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Vatican News
भारत में कोरोना वायरस भारत में कोरोना वायरस  (AFP or licensors)

जेस्विट सोसाईटी के एनजीओ द्वारा भारत की मदद हेतु फंड

स्पेन में येसु समाज के दो गैर-सरकारी संगठन अल्बोअन और इंटरकलचर्स, जेवियर नेटवर्क (अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क) के साथ मिलकर भारत में कोविड-19 पीड़ितों की मदद हेतु फंड जमा कर रहे हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

स्पेन, बृहस्पतिवार, 13 मई 2021 (रेई)- कोरोनावायरस महामारी के कारण देश 1947 के बाद से सबसे अधिक पीड़ित स्थिति में है। अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बिलकुल कमी हो गई है- वहाँ न बेड खाली है न ऑक्सिजन और न ही दवाईयाँ हैं, ऐसी स्थिति में कई लोग येसु समाजी संस्थानों में आकर मदद की गुहार कर रहे हैं। टेलीविजन में शवों को जलाने के लिए लोगों की लम्बी कतारों को देखा जा सकता है। दाह संस्कार के लिए पैसों के अभाव में शवों को श्मशान घाट में ही छोड़ दिया जा रहा है और कुछ को नदियों में भी बहा दिया जा रहा है। बिहार के बक्सर स्थित चौसा श्मशान घाट पर 71 लाशें गंगा नदी में तैरती हुई मिली हैं। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न इस स्थिति से लोग अत्यन्त डरे हुए हैं, खासकर, ग्रामीन इलाकों में।

गैर सरकारी संगठन ने अपने साझेदारों को फंड जमा करने की अपील करते हुए कहा है कि इस अत्यंत चिंताजनक परिदृश्य में अल्बोअन और इंटरकलचर्स को स्थानीय साझेदारों से मदद की आवश्यकता है ताकि उन कमजोर समुदायों को मानवीय सहायता पहुँचाया जा सके जो सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में जी रहे हैं, खासकर, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और केरल में।

दो संगठनों ने अब तक करीब 10,000 लोगों को भोजन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा किट, स्वास्थ्य सामग्री एवं दवाओं से मदद की है एवं स्थानीय स्वास्थ्यक्रमियों को समर्थन दिया है और साथ ही साथ, संक्रमण से बचने के लिए लोगों के बीच जागृति लाने का काम किया है।

पूरे भारत (साऊद इंडियन अस्सिस्टेन्स) में येसु समाजी पुरोहितों द्वारा कई स्कूल, कॉलेज एवं समाज सेवा केंद्र चलाये जाते हैं जहाँ करीब 35 से अधिक जेस्विट पुरोहितों की मौत कोरोनावायरस से हुई है।

 

13 May 2021, 15:32