Cerca

Vatican News
मैक्सिको की एक बालिका अपने दादी को गले लगाते हुए मैक्सिको की एक बालिका अपने दादी को गले लगाते हुए  (AFP or licensors)

बुजुर्ग, परिवार के खजाने

संत अन्ना और संत ज्वाकिम का पर्व हमें अपने परिवारों में बुजुर्गों को सम्मानपूर्ण स्थान देने हेतु प्रेरित करता है। संत पापा फ्राँसिस ने अपने ट्वीट संदेश में बुजुर्गों का सम्मान करने हेतु प्रोत्साहित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 26 जुलाई 2018 (रेई)˸ 26 जुलाई को माता कलीसिया संत अन्ना और संत ज्वाकिम का पर्व मनाती है। संत ज्वाकिम और संत अन्ना येसु के नाना-नानी थे, जिन्होंने ईश्वर की विशेष कृपा से बुढ़ापे की अवस्था में कुँवारी मरिया को जन्म दिया।

संत पापा फ्राँसिस ने उनके सम्मान में एक ट्वीट प्रेषित कर सभी परिवारों के बुजुर्गों के प्रति आदर की भावना रखने हेतु प्रेरित दिया।

उन्होंने ट्वीट में लिखा, "नाना-नानी परिवार के खजाने हैं। कृपया अपने नाना-नानी का ख्याल रखें, उन्हें प्यार करें और बच्चों के साथ बातचीत करने दें।"  

संत अन्ना पल्ली में ख्रीस्तयाग समारोह

वाटिकन स्थित संत अन्ना पल्ली इस पर्व को धूमधाम से मनाती है। इस वर्ष यह पर्व 26 जुलाई को मध्याह्न 12.00 बजे मनाया गया, जिसमें एक नये प्रार्थना दल "करिश्माई नवीनीकरण" के सदस्यों ने भाग लिया। इस प्रार्थना दल को संत पापा फ्राँसिस ने संत अन्ना पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर ब्रूनो सिलवेस्त्रीनी के संरक्षण में सौंपा है।  

संत पापा फ्राँसिस ने "करिश्माई नवीनीकरण" प्रार्थना दल के बारे कहा है कि वे इस नये मिशन दल के प्रति आभारी हैं जो उनके तथा उनके मिशन के लिए प्रार्थना करती है।  

26 July 2018, 15:15