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संत अन्ना अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में कोविड मरीजों सहित उनके परिजनों, अस्पताल स्टाफ एवं वृद्धाश्रय के सभी सदस्यों को निःशुल्क भोजन प्रदान किया गया। संत अन्ना अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में कोविड मरीजों सहित उनके परिजनों, अस्पताल स्टाफ एवं वृद्धाश्रय के सभी सदस्यों को निःशुल्क भोजन प्रदान किया गया। 

संत अन्ना अस्पताल में निःशुल्क भोजन वितरण द्वारा कोविड मरीजों की सहायता

संत अन्ना की पुत्रियों के धर्मसंघ राँची ने 10 से 16 मई तक राँची के निकट उल्हातू स्थित संत अन्ना अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में कोविड मरीजों सहित उनके परिजनों, अस्पताल स्टाफ एवं वृद्धाश्रय के सभी सदस्यों को निःशुल्क भोजन प्रदान किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

राँची, सोमवार, 17 मई 2021 (वीएन हिन्दी)- मुफ्त भोजन वितरण का निर्णय धर्मसंघ की परमाधिकारिणी रेभ. सिस्टर लिली ग्रेस तोपनो एवं उनकी चार सलाहकारिणियों के नेतृत्व में लिया गया था। भोजन वितरण में संत अन्ना जेनेरालेट की धर्मबहनों एवं नवशिष्याओं ने अपना सहयोग दिया। भोजन में प्रत्येक दिन चावल, दाल, चिकन, अण्डा, मछली, सब्जी, फल तथा पानी की बोतल उपलब्ध करायी गई।

धर्मसंघ की परमाधिकारिणी रेभ. सिस्टर लिली ग्रेस तोपनो ने कहा, "इन दिनों कोरोना वायरस के कारण बहुत विकट परिस्थिति है। अस्पताल में कोविड मरीजों की भीड़ लगी हुई है, खासकर, ग्रामीण क्षेत्रों से। लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अतः उनकी मदद करने का निर्णय लिया गया।"

उन्होंने बतलाया कि मुफ्त भोजन वितरण की प्रेरणा उन्हें योहन 15˸12 से मिली जिसमें येसु कहते है, "मेरी आज्ञा यह है – जिस प्रकार मैंने तुमको प्यार किया है, उसी प्रकार तुम भी एक-दूसरे को प्यार करो।" दूसरी प्रेरणा उन्हें संस्थापिका ईश सेविका मेरी बेर्नादेत्त किसपोट्टा से मिली, जिन्होंने 1895-1896 के बीच हैजा महामारी और आकाल के कारण भूख एवं बीमारी से मरनेवाले लोगों की निःस्वार्थ मदद की थी।

मदर जेनेरल ने बतलाया कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान संत अन्ना अस्पताल में सहयोग देने के लिए धर्मसंघ के विभिन्न प्रोविंसों से धर्मबहनों को भेजा गया है। उनमें गुमला प्रोविंस से एक नर्स एवं 8 सहयोगी धर्मबहनें, मध्यप्रदेश प्रोंविस से दो नर्स बहनें तथा राँची प्रोंविस से एक नर्स धर्मबहन सेवा दे रही हैं। अस्पताल में कुछ जूनियर धर्मबहनें भी अपना हाथ बटा रही हैं।

आधुनिक उपकरणों से अपनी गुणवत्ता का परिचय देते हुए अस्पताल ने कोविड-19 की दूसरी लहर से प्रभावित करीब 193 कोविड मरीजों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया है। संत अन्ना अस्पताल में दाखिला लेनेवाले मरीजों में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों से लोग आते हैं। इसके अतिरिक्त कई पुरोहित, धर्मबहनें एवं धर्मबंधु भी इस अस्पताल की सेवा एवं मुफ्त भोजन से लाभान्वित हुए।

संत अन्ना अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में कोविड विभाग की इंचार्ज सिस्टर नीलिमा एक्का ने मैटर्स इंडिया को बतलाया कि उनके पास गाँव के मरीज लाये जाते हैं क्योंकि वे शहर के बड़े अस्पतालों में नहीं जा पाते। उनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें भोजन खरीदना भी मुश्किल होता है।

मुफ्त भोजन वितरण का कार्य 10 मई को शुरू किया गया था जो 16 मई तक लगातार चला। भोजन ग्रहण करनेवालों की संख्या प्रतिदिन करीब 150 रही।

कोरोना वायरस के कारण पूरे राज्य की स्थिति दयनीय है। सरकार लोगों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रही है किन्तु सभी लोगों तक पहुँचना मुश्किल है अतः कलीसिया की संस्थाएँ अपनी ओर से लोगों की मदद कर रही हैं। राँची महाधर्मप्रांत भी जरूरतमंद लोगों की मदद सरकारी अस्पतालों में जाकर कर रहा है।

मदर जेनेरल सिस्टर लिली ने बतलाया कि उनको सहयोग देने के लिए धर्मसंघ ने एक लाख सहायता राशि प्रदान किया है।

पिछले साल कोविड-19 संक्रमण की शुरूआत में लॉकडाऊन के दौरान जब मजदूर पैदल अपने घर लौट रहे थे तो धर्मसंघ ने शहर के चौराहों, सड़कों और आसपास में जाकर लोगों की मदद की थी एवं उनके ठहरने के लिए शेल्टर हॉम का प्रबंध किया था।

भारत इस समय B.1.617 वैरिएंट से जूझ रहा है और पूरी दुनिया के मुक़ाबले भारत में कोविड-19 की सबसे बुरी स्थिति है।

बीबीसी के अनुसार देश में बीते तीन सप्ताह से रोज़ाना कोविड संक्रमण के 3 लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं और प्रतिदिन चार हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो रही है।

 

 

17 May 2021, 15:49