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टाइग्रे क्षेत्र के ग्रामीन बाजार से लौटते हुए टाइग्रे क्षेत्र के ग्रामीन बाजार से लौटते हुए 

इथियोपियाई धर्माध्यक्षों ने हिंसा बंद करने व सुलह का आग्रह किया

इथियोपिया के धर्माध्यक्ष देश के संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्र टाइग्रे में हिंसा को रोकने की अपील कर रहे है, जहां आठ महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है। वे शांति की राह पर बातचीत और सुलह की सलाह देते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

अदीस अबाबा, बुधवार 28 जुलाई 2021 (वाटिकन न्यूज) : इथियोपिया के धर्माध्यक्षों ने टाइग्रे क्षेत्र में हिंसा को समाप्त करने के आह्वान को दोहराया है, जो पिछले साल नवंबर से सशस्त्र संघर्ष से तबाह हो गया है।

टाइग्रे में संघर्ष तब शुरू हुआ जब प्रधान मंत्री अबी अहमद ने क्षेत्र के असंतुष्ट टाइग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) पार्टी के प्रति वफादार बलों द्वारा संघीय सेना पर हुए हमले की जवाबी कार्रवाई में एक सैन्य घुसपैठ का आदेश दिया। इस हिंसा में हजारों मौतें हुई हैं, बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं और मानवीय स्थिति बिगड़ती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने यहां तक चेतावनी दी है कि कई लाख लोगों को भुखमरी का खतरा है।

देश के अशांत टाइग्रे क्षेत्र की स्थिति के बारे में धर्माध्यक्षों ने अपनी आम सभा के अंत में प्रकाशित एक बयान में कहा, "युद्ध के बारे में सुनकर हमारा दिल दुखी होता है, जबकि हम सभी शांति और सुलह के बारे में सुनना चाहते हैं।"

युद्ध कोई समाधान नहीं

बढ़ते हुए संघर्ष के आलोक में, धर्माध्यक्षों का कहना है कि "युद्ध की भयावहता न तो गलतियों का समाधान है और न ही संकट का समाधान" क्योंकि "युद्ध अनकही पीड़ा लाता है और निर्दोष लोगों द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत अतुलनीय है।"

धर्माध्यक्षों ने शांति के मार्ग के रूप में वार्ता को अपनाने के लिए पार्टियों को आमंत्रित करते हुए कहा, "हिंसा को रोकने में कभी देर नहीं होती है।"

उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि लोगों की भलाई के लिए एकमात्र रास्ता शांति और सुलह है, जो "सच्चाई और न्याय की मांगों को पूरा करता, क्षमा मांगता और क्षमा देता है,जो आपसी विश्वास बहाल करता और दूसरों को अपने भाइयों और बहनों के रुप में स्वीकार करता है।  कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कौन हैं और हमारी असहमति कितनी गहरी है, बातचीत के माध्यम से किसी भी मतभेद को सुलझाया जा सकता है।”

अधिकारियों से अपील

धर्माध्यक्षों ने स्थानीय अधिकारियों से आग्रह किया कि वे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के लिए मानवीय सहायता तक पहुंच की अनुमति दें।

हाल ही में जारी संयुक्त राष्ट्र टाइग्रे क्षेत्र की मानवीय रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है। 5.2 मिलियन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, जबकि आपूर्ति और सहायता कर्मियों के पास उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए स्टॉक तेजी से कम हो रहा है और हाल के दिनों में इस क्षेत्र में पहुंचने वाले सड़कों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

धर्माध्यक्षों ने कहा, "चरवाहे के रूप में, हम उस दुख और पीड़ा को महसूस करते हैं जिससे लोग गुजर रहे हैं। हम उनके साथ पहचान रखते हैं, उनकी पीड़ा हमारी पीड़ा है।"

उन्होंने निरंतर समर्थन का आह्वान करते हुए, "आबादी की पीड़ा को कम करने के लिए अथक प्रयास करने वाले कई लोगों" का भी आभार व्यक्त किया ताकि "किसी को भी भुलाया या छोड़ा न जाए।"

आम सभा

धर्माध्यक्षों की आम सभा, 13 से -16 जुलाई तक थी, जिसने इथियोपिया के सभी धर्मप्रांतों के धर्माध्यक्ष को एक साथ लाया, सिवाय एडिग्रेट धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष टेस्फसिलासी मेधीन को छोड़कर, जो टाइग्रे के युद्ध क्षेत्र के भीतर है।

धर्माध्यक्षों ने धर्माध्यक्ष मेधीन के लिए प्रार्थना की, जो टाइग्रे की स्थिति के कारण शामिल नहीं हो सके। उन्होंने टाइग्रे क्षेत्र के पुरोहितों, धर्मबहनों और विश्वासियों के लिए भी प्रार्थना की जो संघर्ष के कारण चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं।

28 July 2021, 15:58