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म्यांमार में तख्तापलट विरोधी प्रदर्शन म्यांमार में तख्तापलट विरोधी प्रदर्शन  (AFP or licensors)

सशस्त्र समूह द्वारा काथलिक पुरोहित व प्रचारक का अगवा

म्यांमार के काथलिक पुरोहित और प्रचारक को सशस्त्र समूह ने अगवा कर लिया है। हखा के धर्माध्यक्ष ने रविवार को उनकी तत्काल रिहाई की अपील की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

म्यांमार, बुधवार, 4 अगस्त 2021 (वीएनएस)- पश्चिमी राज्य चिन में म्यांमार के सैन्य जुंटा का विरोध करनेवाले एक सशस्त्र प्रतिरोध समूह ने फादर नोएल हरंग तिन थंग और उसके साथ यात्रा कर रहे एक प्रचारक का अगवा कर लिया है।

उका न्यूज के अनुसार चिनलैंड रक्षा बल (सीडीएफ) के सदस्यों ने 26 जुलाई को उस समय फादर नोएल एवं उनके साथ प्रचारक को जब्त किया जब वे सुरखुआ शहर से चिन राज्य की राजधानी हखा जा रहे थे। वे दोनों ही हखा धर्मप्रांत स्थित सुरखुआ में रोजरी की मरिया पल्ली के हैं।  

धर्माध्यक्ष की अपील

1 अगस्त को हखा धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष लुकस हरे कुंग ने उनके रिहाई की अपील की तथा उनकी सुरक्षा के लिए चिंता व्यक्त की। उन्होंने चिनलैंड रक्षा बल से अपील करते हुए कहा, "मैं सीडीएफ के संबंधित नेताओं से इस जोड़ी को तुरंत रिहा करने का आह्वान करता हूँ।" स्थानीय काथलिकों ने भी चिंता व्यक्त की है और पुरोहित एवं प्रचारक की तत्काल रिहाई के लिए प्रार्थना की है।

सूत्रों के अनुसार, फादर टिन थांग बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित कई विस्थापित लोगों की मदद कर रहे थे, जो जून की शुरुआत में संघर्ष के बाद पल्ली में शरण लिए हुए थे।

आरोप

धर्माध्यक्ष हरे कुंग की अपील के बाद, सीडीएफ ने कहा कि पुरोहित और प्रचारक सही सलामत हैं।

समूह ने पुरोहित पर सैन्य जुंटा को जानकारी देने, जुंटा से चिकित्सा सहायता प्राप्त करने और स्थानीय लोगों से जुंटा का समर्थन प्राप्त करने का आग्रह करने का आरोप लगाया है। समूह ने कहा कि उसने फादर को सेना के सुरक्षा बल से संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी थी, और उन्हें फादर टिन थांग को गिरफ्तार करना पड़ा क्योंकि वह उसका पालन करने में विफल रहे। "हम उन्हें तभी रिहा करेंगे जब फादर को सुरखुआ से हखा स्थानांतरित किया जाएगा और कलीसिया के दो नेताओं से सिफारिश पत्रों पर हस्ताक्षर करने की हमारी मांग पूरी हो जाएगी।"

हालांकि, इटली की समाचार एजेंसी एजीआई के मुताबिक, सुरखुआ के लोगों के लिए दवा खरीदते समय फादर और प्रचारक को हखा में गिरफ्तार किया गया था, स्थानीय समुदाय इस बात से इनकार करता है कि फादर टिन थांग का सुरक्षा बल से कोई संबंध था।

हखा धर्मप्रांत के फादर पॉल थला किओ ने वाटिकन की फिदेस समाचार एजेंसी को बताया कि सीडीएफ ने फादर टिन थांग को सेना के एक जनरल के साथ संपर्क करते देखा है। फादर थला किओ ने समझाया कि जनरल, जो एक काथलिक हैं और जनसमुदाय में भाग लेते हैं, अक्सर फादरों के निवास पर जाते थे। दरअसल, फादर टिन थांग ने जनरल को हिंसा से बचने के लिए कहा था।

नागरिक प्रतिरोध समूह

1 फरवरी को म्यांमार की नेता आंग सान सू की और उनकी चुनी हुई सरकार को सेना द्वारा बेदखल करने से राष्ट्रव्यापी विरोध, हड़ताल और सविनय अवज्ञा आंदोलन के साथ देश में अराजकता फैल गई, सरकार की बहाली और उनके नेता की रिहाई की मांग की गई। सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए म्यांमार की सेना द्वारा अपने विरोधियों पर की गई खूनी कार्रवाई में अब भी कोई कमी नहीं आई है।

सीडीएफ सेना से लड़नेवाले नागरिक प्रतिरोध समूहों में से एक है। घरेलू हथियारों का उपयोग करते हुए, सीडीएफ ने मई में चिन राज्य में भड़के संघर्ष में जून्टा बलों के बीच भारी हताहत किया है। 30 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष अभी भी उग्र है और चिन राज्य और पड़ोसी मैगवे और सागिंग प्रखंड में 18,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। संघर्ष के दौरान, पुरोहितों को निशाना बनाया गया, सेना ने मई और जून में चिन तथा काचिन राज्यों एवं मांडले प्रखंड के आठ पुरोहितों को गिरफ्तार किया।

जनजातीय ख्रीस्तीय

बौद्ध बहुल देश में ख्रीस्तीय अल्पसंख्यक हैं। 54 मिलियन आबादी में ख्रीस्तीयों की संख्या सिर्फ 6.2 प्रतिशत है। म्यांमार में काथलिकों की संख्या लगभग 1.5 प्रतिशत है।

04 August 2021, 16:10