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ख्रीस्तयाग के दौरान प्रवचन देते संत पापा ख्रीस्तयाग के दौरान प्रवचन देते संत पापा  (Vatican Media)

पाप हमें बूढ़ा बनाता बल्कि पवित्र आत्मा जवान

संत पापा ने 28 मई के ख्रीस्तयाग प्रवचन में संत योहन रचित सुसमाचार से लिए गये पाठ पर चिंतन किया जहाँ स्वर्ग जाने के पूर्व येसु अपने शिष्य से विदा लेते हुए उन्हें पवित्र आत्मा के बारे बतलाते हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 28 मई 2019 (रेई)˸ "उदासी एक ख्रीस्तीय मनोभाव नहीं है।" यह बात संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

उन्होंने प्रवचन में कहा कि जीवन में केवल सुख ही सुख नहीं है इसमें कई कठिनाइयाँ भी हैं। उन कठिनाइयों पर विजय पाई जा सकती है। उनपर विजय पाकर हमें सदा आगे बढ़ना है किन्तु उसके लिए हमें प्रतिदिन पवित्र आत्मा से प्रार्थना करना है।

संत पापा ने 28 मई के ख्रीस्तयाग प्रवचन में संत योहन रचित सुसमाचार से लिए गये पाठ पर चिंतन किया जहाँ स्वर्ग जाने के पूर्व येसु अपने शिष्यों से विदा लेते हुए उन्हें पवित्र आत्मा के बारे बतलाते हैं।

शिष्य इस बात को सुनकर उदास हो गये थे कि उनके प्रभु उन्हें छोड़कर जाने वाले हैं जबकि येसु उनके इस व्यवहार से खुश नहीं हुए। संत पापा ने कहा कि येसु इससे खुश इसलिए नहीं हुए क्योंकि उदासी ख्रीस्तीय मनोभाव नहीं है।

संत पापा ने कहा, "हम कैसे उदास होने से बच सकते हैं?" उन्होंने कहा कि हम प्रार्थना के द्वारा उदासी से बच सकते हैं। हम प्रभु से प्रार्थना करें कि वे हमें आत्मा द्वारा नवीकृत करें ताकि पवित्र आत्मा हममें प्रवेश कर हमें जवान बनाये।   

एक ख्रीस्तीय उदास नहीं रह सकता

संत पापा ने कहा कि एक उदास ख्रीस्तीय आगे नहीं बढ़ सकता। पवित्र आत्मा ही हमें अपना क्रूस उठाकर आगे बढ़ने में मदद देता है। प्रेरित चरित से लिया गया आज का पाठ हमें बतलाता है कि संत पौलुस एवं सीलस को जंजीर से बंध दिया गया था फिर भी उन्होंने ईश्वर की स्तुति करते हुए भजन गया। पवित्र आत्मा सब कुछ को नवीन बना देता है वह हमारे जीवन में हमें साथ देता और हमारी सहायता करता है। वह एक सहायक (पाराक्लेट) है।

संत पापा ने याद किया कि एक पुरोहित के रूप में उन्होंने पेंतेकोस्त रविवार को बच्चों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए बच्चों से पूछा था कि पवित्र आत्मा कौन है। तब एक बच्चे ने जवाब दिया था, "लकवाग्रस्त" (पारालेटिक)। संत पापा ने कहा कि हम भी कई बार पवित्र आत्मा के बारे ऐसा ही सोचते हैं कि वह कुछ नहीं कर सकता है।

"सहायक" शब्द का अर्थ है, जो सहायता करने के लिए बगल में होता है ताकि व्यक्ति न गिर जाए। वह आगे बढ़ता जाए तथा मनोभाव से सदा जवान बना रहे। एक ख्रीस्तीय हमेशा जवान रह सकता है किन्तु उसका हृदय बूढ़ा होने लगता है यदि उसकी ख्रीस्तीय बुलाहट कम होने लगती है।

पवित्र आत्मा से प्रतिदिन प्रार्थना

संत पापा ने कहा कि जीवन में दुःख आयेंगे। पौलुस और सीलस को पीटा गया और उन्हें दुःख सहना पड़ा, फिर भी वे खुश थे तथा उन्होंने ईश्वर की स्तुति की। संत पापा ने कहा कि यही जवानी है। एक ऐसी जवानी जो हमेशा उम्मीद जताती है किन्तु इस जवानी को प्राप्त करने के लिए पवित्र आत्मा से प्रतिदिन वार्तालाप करना है जो सदा हमारे बगल में रहते हैं। वे हमारे लिए येसु की ओर से एक महान वरदान हैं जो हमें आगे बढ़ने में मदद देते हैं।

पाप हमें बूढ़ा बनाता जबकि आत्मा युवा

चाहे हम पापी ही क्यों न हों किन्तु पवित्र आत्मा हमें पश्चाताप करने में मदद देता है एवं आगे देखने हेतु प्रेरित करता है। अतः संत पापा ने कहा कि हम पवित्र आत्मा से बातचीत करें वे हमें सहायता प्रदान करेंगे और हमारी जवानी को पुनः वापस लौटा देंगे। पाप हमें बूढ़ा बना देता है, हमारी आत्मा बूढ़ी हो जाती है इसलिए हम अपने जीवन में उदासी कभी न आने दें। जीवन में कठिनाइयाँ जरूर आयेंगी किन्तु हम उन क्षणों में पवित्र आत्मा की सहायता से आगे बढ़ें और कठिनाइयों का सामना करें।   

संत पापा ने विश्वासियों से प्रार्थना करने का आह्वान किया कि वे अपनी जवानी को न खोयें, रिटायर्ड ख्रीस्तीय न बनें।

28 May 2019, 17:12
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