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ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा  (ANSA)

ख्रीस्तीय जीवन का दुनियादारी के साथ समझौता नहीं

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि ख्रीस्तीय जीवन को दुनियादारी के जीवन के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया जहाँ उन्होंने प्रवचन में उन पाठों पर चिंतन किया, जिनमें दुनिया के अंत का वर्णन किया गया है। 

संत पापा ने कहा, दुनिया का अंत हो जाएगा और यह अंत एक दिन हम प्रत्येक के लिए आयेगा। प्रकाशना ग्रंथ से लिये गये, पहले पाठ में संत योहन सुन्दर शहर बाबूल के विनाश एवं पवित्र नगरी येरूसालेम की तबाही का वर्णन करते हैं जो दुनियादारी, सम्पन्नता, आत्मनिर्भरता और दुनिया की ताकत के प्रतीक माने जाते थे। 

बाबूल का पतन, भ्रष्टाचार 

संत पापा ने कहा, न्याय के दिन विजय की गूँज के साथ बाबूल का पतन हो जायेगा। उस व्यभिचारी का पतन जिसे प्रभु दण्ड देंगे। वह अपदूतों एवं हर प्रकार के अशुद्ध आत्माओं और घृणित पक्षियों का डेरा बन गया है। उन्होंने जो डींग मारी और जितना भोग-विलास किया उसे उतनी ही यंत्रणा एवं शोक मिलेगी। उसका पूरी तरह विनाश हो जाएगा तथा उसे मिटा दिया जाएगा।  

संगीत की ध्वनि उसमें फिर कभी सुनाई नहीं पड़ेगी और उसमें कोई उत्सव नहीं मनाया जायेगा। वहाँ कोई व्यापारी नहीं रहेगा क्योंकि वह अब व्यापार का केंद्र नहीं रह जाएगा, क्योंकि वह भ्रष्टचार का स्थान बन चुका है। उसमें चक्की की आवाज नहीं आयेगी, यह जो जगमगाता शहर था अब उसमें दीपक का प्रकाश नहीं दिखाई पड़ेगा। यह एक भ्रष्ट शहर है। यहाँ कई वर वधु होंगे किन्तु उनके बीच कोई संबंध नहीं होगा। संत पापा ने कहा कि यह विनाश अंदर से शुरू होता है। एक दिन ऐसा आयेगा जब प्रभु कहेंगे अब पूरा हो चुका है। यह उस सभ्यता का पतन है जो अभिमान, आत्मनिर्भरता एवं तानाशाही शासन पर विश्वास करती है।     

येरूसालेम का द्वार गैर-विश्वासियों के लिए खुला

संत पापा ने कहा येरूसालेम दूसरे प्रकार के भ्रष्टाचार के लिए अपना पतन देखेगी। वह भ्रष्टाचार है प्रेम के प्रति बेवफ़ाई। उसने ईश्वर के प्रेम को उनके पुत्र में नहीं पहचाना। वह गैर-विश्वासियों द्वारा हमला किया और प्रभु द्वारा दण्ड दिया जाएगा, क्योंकि उसने अपने हृदय के द्वार को गैर-विश्वासियों के लिए खोला है।

वह गैर-विश्वासियों का जीवन जीती है। संत पापा ने चिंतन हेतु प्रेरित करते हुए कहा, क्या हम ख्रीस्तियों की तरह जीते हैं? हम ख्रीस्तीय कहलाते हैं किन्तु हमारा जीवन गैर-ख्रीस्तियों की तरह होता है। जब हम में दुनियादारी प्रवेश करती है, तब हम भी बाबूल एवं येरूसालेम की तरह उन चीजों की अभिलाषा करते हैं जो अनुचित हैं और जिनके लिए उन्हें दण्ड दिया गया था। संत पापा ने कहा कि जिस तरह हम पानी और तेल को एक नहीं कर सकते, उसी तरह ख्रीस्तीय जीवन एवं दुनियादारी का जीवन  एक साथ नहीं जी सकते। 

प्रभु पर आशा रखने वालों को मुक्ति

पाठों पर पुनः गौर करते हुए संत पापा ने कहा कि दोनों शहरों को दण्ड दिये जाने के बाद प्रभु की आवाज सुनाई पड़ेगी। विनाश के बाद मुक्ति प्रकट होगी। तब स्वर्गदूत ने कहा, "धन्य हैं वे जो मेमने के भोज में निमंत्रित हैं- महाभोज में, जो एक सच्चा भोज है।"  

संत पापा ने कहा कि हमारे जीवन में भी परेशानियाँ हैं किन्तु इनसे आगे हम क्षितिज की ओर नजर लगायें क्योंकि हम मुक्त किये गये हैं और प्रभु हमें बचाने आयेंगे। हम दुनिया की परीक्षाओं पर विजय प्राप्त करें। दुनियादारी के साथ समझौता न करें जो हमें विनाश की ओर ले जाती है बल्कि आशा के साथ आगे बढ़ें तथा आकाश की ओर निगाहें फेरें एवं ख्रीस्त पर भरोसा रखें। आशा ही हमारी शक्ति है, आइये हम आगे बढ़ें। संत पापा ने कहा कि इसके लिए हम पवित्र आत्मा से कृपा की याचना करें।

सब कुछ का पतन हो जाएगा केवल विनम्र लोग बच जायेंगे

संत पापा ने हमारे समय के बाबूल एवं अनेक ताकतवर शासकों पर गौर करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि आज के महान शहरों का पतन हो जाएगा यदि वे अविश्वासियों के रास्तों पर चलते रहेंगे। सिर्फ वे ही बचेंगे जो प्रभु पर आशा रखते हैं। 

संत पापा ने विश्वासियों से कहा कि हम आशा के साथ अपना हृदय द्वार खोलें एवं दुनियादारी के जीवन से दूर रहें। 

29 November 2018, 17:17
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