खोज

Vatican News
इटली के रेजिना चेली कैदखाने में कैदियों के पैर धोते संत पापा फ्रांसिस इटली के रेजिना चेली कैदखाने में कैदियों के पैर धोते संत पापा फ्रांसिस  (ANSA)

चालीसा संदेश ˸ महामारी में कैदियों को अधिक स्नेह एवं कोमलता की जरूरत

इटली में कैदियों की प्रेरिताई के निदेशक फादर रफाएले ग्रिमालदी ने चालीसा काल के संदेश में कहा है कि महामारी के इस समय में कैदियों को अधिक स्नेह एवं कोमलता की आवश्यकता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इटली, बृहस्पतिवार, 18 फरवरी 2021 (वीएनएस)- राखबुध के अवसर पर कैंदियों की प्रेरिताई में लगे पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं स्वयंसेवकों को प्रेषित चालीसा काल के संदेश में इटली में कैदियों की प्रेरिताई के निदेशक फादर रफाएले ग्रिमालदी ने कहा, "यह एक चालीसा काल अन्य सालों से अलग है।" महामारी के इस समय में कैदियों को अधिक स्नेह एवं कोमलता की आवश्यकता है।

महामारी के समय को एक अवसर के रूप में जीना

उन्होंने लिखा, "महामारी जिसने दुनिया को आगे बढ़ने से रोका एवं गति धीमी कर दी है इसने जेल में पीड़ित लोगों के बीच हमारी प्रेरितिक गतिविधियों को भी कम कर दिया है किन्तु हम सभी इस समय को एक कृपा, एक वरदान और एक अवसर के रूप में जीना चाहते हैं जो हमें उदार विश्वास, जीवित आशा एवं उत्साही परोपकार के द्वारा प्राप्त हो सकता है। "चालीसा उपवास का समय है, जो अधिक आवश्यक है उसपर ध्यान देने का समय है। यह न केवल भौतिक चीजों से परहेज करने बल्कि इस कठिन समय में हमारे मानवीय संबंधों को मजबूत करने का समय है।"  

भय का यह समय, किसी भी तरह से हमारी आशा के क्षितिज को कम न करे जो ख्रीस्तियों के अनुकूल है। ख्रीस्त जो जीवित हैं और जी उठे हैं वे ही सभी चीजों को नया कर देते हैं। हमारा कर्तव्य केवल इतना है दूसरों की चिंता करना ताकि हम अपने को बेहतर और हमारे आसपास की दुनिया को खुशहाल बना सकें।

परोपकार, विश्वास और आशा की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति

फादर रफाएले ने संदेश में संत पापा के संदेश की याद करते हुए कहा है कि वे हमें विश्वासी होने के स्तम्भ को नवीकृत करने एवं मजबूत बनने के लिए निमंत्रण देते हैं, एक विश्वास, जो अपने हृदय को खोलने एवं सुसमाचार की सच्चाई का स्वागत करने, प्रेरितिक गतिविधियों के द्वारा कई बाधाओं को दूर करने एवं पीड़ित तथा एकाकी लोगों की सहायता करने में मदद देता; आशा जो हमें अपनी यात्रा को जारी रखने का बल प्रदान करता, हमें करूणा एवं भरोसा की बातें बोलता और हमें दुखद स्थानों में बंद लोगों के बीच बुलाता है वह कभी न टूटे।  

अंततः उन्होंने लिखा कि "परोपकार हमारे विश्वास एवं आशा की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति है। परोपकार सिर्फ अति आवश्यकता के समय करके संतुष्ट नहीं हो जाना बल्कि दूसरों को बढ़ते हुए देखकर खुश होना चाहिए। जैसा कि संत पापा कहते हैं, परोपकार हृदय की प्रेरणा है जो हमें अपने आपसे बाहर निकलने के लिए प्रेरित करता है। कैदखाने में परेशान व्यक्तियों से हमारी मुलाकात हर दिन होती है उन्हें प्रेम की आवश्यकता है, कोमलता के साथ स्वीकार किये जाने की, न कि उनकी गलतियों के लिए न्याय करने के द्वारा। बंधे हुए लोगों के दिलों को हम ईश्वर के प्रेम की निश्चतता प्रदान करें, जिनका दुःख उनसे छिपा हुआ नहीं है। 

दुनिया में रूकना नहीं बल्कि पुनः शुरू करना है 

फादर ग्रिमलदी ने कहा है कि "चालीसा काल जिसमें हम जीने वाले हैं हमें समझने में मदद दे कि इस दुनिया में रूक जाने के जरूरत नहीं है बल्कि पुनः शुरू करना है और बदलाव तथा मन-परिवर्तन के रास्ते पर वे हमें प्रत्येक दिन जीने में मदद देते हैं।"

फादर रफाएले ने चालीसा काल की यात्रा हेतु शुभकामनाएँ देते हुए ईश्वर की करूणा को महसूस कर पाने की कृपा के लिए प्रार्थना की।  

 

18 February 2021, 15:52