुई है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 24 अगस्त 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस शनिवार 25 अगस्त को आयरलैण्ड में अपनी दो दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये डबलिन रवाना हो रहे हैं. यात्रा का मुख्य उद्देश्य आयरलैण्ड में इस समय जारी विश्व परिवार सम्मेलन के समारोहों का नेतृत्व करना है.

चालीस वर्षों बाद कलीसिया के परमाध्यक्ष आयरलैण्ड में

आयरलैण्ड में काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की यह यात्रा चालीस वर्षों बाद हो रही है. सन् 1979 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने आयरलैण्ड की यात्रा की थी. हमेशा से काथलिक राष्ट्र कहलानेवाला आयरलैण्ड चालीस वर्षों के अन्तराल में बहुत कुछ बदल गया है, हालांकि, राष्ट्र के काथलिक युवाओं एवं लोकधर्मियों में नवीकरण की चाह जागृत हुई है तथापि, आयरलैण्ड भी पुरोहितों के दुराचारों से अछूता नहीं रहा है.

चालीस वर्षों पूर्व आयरलैण्ड में काथलिक मूल्य प्रबल थे तथा गर्भनिरोध एवं तलाक अवैध माने जाते थे जबकि आज आयरलैण्ड के प्रधान मंत्री ख़ुद समलिंगकामी है. इसके अतिरिक्त, कलीसिया के विरोध बावजूद तीन वर्षों पूर्व जनमत संग्रह द्वारा आयरलैण्ड समलैंगिकों के बीच विवाह को अपनानेवाला विश्व का पहला राष्ट्र बना तथा विगत वर्ष गर्भपात पर लगे प्रतिबन्ध को भी हटा दिया गया.      

ग़ौरतलब है कि चालीस वर्षों पूर्व गिरजाघरों में अर्पित ख्रीस्तयागों में 80 प्रतिशत आयरी लोग भाग लिया करते थे जो अब केवल 35 प्रतिशत रह गया है. लगभग पचास प्रतिशत विवाह भी गिरजाघर के बाहर ही सम्पन्न होते हैं.

आयरिश टाइम्स के एक स्तंभकार फिनतान ओतूल ने सन्त पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा के विषय में लिखा, "इस सप्ताह के अंत में जब सन्त पापा फ्राँसिस आयरलैंड आयेंगे तब उन्हें बर्बादी की ओर बढ़ती काथलिक कलीसिया ही नहीं अपितु कुछ मामलों में मरम्मत से परे कलीसिया को देखने के लिये मजबूर होना पड़ेगा. " उन्होंने लिखा, "उनके वफ़ादार प्रशंसक खुशी से उनका अभिवादन करेंगे किन्तु उनमें से कुछ ही यह उम्मीद रखेंगे कि सन्त पापा ऐसी संस्था को ठीक करने में सक्षम बनें जिसकी नींव ही हिल गई है."

आयरलैण्ड प्रेरितिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य

डबलिन में जारी विश्व परिवार सम्मेलन में मुख्यतः लोकधर्मी काथलिक साक्ष्यों द्वारा अपने जीवन्त विश्वास को अभिव्यक्त कर रहे हैं.  सम्मेलन में 116 राष्ट्रों के 35 हज़ार प्रतिनिधि भाग रहे हैं जिनमें 6,000 युवा व्यक्ति शामिल हैं जिनकी उपस्थिति भविष्य की आशा को मज़बूत करती है.

सन्त पापा फ्राँसिस की दो दिवसीय प्रेरितिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य डबलिन में एक सप्ताह से जारी विश्व परिवार सम्मेलन का समापन करना है. यह विश्व सम्मेलन प्रति तीन वर्ष बाद विश्व के किसी न किसी शहर में आयोजित किया जाता है. पुरोहितों द्वारा यौन दुराचार के शिकार बने लोगों के परिवार एवं समर्थक सन्त पापा से रविवार को मुलाकात करेंगे. लोगोंन लोगों की आशा है कि यह समारोह केवल सन्त पापा के साथ मुलाकात तक ही सीमित न रहे. इसके अतिरिक्त तुआम नगर में स्थानीय लोगों ने दुराचार पीड़ितों के लिये एक प्रार्थना जागरण का भी आयोजन किया है. चार साल पहले तुआम में कलीसिया द्वारा संचालित एक आश्रम की ज़मीन पर एक अचिन्हित कब्र से सैकड़ों शिशुओं के अवशेष बरामद किये गये थे.    

आयरलैण्ड के काथलिक धर्माध्यक्षों की आशा है कि सन्त पापा फ्राँसिस की राष्ट्र में उपस्थिति काथलिक मूल्यों को पुनः जागृत कर लोगों में नवस्फूर्ति का संचार कर सकेगी.

24 August 2018, 11:46