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संत मार्था प्रार्थनालय में प्रवचन देते हुए संत पापा फ्राँसिस संत मार्था प्रार्थनालय में प्रवचन देते हुए संत पापा फ्राँसिस  (© Vatican Media)

हाथों को मैला करने से न डरें

संत पापा फ्रांसिस ने संत मार्था में अपने प्रातःकालीन मिस्सा बलिदान के दौरान भले समारी पर अपना चिंतन प्रस्तुत किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्रांसिस ने वाटिकन के प्रार्थनालय संत मार्था में अपने प्रातःकालीन मिस्सा बलिदान के दौरान लोकधर्मियों और पुरोहितों को ख्रीस्तीय बुलाहट का मर्म समझाते हुए ईश्वर के कार्यों के प्रति अपना हृदय खुला रखने का आहृवान किया।

संत पापा ने कहा कि “उत्साही ख्रीस्तीय” अपने जीवन में अपने हाथों, कपड़ों को मैला करने से नहीं डरते हैं। वे अपने को येसु की भांति अन्यों के लिए देते और उनकी ओर से आने वाले आश्चर्य के प्रति खुला रहते हैं।

रुके और करुणा में सहायता करें

संत पापा ने कहा कि डाकू के हाथों में पड़ा व्यक्ति, जो लूटा गया और अधमरा छोड़ दिया गया, याजक उस घायल व्यक्ति तो देखते हुए भी नजरअंदाज करा आगे निकल गया। उसे अपने याजकीय कार्य की चिंता थी। उसी प्रकार लेवी, सुसज्जन व्यक्ति जो नियमों का ज्ञाता है, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करता है। संत पापा ने नजरअंदाज करने पर चिंतन करते हुए कहा, “यह एक विचार है जिसे “हमें अपने हृदय में चिंतन” करने की जरुरत है। दोनों “अधिकारियों” ने अपने आप से कहा,“यह मेरा कार्य नहीं है” कि मैं घायल व्यक्ति की सेवा करूँ। वही एक दूसरा जो समारी है वहाँ से यूँ ही नहीं गुजरता है, “वह पापी है, इस्रराएलियों के समुदाय से बहिष्कृत व्यक्ति है, उस पापी व्यक्ति तो मरते हुए व्यक्ति पर दया आती है।” वह एक व्यापारी था जो अपने व्यापार हेतु यात्रा कर रहा था।

संत पापा ने कहा कि उस व्यक्ति ने अपनी घड़ी नहीं देखी, उसने खून की चिंता नहीं की। “वह अपने घोड़े से उतरकर उस व्यक्ति के पास गया, उसे घावों पर तेल और अंगूरी उड़ेलते हुए महलम पट्टी की।” उसे अपने हाथ और अपने कपड़े गंदे किये। “उसके बाद वह उसके अपने घोड़े पर लाद कर निकट के सराय पर ले गया।” “उसने उसकी सेवा की।” संत पापा ने कहा,“उसने उससे यह नहीं कहा कि मैं उसे यही छोड़ देता हूँ और चिकित्सक को लेकर आता हूँ। नहीं, उसके उसकी देख-रेख की।” “तुम मेरे हो, वह उसकी सेवा पैसे के लिए नहीं, वरन सेवा के लिए किया।” वह अधिकारी नहीं था, उस व्यक्ति में एक हृदय था, उसका हृदय खुला था।

ईश्वर के प्रति हमारा खुलापन आश्चर्यचकित करता

संत पापा ने सराय मालिक के आश्चर्य के बारे में कहा जो उस समारी व्यक्ति को देख कर हुआ क्योंकि वह इस्रराएली समुदाय की नहीं था, जो घायल व्यक्ति के उपचार हेतु “दो दीनार” प्रदान करते हुए यह प्रतिज्ञा करता है कि लौटने पर वह बाकी खर्च अदा कर देगा। उस सराय मालिक को यह संदेश नहीं हुआ कि उसके कार्यो का भुगतान होगा या नहीं। संत पापा ने कहा कि जो साक्ष्य का जीवन जीता वह समारी की तरह अपने जीवन में ईश्वर के आश्चर्य को प्रस्तुत करता है। 

दोनों अपने में अधिकारी नहीं थे। संत पापा ने विश्वासी समुदाय से पूछा, “क्या आप ख्रीस्त हैंॽ” हम अपने में हाँ, हाँ, हाँ कहेंगे। मैं रविवारीय मिस्सा बलिदान में सहभागी होता हूँ और अच्छी चीजों को करने का प्रयास करता हूँ... बात कम, क्योंकि मैं बात करना पसंद करता हूँ, मैं अपने कार्यों को अच्छी तरह करने की कोशिश करता हूँ।” क्या हमारा हृदय खुला हैॽ क्या आप ईश्वर के आश्चर्य हेतु खुले हैं या बंद ख्रीस्तीय अधिकारी हैॽ मैं मिस्सा जाता, परमप्रसाद ग्रहण करता और साल में एक बार पापस्वीकार करता हूँ...मैं अपने में अच्छा हूँ। यह सारी चीजें ख्रीस्तीय अधिकारियों की निशानी है जो ईश्वर के आश्चर्यजनक कार्यों हेतु अपने हृदय से खुले नहीं हैं। वे ईश्वर के बारे में बहुत सारी बातें जानते हैं लेकिन उनकी मुलाकात ईश्वर से नहीं होती है। वे साक्ष्य के आश्चर्य में प्रवेश नहीं करते उल्टा वे अपने जीवन में साक्ष्य देने में असमर्थ रहते हैं।

येसु ख्रीस्त और कलीसिया

संत पापा ने लोकधर्मियों और पुरोहितों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने आप से पूछने की जरुरत है कि ईश्वर जो हमें “रोज दिन” प्रदान करते हैं क्या हम उसके लिए खुले हैं। समारी के समान अपने जीवन में आने वाली घटनाओं को देखते और उसके अनुरूप कार्य करते है या हम ख्रीस्तीय अधिकारी बने रहते हैं, जो अपने को नियमों से बंधा पाते हैं। संत पापा ने कहा कि प्राचीन ईश शस्त्रियों ने कहा है कि इस दृष्टान में “सम्पूर्ण सुसमाचार” निहित है।

हममें से प्रत्येक घायल व्यक्ति के समान है और येसु ख्रीस्त वह समारी हैं। वे हमारे घावों की महलम पट्टी करते हैं। वे हमारे निकट आते और हमारी चिंता करते हैं। हमारे लिए खर्च अदा करते हैं। वे अपनी कलीसिया से कहते हैं, “यदि तुम्हें और अधिक जरुरत है तो उसे वहन करो, मैं लौट कर उसे पूरा कर दूँगा।”

08 October 2018, 16:52
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