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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा ने कलाकारों के लिए प्रार्थना की

संत पापा फ्राँसिस ने पवित्र मिस्सा में उन कलाकारों के लिए प्रार्थना की, जो अपने सौंदर्य और रचनात्मकता के माध्यम से महामारी द्वारा चिह्नित इस कठिन समय को जीने में मदद कर रहे हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 27 अप्रैल 2020 (वाटिकन न्यूज) : वाटिकन स्थित संत मर्था निवास में संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार को मिस्सा शुरु करने से पहले सभी कलाकारों के याद करते हुए कहा, "आइए, आज हम कलाकारों के लिए प्रार्थना करें, जिनके पास रचनात्मकता की महान क्षमता है और वे हमें सुंदरता का ज्ञान कराते हैं।" इस कठिन समय में ईश्वर हमें रचनात्मकता की कृपा प्रदान करें।"

संत पापा ने संत योहन के सुसमाचार (6:22-29) पाठ पर चिंतन किया, जहाँ येसु ने भीड़ को रोटियाँ और मछलियाँ खिलाई थी। भीड़ येसु की खोज में थी। इसपर येसु कहते हैं कि वे चमत्कार देखने के कारण उसे नहीं खोजते, बल्कि इसलिए कि वे रोटियाँ खाकर तृप्त हो गये थे। येसु कहते हैं "नश्वर भोजन के लिए नहीं, परंतु उस भोजन के लिए परिश्रम करें जो अनंत जीवन तक बना रहेगा।”

संत पापा ने कहा कि अच्छे लोग होने के नाते, उन्होंने येसु से पूछा कि ईश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए? येसु ने उत्तर दिया, "ईश्वर की इच्छा यह है-उसने जिसे भेजा है उसपर विश्वास करो।"

संत पापा फ्राँसिस ने आगे कहा कि भीड़ ने येसु की बात पूरा दिन "बिना थके" सुनी। बाद में वे येसु को राजा बनाने के लिए सोच रहे थे। पेट भरने के बाद वे येसु के वचन को सुनने के अपने पहले उत्साह को भूल गए।

येसु से हुई पहली मुलाकात

येसु ने भीड़ को अपने वचन को सुनने की याद दिलाई जिसके लिए वे एकत्रित हुए थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे आध्यात्मिकता को छोड़ सांसारिकता के मार्ग की ओर बढ़ रहे हैं।

संत पापा ने कहा कि यह हमारे साथ भी होता है, जब हम सुसमाचार के रास्ते से हट जाते हैं और हम प्रभु के वचन के लिए अपने पहले उत्साह की स्मृति खो देते हैं। येसु हमें उस पहली मुलाकात को याद करने और वापस जाने को कहते हैं। "यह एक अनुग्रह है, प्रलोभनों का सामना करने की शक्ति हमें मिलती है।"

संत पापा ने कहा कि हम सबके पास येसु के साथ हुई पहली मुलाकात का अनुभव है जब येसु ने प्यार से हमारी ओर देखकर कहा था, ‘मेरे पीछे आओ’ और हमने येसु का अनुसरण किया था। उस पहली मुलाकात को हमेशा याद रखें और जब भी हमें लगे कि हम सांसारिकता में आगे बढ़ रहे हैं तो अपनी पहली मुलाकात को याद करें।

गलीलिया में येसु के साथ मुलाकात

प्रवचन के अंत में संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों को प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया कि प्रभु हमें उस पल में वापस जाने की कृपा दें जहाँ हमें येसु के साथ मुलाकात करने का पहला अनुभव प्राप्त हुआ था। पास्का रविवार सुबह को कब्र पर गई महिलाओं को दर्शन देकर येसु ने कहा कि वे अपने शिष्यों को गलीलिया जाने को कहें, वहीं वे उनका दर्शन करेंगे। (मत्ती 28:10) "हम में से हर एक के जीवन में अपना गलीलिया है, जहाँ हमने पहली बार येसु से मुलाकात की थी... वह विशेष क्षण, जब येसु ने प्यार से देखा और कहा ‘मेरा अनुसरण करो’।"

27 April 2020, 16:10
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