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संत पापा, उड़ान मेें पत्रकारों से साक्षात्कार संत पापा, उड़ान मेें पत्रकारों से साक्षात्कार   (ANSA)

आयरलैंड का विश्वास गहरा

आयरलैंड से रोम, वाटिकन की उड़ान भरने के दौरान संत पापा ने पत्रकारों से कहा, “आयरलैंड में विश्वास की जड़ें मजबूत हैं।”

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्रांसिस ने आयरलैंड की अपनी प्रेरितिक यात्रा की समाप्ति उपरान्त, अपने मनोभावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा,“आयरलैंड में विश्वास की जड़ें मजबूत हैं।”
रविवार की शाम आयरलैंड से रोम के वाटिकन वापसी की उड़ान भरते हुए संवाददाताओं से अपनी वार्ता के दौरान संत पापा ने संतों और शिष्ट धरती के बारे में कहा, “मैंने आयरलैंड में विश्वास को मजबूत पाया।” उन्होंने आयरलैंड के एक धर्माध्यक्ष की बातों को उद्धृत करते हुए कहा,“आयरिश लोगों ने दुराचार के कारण अपने जीवन में बहुत दुःख सहे हैं लेकिन वे जानते हैं कि सच्चाई और अधूरी सच्चाइयों में कैसे अन्तर स्पष्ट किया जाना चाहिए।” वे अपने घावों से चंगे हो रहे हैं लेकिन उनका विश्वास अपने में गहरा है।
संत पापा ने आरयलैंड की यात्रा विश्व परिवारों के मिलन समारोह हेतु की परन्तु दुराचार के मुद्दे उनकी इस यात्रा में छाये रहे। महाधर्माध्यक्ष कार्लो मरिया विगनो द्वारा महाधर्माध्यक्ष थेयोदोर मैक्कारिक पर लगे आरोप के संदर्भ में संवाददाताओं द्वारा पूछे गये सवाल का दृढ़ता पूर्वक उत्तर देते हुए संत पापा ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर कुछ कहना नहीं चाहूँगा। दस्तवेज इसके बारे में स्पष्ट रुप से कहते हैं, आप ध्यानपूर्वक उसका अध्ययन करते हुए स्वयं निष्कर्ष निकल सकते हैं।”

धर्माध्यक्षों की सुनवाई

संत पापा कई संवेदनशील और जटील मुद्दों के बारे में कहा जिसमें धर्माध्यक्ष पर दोषारोपण की प्रक्रिया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि न्याय-प्रणाली जैसे कि मोतु प्रोप्रियो “एक प्यारी मां की भांति” अपने में प्रार्याप्त विकल्प नहीं है। उनके आरोपों की सुनवाई अद होक ट्रिबून्ल के अनुरूप की जायेगी। उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कहा,“यह बेहतर तरीक से कार्य करता है।” विदित हो कि गुआम के धर्माध्यक्ष की सुनाई इसी प्रणाली के तरह हुई थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एक और परीक्षण इस क्रम में आगे आ रहा है।

तुरंत आवाज उठायें

संत पापा द्वारा लिखित “ईश्वर की प्रजा के नाम पत्र” पर संवाददाताओं के सावल कि पुरोहितों द्वारा यौन दुराचार के संदर्भ में किस तरह की प्रतिक्रिया की जाये। इसके जवाब में संत पापा ने परिवारों से अनुरोध करते हुए कहा, “जब आप कुछ ऐसा देखते हैं, तो अतिशीघ्र आवाज उठायें।”
दूसरी ओर संत पापा ने अनुउत्तदायी संचार माध्यमों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे घटना की सच्चाई का पता लगाये बिना लोगों के बारे में निष्कर्ष देते हैं। उन्होंने ग्रेनेडा की घटना का जिक्र किया जहाँ पुरोहितों के एक दल पर एक विद्यार्थी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। पुरोहितों को इस घटना के संबंध में घोर अन्याय और अपमान का शिकार होना पड़ा था जो बाद में निर्दोष पाये गये। संत पापा ने इस बात को स्वीकार किया कि संवाददाताओं का कार्य संवेदनशील है, वे जरूर लिखें परन्तु “सदैव निर्दोष की धारणानुसार न कि दोषी की परिकल्पना के अनुसार।”

“दोषारोपण नहीं, प्रार्थाना करें”

संत पापा ने आइरिश मंत्री की भूरि-भूरि प्रंशसा की जिन्होंने तुआन अनाथालय की दुःखद घटना के बारे में जिक्र किया जो आइरिश धर्मबहनों द्वारा संचालित किया जाता है। इस घटना की जाँच-पड़ताल चल रही है अतः संत पापा ने घटना की जांच पूरी और कलीसिया की ओर से इसका उत्तरदायित्व निर्धारित करने तक इस विषय पर सावधानी बरतने का आवह्वान किया। जांच के परिणाम कुछ भो हो संत पापा ने सरकारी अधिकारियों के प्रति मानव “गरिमा” और निष्पक्षता हेतु पहल की प्रशंसा की।
एक संवाददाता के सावल कि एक पिता के लिए उनकी क्या सलाह होगी जो यह जानता है कि उसका बेटा या बेटी समलिंगी है। इसका उत्तर देते हुए संत पापा ने कहा, “मैं उन अभिभावकों को प्रोत्साहित करता हूँ कि वे अपने बच्चों पर दोषारोपण करने के बदले उनके लिए प्रार्थना करें, उनके साथ वार्ता करें, उनके लिए समय दें।” उन्हें अपने जीवन से अलग कर देना या उनकी अवहेलना करने का अर्थ अपने को माता-पिता होने से वंचित करना है।
 

27 August 2018, 17:03