Cerca

Vatican News
2018-06-19 संत मर्था में संत पापा का ख्रीस्तयाग 2018-06-19 संत मर्था में संत पापा का ख्रीस्तयाग  (Vatican Media)

ख्रीस्तीय दुश्मनों से प्रेम करते, उनके लिए प्रार्थना करते हैं

संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में 19 जून को ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए ख्रीस्त का उदाहरण देकर शत्रुओं से प्रेम करने हेतु प्रेरित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 19 जून 2018 (रेई)˸ "अपने शत्रुओं से प्रेम करो और अपने अत्याचारियों के लिए प्रार्थना करो। यही एक रहस्य है जिसके द्वारा ख्रीस्तीय पिता के समान पूर्ण बन सकते हैं।" यह बात संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मार्था में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही। 

उन्होंने कहा कि जो लोग हमें नष्ट करना चाहते हैं उन्हें क्षमा देना, उनके लिए प्रार्थना करना एवं उनसे प्रेम करना येसु का आदेश है।

संत मत्ती रचित सुसमाचार से लिए गये पाठ पर चिंतन करते हुए संत पापा ने कहा कि मानवीय दुर्बलताओं के बीच हमें पिता के उदाहरणों पर चलना है जो सभी से प्रेम करते हैं और चुनौती देते हैं कि ख्रीस्तीय अपने शत्रुओं से लिए प्रार्थना करें एवं उनके प्रेम हेतु अपने को समर्पित करें।

हम क्षमा करें ताकि हमें भी क्षमा मिले

संत पापा ने कहा कि हमें अपने बैरियों को क्षमा करना है जिसको हम "हे हमारे पिता" की प्रार्थना में दुहराते हैं, "हमें क्षमा कर जैसे हम भी अपने अपराधियों को क्षमा करते हैं।" यह एक शर्त है जो कि आसान नहीं है, हमें उन लोगों के लिए प्रार्थना करना है जो हमें तकलीफ देते हैं।

संत पापा ने कहा, "उन लोगों के लिए प्रार्थना करना जो हमें नष्ट करना चाहते हैं ताकि ईश्वर उन्हें आशीष प्रदान करे, इसे समझना सचमुच कठिन है। पिछली शताब्दी में रूसी ख्रीस्तियों को सिर्फ ख्रीस्तीय होने के कारण साईबेरिया भेजा गया ताकि वे ठढं से मर जाएँ। जिनमें कई लोगों ने अपने शत्रुओं के लिए प्रार्थना की। संत पापा ने ओस्विच एवं अन्य नजरबंद शिविरों की याद दिलाते हुए कहा कि वहाँ बंद कैदियों ने भी नाजियों के लिए प्रार्थना की।

येसु एवं शहीदों के तर्क से सीखें

संत पापा ने कहा कि येसु का यह तर्क कठिन है। वे क्रूस पर से अपने मारने वालों के लिए इस प्रकार प्रार्थना करते हैं, "पिता उन्हें क्षमा कर क्योंकि वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं।" संत स्तेफन ने भी शहादत के पूर्व ऐसा ही किया था।

संत पापा ने कहा किन्तु हममें और उनमें कितना अंतर है। हम छोटी चीजों के लिए भी क्षमा नहीं कर सकते हैं। जब परिवारों में पति और पत्नी, सास और बहु के बीच झगड़ा हो जाता है तो वे एक-दूसरे को माफ नहीं कर सकते हैं। बाप और बेटे के बीच भी एक-दूसरे को माफ करना मुश्किल हो जाता है जबकि हमें उन लोगों को क्षमा करना है जो हमें मार डालना चाहते हैं। उन्हें न केवल क्षमा करना किन्तु उनके लिए प्रार्थना करना और उनसे प्रेम करना है, जिसे हम केवल ईश्वर की कृपा से कर सकते हैं।

पिता के समान पूर्ण बनने की कृपा हेतु प्रार्थना 

संत पापा ने सलाह दी कि हम ख्रीस्तीय रहस्य को समझने एवं पिता के समान पूर्ण बनने की कृपा के लिए प्रार्थना करें जो अच्छे और बुरे सभी लोगों को अच्छी चीजें प्रदान करते हैं। 

संत पापा ने उन लोगों की याद करने को कहा जिन्होंने हमें दुःख दिया है अथवा हानि पहुँचायी है। उन्होंने उनके लिए इस प्रकार प्रार्थना करने का परामर्श दिया "प्रभु उन्हें आशीष दे तथा मुझे उन्हें प्यार करना सीखा।"

07 July 2018, 12:58
सभी को पढ़ें >