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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  

उन लोगों के लिए प्रार्थना करें, जिन्होंने नौकरी खोई है, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने पवित्र मिस्सा में उनके लिए प्रार्थना की जो महामारी के कारण अपनी नौकरी खो चुके हैं और पीड़ा में हैं। अपने प्रवचन में उन्होंने इस बात पर चिंतन किया कि ईश्वर जीवन भर हमारे साथ रहने और साथ देने के लिए पवित्र आत्मा को हमारे पास भेजा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 11 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने पास्का के पांचवें सप्ताह के सोमवार को संत मर्था के प्रार्थनालय में पवित्र मिस्सा शुरु करने से पहले बेरोजगारों की याद कर उनके लिए प्रार्थना की। संत पापा ने कहा, “इन दिनों में बहुत से लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है। कई को दोबारा नौकरी पर नहीं रखा गया है, क्योंकि वे नियमित रुप से काम पर नहीं रखे गये थे। उन्होंने कहा, "हम इन भाइयों और बहनों के लिए प्रार्थना करते हैं जो बेरोजगारी के कारण पीड़ित हैं।"

संत पापा ने आज के सुसमाचार पाठ  (योहन 14:21-26) पर चिंतन किया जहाँ येसु अपने चेलों के साथ अंतिम व्यारी के बाद उनसे सदा के लिए विदा लेने की बात कहते हैं पर वे उन्हें सांत्वना देते हैं कि वे कभी अकेले नहीं होंगे उन्हें साथ देने पवित्र आत्मा आयेगा।

“जो मेरी आज्ञाओं को जानता और उनका पालन करता है वही मुझे प्यार करता है और वही मुझे प्यार करता है, उसे मेरा पिता प्यार करेगा। तुम्हारे साथ रहते समय मैंने तुम लोगों को इतना ही बता दिया है। परंतु वह सहायक, वह पवित्र आत्मा, जिसे पिता मेरे नाम पर भेजेगा, तुम्हें सबकुछ समझा देगा। मैंने तुम्हें जो कुछ बताया,वह उसका स्मरण दिलाएगा।”

पवित्र आत्मा हमें अकेला नहीं छोड़ता

संत पापा ने कहा कि पवित्र आत्मा को "अधिवक्ता" कहा जाता है, क्योंकि वह हमारे साथ है वह हमें पुकारता है, इसलिए हम गिरते नहीं हैं। ईश्वर ने हमारे साथ रहने का वादा किया है और "वे अपना वादा निभाते हैं क्योंकि वे ईश्वर हैं।"

उन्होंने पूछा, "पवित्र आत्मा हम में क्या करता है?"

पवित्र आत्मा हमें विश्वास के रहस्य में प्रवेश करना सिखाता है, वह हमें येसु के सिद्धांत को समझने में मदद करता है जिससे कि हम अपने विश्वास को गलती किये बिना विकसित कर पाते हैं। पवित्र आत्मा सिद्धांत के रहस्य को अधिक से अधिक समझने में मदद करता है।

आत्मा आत्म परख करना सिखाता 

संत पापा ने कहा कि विश्वास के रहस्य की समझ उस पेड़ की भांति बढ़ती जाती है जहाँ पेड़ बढ़ते और लम्बे होते जाते हैं और दिनों-दिन अधिक फल प्रदान करते हैं। लेकिन वे एक ही जगह हमेशा स्थिर होते हैं।"

आगे संत पापा ने कहा कि सिद्धांत स्थिर नहीं है, यह बढ़ता जाता है। यह पवित्र आत्मा ही है जो सिद्धांत को स्थिर होने से रोकता है और हमारे अंदर येसु की शिक्षा की समझ को विकसित करता है। आत्मा, हमें यह भी याद दिलाता है कि येसु ने हमसे क्या कहा था, "वह स्मृति की तरह है, जो हमें आत्म परख करने और चिंतन करने हेतु जगाता है। अत्मा जीवन यात्रा में हमारा मार्गदर्शन करता है। रास्ता भटक जाने पर पुनः वापस लाता और सही मार्ग पर आगे बढ़ाता है।"

पवित्र आत्मा ईश्वर का उपहार

संत पापा ने कहा, "पवित्र आत्मा हमें उस पथ का मार्गदर्शन करता है जिसमें स्मृति है।" “वह हमें रोज़मर्रा के जीवन में छोटे और बड़े निर्णय लेने में मदद करता है, वह हमें सब कुछ सिखाता है।

संत पापा ने विश्वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पवित्र आत्मा "ईश्वर का उपहार" है जैसा कि संत योहन के सुसमाचार में हम पाते हैं, "मैं तुम्हें अकेला नहीं छोडूंगा, मैं तुम्हारे लिए एक ऐसा सहायक भेजूंगा जो तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा और तुम्हें विवेक में बढ़ने हेतु मदद करेगा।”

अपने प्रवचन को अंत करते हुए संत पापा ने प्रार्थना की, "प्रभु, इस उपहार को रखने में हमारी सहायता कर, जिसे हमने अपने बपतिस्मा के समय पाया है।"

11 May 2020, 10:30
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