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कोविद-19 महामारी के दौरान ज़रूरतमन्दों की मदद करती भारतीय धर्मबहनें, प्रतीकात्मक तस्वीर कोविद-19 महामारी के दौरान ज़रूरतमन्दों की मदद करती भारतीय धर्मबहनें, प्रतीकात्मक तस्वीर   (AFP or licensors)

ख्रीस्तीय धर्मबहन पर हिंदू शिक्षक के धर्मपरिवर्तन का आरोप

मध्यप्रदेश पुलिस ने एक काथलिक धर्मबहन पर एक हिन्दू शिक्षक के धर्मान्तरण का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज़ की है कि धर्मबहन ने राज्य के कड़े धर्म परिवर्तन कानून का उल्लंघन किया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

मध्यप्रदेश, शुक्रवार, 26 फरवरी 2021 (ऊका समचार): मध्यप्रदेश पुलिस ने एक काथलिक धर्मबहन पर एक हिन्दू शिक्षक के धर्मान्तरण का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज़ की है कि धर्मबहन ने राज्य के कड़े धर्म परिवर्तन कानून का उल्लंघन किया है।

स्थानीय कलीसियाई अधिकारियों के अनुसार, खजुराहो के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेन्ट की प्रधानाचार्य सि. भाग्या पर 22 फरवरी को पुलिस ने यह आरोप दर्ज़ किया। 

आरोप सरासर ग़लत

सतना धर्मप्रान्त के जनसंपर्क अधिकारी फादर पॉल वर्गीज ने कहा, "यह आरोप सरासर ग़लत आरोप है।" उन्होंने कहा कि यह मामला राज्य की हिंदुत्ववादी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा जनवरी में एक नया धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के बाद ईसाइयों के खिलाफ दायर किए गए ऐसे मामलों की श्रृंखला में नवीनतम था।

फादर वर्गीज़ ने बताया कि मामला हिन्दू महिला रूबी सिंह की शिकायत पर आधारित है जिसने 2016 में सेक्रेड हार्ट स्कूल जोईन किया था। छात्रों एवं अभिभावकों द्वारा टीचर रूबी सिंह की शिकायतें मिलने के उपरान्त स्कूल प्रबन्धन ने, विगत वर्ष कोविद-19 लॉकडाऊन के बाद, उसकी सेवाओं को स्थगित कर दिया था।  

सिंह ने उलटे धर्मबहन भाग्या पर आरोप लगा दिया कि उन्होंने उसके समक्ष ख्रीस्तीय धर्म में परिवर्तित होने की शर्त रखी थी।

स्कूल ने पुलिस सुरक्षा मांगी थी  

फादर वर्गीज़ ने कहा, सि. भाग्या निर्दोष हैं तथा नये धर्मान्तरण कानून की खामियों का लाभ उठाकर उनपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। रूबी सिंह को स्कूल से हटाये जाने के बाद ही उसने सिस्टर भाग्या पर झूठा आरोप लगाया। सिंह ने स्कूल और कॉन्वेन्ट के प्राँगण में विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद 17 फरवरी को स्कूल प्रबन्धन ने उसके विरुद्ध पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, किन्तु इसके बाद उसने धर्मान्तरण का झूठा आरोप लगा दिया।   

कलीसियाई नेताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश का नये धर्मान्तरण विरोधी कानून का दुरुपयोग ख्रीस्तीयों को निशाना बनाने के लिये किया जा रहा है। उन्होने बताया कि उक्त कानून के पारित होने के बाद से दो माहों के भीतर ही लगभग 12 ख्रीस्तीयों के विरुद्ध झूठे आरोप दर्ज़ किये गये हैं।  

26 February 2021, 11:59