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गाज़ा में हमला के बाद मृतकों के सामने विन्ती करते लोग गाज़ा में हमला के बाद मृतकों के सामने विन्ती करते लोग  (AFP or licensors)

गाज़ा पल्ली पुरोहित ˸ अत्यन्त खराब स्थिति, अंतहीन हिंसा व खुले संघर्ष

गाज़ा के पल्ली पुरोहित फादर गाब्रिएल रोमानेल्ली ने लगातार हिंसा एवं खुले हमले के बीच वहाँ की स्थिति के बारे बतलाया। रोजरी की धर्मबहनों के कॉन्वेंट और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गये हैं। बिजली गुल है और पानी की आपूर्ति खतरे में है। युद्ध के डर ने कोविड-19 के डर की जगह ले ली है। दिन के समय बमबारी एक "बहुत नकारात्मक संकेत" है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

गाज़ा, शनिवार, 15 मई 2021 (एशियान्यूज) – हिंसा में वृद्धि, जो येरूसालेम में शुरू हुई, गाज़ा पट्टी और अब वेस्ट बैंक तक फैल गई है एवं हमास की भागीदारी के साथ एक खुले संघर्ष में बदल गई।

स्थिति बहुत खराब

गाज़ा के पल्ली पुरोहित, अर्जेंतीनी फादर गाब्रिएल ने एशियान्यूज से कहा, "इस समय स्थिति बहुत खराब है; मैं नहीं जानता कि हम संघर्ष के किस विन्दु में हैं और सैनिक जमीनी स्तर पर कितना आगे बढ़ेंगे। यहां हमें एक जमीनी कार्र्वाई की विरोधाभासी जानकारी, घोषणाएं और खंडन मिलते हैं, जबकि बम विस्फोट लगातार होते रहते हैं।"

उन्होंने कहा, "अब तक, ख्रीस्तीय समुदाय के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और गिरजाघर भी सही सलामत है। रोजरी की धर्मबहनों का स्कूल घर बमबारी के कारण आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है किन्तु सभी धर्मबहन सकुशल हैं।"

संघर्ष विराम की आवश्यकता

अर्जेन्तीनी पुरोहित के अनुसार, “अब एक संघर्ष विराम आवश्यक है; यह एक वांछनीय और उत्कृष्ट बात होगी, लेकिन उस दिशा में इंगित करनेवाले कोई संकेत नहीं हैं। इसके विपरीत, चीजें उलटी दिशा में खुले संघर्ष की ओर बढ़ रही हैं और कई लोग इसके शिकार हो चुके हैं। करीब सौ से अधिक लोग इसके शिकार हो चुके हैं और उनमें से 27 बच्चे हैं...यह सचमुच भयावाह है।"  

उन्होंने कहा, "नवीनतम जानकारी के अनुसार करीब 600 लोग घायल हैं और इसकी गिनती नहीं हुई है। मौतों की संख्या बहुत अधिक है। हर मौत के पीछे, हर पीड़ित के पीछे एक कहानी है, एक घाव, एक व्यक्तिगत त्रासदी है जो और भी अधिक गहरा होता है जब यह नाबालिक के साथ हो।"

रोजमर्रा की जिंदगी में भारी असर

रोजमर्रा की जिंदगी में भी भारी असर महसूस किया जा रहा है। बिजली गुल हो रही है और इसे जलापूर्ति में भी दिक्कतें हो रही हैं।

"कई लोग शरण खोजने के लिए विवश हो चुके हैं; कल एक गरीब जिला शुजाह में हमला किया गया जिससे कई लोग बेघर हो गये और शरण की खोज में इधर-उधर घूमने लगे। कई लोग गाज़ा में शरण के लिए यूएन मिशन का द्वार खटखटा रहे हैं। बमबारी से न केवल सैन्य ठिकानों पर, बल्कि नागरिक क्षेत्र भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।"

इस दुखद परिस्थिति में, ख्रीस्तीय समुदाय आनेवाले दिनों में बढ़नेवाली "आवश्यकताओं को पूरा करने" की तैयारी कर रहा है। फादर रोमानेल्ली ने कहा, "इस समय इमारतों, सोलर पैनल और अन्य संरचनाओं में थोड़ी क्षति के अलावा हम सभी सकुशल हैं। लोग अपने घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और जितना हो सके अपने को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।  

"यह एक विरोधाभाषी स्थिति है, हम कुछ दिनों से बाहर निकलना शुरू किये थे और उम्मीद थी कि कोविड-19 प्रतिबंधों एवं लॉकडाऊन के बाद पहले की तरह एक सामान्य जीवन में लौट सकेंगे। हम एक स्थिरता, नयी तरह की सामान्य स्थिति महसूस कर रहे थे किन्तु यह भ्रम अधिक दिनों तक नहीं टिकी।"

फादर रोमानेल्ली के लिए कुछ और चिंता का विषय है, जो गाजा पट्टी में हिंसा और छापे से अच्छी तरह वाकिफ हैं, उन्होंने इसका प्रत्यक्ष अनुभव किया है।  

उन्होंने कहा, "यह एक अत्यन्त नकारात्मक संकेत है कि बमबारी दिन के समय हो रहे हैं रात में नहीं जैसा कि पहले होता था जिससे लगता है कि स्थिति बदतर होने वाली है।”

प्रभु पर भरोसा

"हमें प्रार्थना करना और प्रभु पर भरोसा रखना चाहिए, यह जानते हुए कि यदि मनुष्य युद्ध उत्पन्न कर सकता है तो वह शांति भी स्थापित कर सकता है।"  

हराम एश-शरीफ़ (टेम्पल माऊंट) और येरूसालेम के शेख जर्रा इलाके में तनाव बढ़ने तथा गाज़ा तक हिंसा फैलने की वजह के बारे बतलाते हुए उन्होंने कहा, "विभाजनों और विभिन्न प्रशासनों के बावजूद, वेस्ट बैंक, पूर्वी येरूसालेम एवं गाजा एक ही निकाय का हिस्सा हैं, एक ही लोगों का हिस्सा है, अतः एक जगह पर जो होता है उसका अन्यत्र भी प्रभाव पड़ता है। इस तरह की अचानक हुई हिंसा ने हमें चौंका दिया, लेकिन हम तीन सप्ताह से ही संघर्ष और तनाव देख रहे हैं।”

15 May 2021, 14:11