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राख बुधवार को प्रांगण में रात को मिस्सा करते हुए धर्माध्यक्ष एरिक वार्डेन राख बुधवार को प्रांगण में रात को मिस्सा करते हुए धर्माध्यक्ष एरिक वार्डेन 

नॉर्वे: प्रांगण में मिस्सा के दौरान बर्फ और राख सिर पर गिरे

नॉर्वे में ट्रॉनहैम के धर्माध्यक्ष ने राख बुधवार को बर्फ गिरते हुए खुले स्थान में पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान किया जिससे कि अधिक से अधिक विश्वासी पवित्र मिस्सा में भाग ले सकें। पिछले मार्च के बाद यह पहला मौका था जब ट्रॉनहैम में 10 से अधिक लोगों ने मिस्सा भाग लिया था।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ट्रॉनहैम, सोमवार 22 फरवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : नॉर्वे के ट्रॉनहैम में कड़ाके की ठंडी रात में धर्माध्यक्ष एरिक वार्डन, ओसीसोओ  ने संत ओलाफ महागिरजाघऱ के सामने, संत जॉन पॉल द्वितीय प्रांगण में राखबुधवार के पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान किया जिसमें लगभग सौ काथलिक एकत्र हुए थे।

बाहर: एकमात्र समाधान

पिछले 12 मार्च के बाद से, कोरोनावायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए, नॉर्वे ने ऐसे उपायों को अपनाया जिससे 10 से अधिक व्यक्तियों को गिरजाघर में सामूहिक और अन्य साहित्यिक समारोहों में भाग लेने की अनुमति नहीं मिली। परिणामस्वरूप, स्थानीय धर्माध्यक्ष ने कड़ाके की सर्दी में भी खुले आसमान के नीचे पवित्र मिस्सा को विश्वासियों के लिए संभव बनाने का फैसला लिया।

धर्माध्यक्ष वार्डन बताते हैं, '' हम लगभग एक साल से एक प्रकार का उपवास कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि पहल एक विरोध नहीं है, बल्कि आवश्यकता की प्रतिक्रिया है।  “बहुत से लोग प्रतिबंधों को दर्दनाक और निराशाजनक पाते हैं, भले ही वे जानते हों कि वे महामारी को रोकने के लिए आवश्यक हैं और इसलिए वे उनका सम्मान करते हैं। जब अधिकारी ने गिरजाघऱ के सामने बाहर प्रांगण में पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करने के लिए अनुमति दी, तो मुझे राहत की अनुभूति हुई। उन्हें मालुम है कि ईस्टर के लिए अपनी चालीसा यात्रा शुरू करने की इच्छा रखते हुए गिरजाघऱ में उन दस सीटों को हथियाने के लिए कितने विश्वासियों को दौड़ लगाना पड़ता और इसलिए, बुधवार को, हमने ठंड को कम किया।”

राख बुधवार का मिस्सा प्रांगण में
राख बुधवार का मिस्सा प्रांगण में

राख और बर्फ

पवित्र मिस्सा समारोह एक घंटे तक चला। जब यह खत्म हो गया, तो धर्माध्यक्ष वार्डन ने आने वाले लोगों को धन्यवाद दिया और सभी को सलाह दी कि "घर जाइये और अपने को गर्म करने के लिए गर्म पेय लीजिए।"

प्रांगण में मिस्सा में आने वाले लोगों की संख्या 100 निर्धारित की गई थी। मिस्सा शुरू होने से पहले, धर्माध्यक्ष ने सभी को निर्धारित दूरी बनाए रखने के लिए याद दिलाया। क्षेत्र को चिह्नित करने के लिए बर्फ में मोमबत्तियां लगाई गई थीं। जिससे भाग लेने वालों को प्रकाश और गर्मी मिली। जब राख को सिर पर डालने का समय आया और जैसे ही धर्माध्यक्ष एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के सिर के ऊपर राख बिखरने लगे, आसमान से भी बर्फ उनके उपर चुपचाप गिरने लगे।  

ईश्वर पर भरोसा

ठंड और अंधेरे के बावजूद, यह एक प्रभावशाली समारोह था। परिस्थितियों को देखते हुए, अपने संक्षिप्त प्रवचन में धर्माध्यक्ष वार्डन ने चालीसा को एक तीर्थयात्रा कहा। उन्होंने सभी को याद दिलाया, "एक साथ हम ईश्वर के पास लौट सकते हैं ... यह हमें खुशी देता है कि ईश्वर हम से कभी हार नहीं मानते हैं। भले ही हम विश्वासघाती हों, वे हमेशा वफादार हैं। वे हमारी अच्छाई के बीज को तब भी देखते हैं जब ऐसा लगेगा कि यह बर्फ में जम गई है। "

महामारी के दौरान धर्माध्यक्षीय अभिषेक

नॉर्वे के केंद्र में ट्रोनहैम धर्मप्रांत, 120 विभिन्न राष्ट्रीयताओं के करीब 16,000 लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। पिछले मार्च से पहले, 1,200 और 1,500 लोग हर रविवार को महागिरजाघर में पवित्र मिस्सा समारोह के लिए आते थे।

दस साल से अधिक समय के बाद, ट्रॉनहैम धर्मप्रांत ने हाल ही में एक नए धर्माध्यक्ष का स्वागत किया। महामारी के समय नार्वे वासी फादर एरिक वॉर्डन को इंग्लैंड में ट्रैपिस्ट मठ माउंट संत बेर्नार्ड के मठाधीश के रूप में सेवा करने के बाद अक्टूबर की शुरुआत में ट्रॉनहैम का धर्माध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्हें अभी तक सामान्य परिस्थितियों में धर्माध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाने का अवसर नहीं मिला है।

हम साथ रहना चाहते हैं

धर्माध्यक्ष वार्डन ने कहा, "यह आश्चर्य का वर्ष रहा है", लेकिन अधिकांश भाग के लिए जीवन आश्चर्य से भरा है। यह मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह एक अवसर भी है। हर संकट अपने साथ एक अवसर लेकर आता है। यह चीजों को स्पष्ट करता है, जो जरूरी नहीं है उसे हटा देता है…। हमने सीखा है कि एक समाज होने का क्या मतलब है, हमें एक-दूसरे की ज़रूरत है और हम एक साथ रहना चाहते हैं।”

राख बुधवार मिस्सा के परिणाम से खुश धर्माध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के अन्य मिस्सा के लिए कोई योजना नहीं है। हालांकि, जब आवश्यक होगा, तो वे निश्चय ही बाहर में मिस्सा समारोह का अनुष्ठान करेंगे।

22 February 2021, 14:24