खोज

Vatican News
लेसोथो के कार्डिनल सेबास्तियन कोटो खोअराई लेसोथो के कार्डिनल सेबास्तियन कोटो खोअराई 

लेसोथो के कार्डिनल कोटो खोअराई का निधन

लेसोथो के कार्डिनल सेबास्तियन कोटो खोअराई का निधन शनिवार 17 अप्रैल को हुआ। वे 91 साल के थे। संत पापा फ्राँसिस ने 2016 में उन्हें कार्डिनल घोषित किया था।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

मोहाल होएक, मंगलवार, 20 अप्रैल 21 (रेई)- कार्डिनल सेबास्तियन कोटो खोअराई का जन्म 11 सितम्बर 1929 को क्वालिंग में हुआ था। उन्होंने दर्शनशास्त्र एवं ईशशास्त्र की पढ़ाई रोमा (लेसोथो) के संत अगुस्टीन सेमिनरी में की, जो मसेरू महाधर्मप्रांत में पड़ता है।  

ओ.एम.आई. धर्मसमाज के सदस्य

उन्होंने 5 जनवरी 1950 को ओब्लेटस ऑफ मेरी ईमाकुलेट के नवशिष्यालय में प्रवेश किया था और 6 जनवरी 1951 धर्मसमाजी व्रतधारण किया था। 21 दिसम्बर 1956 को उनका पुरोहिताभिषेक हुआ था जिसके दो दिन बाद, उन्होंने अपने पिताजी को बपतिस्मा दिया था। पल्लियों एवं सेमिनरी में कई जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद, उन्हें 1975 में परमधर्मपीठीय मिशन सोसाईटी का पहला राष्ट्रीय निदेशक नियुक्त किया गया था।

धर्माध्यक्ष

10 नवम्बर 1977 को संत पापा पौल छटवें ने उन्हें नये धर्मप्रांत मोहाले होएक का पहला धर्माध्यक्ष नियुक्त किया था। उसके बाद 2 अप्रैल 1978 को उनका धर्माध्यक्षीय पावन अभिषेक सम्पन्न हुआ था। 1982 से 1987 तक वे लेसोथो काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष रहे।

मई 2006 में वे कानूनी रूप से सेवानिवृत हो गये थे किन्तु धर्मप्रांत में एक प्रेरितिक प्रशासक का कार्य तब तक संभाला, जब तक कि उनके पदत्याग को स्वीकार नहीं कर लिया गया। 11 फरवरी 2014 को 84 वर्ष की उम्र में संत पापा फ्राँसिस ने उनके त्याग पत्र को स्वीकार किया।

लेसोथो के पहले कार्डिनल

19 नवम्बर 2016 की कनसिस्ट्री में संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया। 87 वर्ष की उम्र में वे लेसोथो के पहले कार्डिनल बने। दुर्भाग्य से उनके स्वास्थ्य ने कार्डिनल की लाल टोपी एवं अंगुठी को पोप से ग्रहण करने के लिए रोम आने नहीं दिया।

उनके निधन के साथ कार्डिनलों की कुल संख्या घट कर 224 हो गई है जिनमें से 126 80 साल से कम उम्र के हैं, अतः वे पोप के चुनाव के लिए वोट दे सकते हैं।

 

20 April 2021, 15:40