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संत मर्था प्रार्थनालय में प्रवचन देते हुए संत पापा फ्राँसिस संत मर्था प्रार्थनालय में प्रवचन देते हुए संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा ने यूरोप में एकता और बंधुत्व के लिए प्रार्थना की

संत पापा फ्राँसिस ने पवित्र मिस्सा में यूरोप की संरक्षिका, सिएना की संत काथरीना के पर्व दिवस पर, यूरोप और यूरोपीय संघ की एकता के लिए प्रार्थना की। अपने प्रवचन में, उन्होंने ईश्वर से सरलता और विनम्रता के साथ अपने पापों को स्वीकार करने और दिल से क्षमा मागने की कृपा प्राप्त करने हेतु प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 29 अप्रैल 2020 (वाटिकन न्यूज) : वाटिकन स्थित प्रेरितिक निवास के संत मर्था प्रार्थनालय में संत पापा फ्राँसिस ने पवित्र मिस्सा के दौरान सिएना की संत काथरीना को याद किया। काथलिक कलीसिया आज इटली एवं यूरोप की संरक्षिका और कलीसिया की धर्माचर्या, सिएना की संत काथरीना का त्योहार मनाती है।

पवित्र मिस्सा के शुरु में संत पापा ने कहा, ʺसिएना की संत काथरीना, कलीसिया की धर्माचर्या , यूरोप की संरक्षिका हैं। आइए, हम यूरोप के लिए, यूरोप की एकता के लिए, यूरोपीय संघ की एकता के लिए प्रार्थना करें, जिससे कि हम सभी एक साथ भाइयों के रूप में आगे बढ़ सकें।ʺ

संत पापा फ्राँसिस ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के पहले पाठ (1 योहन 1: 5-2: 2) में प्रकाश और अंधकार, झूठ और सच्चाई, पाप और मासूमियत के बीच विरोधाभास है। एक ख्रीस्तीय के रुप में हम ठोस रुप से येसु के साथ प्रकाश में चलने के लिए बुलाये गये हैं। हम येसु के साथ हैं तो हम अंधकार में नहीं जा सकते या प्रकाश और अंधकार के बीच धुमिल क्षेत्र में नहीं जा सकते। संत पापा ने कहा कि धुमिल क्षेत्र में चलने से खतरा है आपको लगेगा कि आप प्रकाश में चल रहे हैं क्योंकि आप अंधकार में नहीं हैं, और यह आपको संतुष्टि प्रदान करेगा, परंतु धुमिल क्षेत्र, इस अर्थ में एक धोखा है।"

हम सभी पापी हैं

संत पापा ने पहले पाठ को उद्धृत करते हुए कहा: "अगर हम कहते हैं कि 'हम निष्पाप हैं, तो हम खुद को धोखा देते हैं।" संत पापा ने कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि हम सभी पापी हैं और इसी से संतुष्ट हो जाते हैं तो हम अपने पापों से कभी उपर नहीं उठ पायेंगे। इसके लिए हमें ठोस रुप से हमारे विचारों और कार्यों के बारे चिंतन करना होगा। किस समय मैंने क्या कहा और किस समय मैंने क्या गलत किया।

भोलेपन की प्रशंसा

संत पापा ने बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों के पास ठोस होने का उपहार है। आज के सुसमाचार (मत्ती 12,25) में येसु ने कहा, “पिता....तूने इन सब बातों के ज्ञानियों और समझदारों से छिपाकर निरे बच्चों पर प्रकट किया है।” संत पापा ने कहा कि पापस्वीकार के दौरान बच्चे बड़ी सरलता के साथ वे सब बातें कहते हैं जो वे सोचते हैं या जो कुछ भी गलत किया है। उन्होंने एक ऐसे बच्चे का उदाहरण दिया जिसने विस्तार से कबूल किया कि कैसे वह अपनी चाची के साथ अभद्र व्यहार किया था जिसने होमवर्क करने के बजाय बाहर जाने के उसके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

संत पापा ने एक और बच्चे का उदाहरण दिया। मंगलवार को कारवाज्जो के एंड्रिया नामक बच्चे का एक पत्र प्राप्त किया जिसमें एंड्रिया ने संत पापा को यह पूछते हुए फटकार दिया कि इस समय लोग कोरोना वायरस फैलने के बारे में चिंतित हैं और हाथ नहीं मिला सकते, इसके बावजूद संत पापा पवित्र मिस्सा के दौरान  सामूहिक शांति का अभिवादन करने को कहते हैं।

स्थूलता विनम्रता लाती है

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "स्थूलता हमें विनम्र बनाती है क्योंकि विनम्रता ठोस है।" जब हम कहते हैं कि हम सभी पापी हैं, यह अमूर्त है। जब हम ठोस रुप स्वीकार करते हैं कि हमने ये काम गलत किया हैं तो हम अपने पापों की वास्तविकता को महसूस करते हैं और हम क्षमा के लिए येसु के पास आते हैं। यह एक पापी का सच्चा मनोभाव है।

अपने प्रवचन के अंत में संत पापा ने कहा, "आइए, हम ईश्वर से विनम्रता की कृपा मांगे। ईश्वर हमारे हृदयों को बच्चों की तरह सरल बनायें, जिससे हम प्रभु को वह सब कह सकें जो हम महसूस करते हैं और वह सब कुछ बता सकें जिसे हमने किया है, भले ही वह गलत क्यों न हो।"

29 April 2020, 16:45
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