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इंडोनेशिया में भुकम्प से ध्वस्त घर और लोग इंडोनेशिया में भुकम्प से ध्वस्त घर और लोग  (AFP or licensors)

इंडोनेशिया की कलीसिया भुकम्प पीड़ितों के करीब

कारितास इंडोनेशिया (कारिना) पश्चिमी सुलावेसी प्रांत में भुकम्प पीड़ितों की मदद, मकास्सर महाधर्मप्रांत के साथ मिलकर कर रही है।

उषा मनोरम ातिरकी-वाटिकन सिटी

इंडोनेशिया, मंगलवार, 18 जनवरी 2021 (वीएनएस) – इंडोनेशिया की काथलिक कलीसिया का सामाजिक एवं विकास विभाग पश्चिम सुलावेसी प्रांत में पिछले सप्ताह आये भुकम्प से पीड़ित लोगों की मदद हेतु उनके पास पहुँच रही है। भुकम्प में कम से कम 84 लोगों की मौत हो गई है एवं हजारों लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं।

15 जनवरी को 6.2 तीव्रता से आये भुकम्प ने सुलावेसी के मामुजू शहर और माजेने जिला में बहुत अधिक कहर भरपाया है। राष्ट्रीय खोज एवं राहत एजेंसी (बसरनास) के अनुसार मामुजू में 73 लोगों की मौत हुई है और मजेने में 11 लोग मरे हैं। कहा गया है कि करीब 20,000 बचे हुए लोगों को दूसरे स्थानों पर शरण दी गई है। करीब 900 लोग घायल हैं जिसमें 300 लोग अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं एवं उपचार प्राप्त कर रहे हैं। हजारों इमारतें एवं सार्वजनिक सुविधाएँ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं जैसे कि संचार नेटवर्क एवं बिजली आदि।

रोजरी की रानी मरियम पल्ली

भुकम्प के एक दिन बाद कारितास इंडोनेशिया (कारिना) और मकास्सर महाधर्मप्रांत के कारितास ने दक्षिणी सुलावेसी प्रांत के मामुजू स्थित रोजरी की रानी मरियम पल्ली ने पीड़ित लोगों के बीच राहत सामग्री बांटना शुरू किया। पल्ली पुरोहित फादर विक्टर, विरो पातिंज्जी ने उका न्यूज को बतलाया, "16 जनवरी को हमने गिरजाघर के परिसर में एक समन्वय पोस्ट और रसोई तैयार किया।" उन्होंने बतलाया कि वे लोगों को भोजन, दवाई, टेंट, कपड़े, मास्क, निस्संक्रामक और सनिटाईजर प्रदान कर रहे हैं। पुरोहित जो टूटे ग्लास से घायल हैं उन्होंने कहा कि उनकी पल्ली में किसी की मौत नहीं हुई है किन्तु कई लोग घायल हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी पल्ली में 2,000 से अधिक काथलिक हैं जिनमें से अधिक लोग इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान, क्लाइमेटोलॉजी और जियोफिजिकल एजेंसी के सुरक्षित स्थानों पर जाने के आग्रह के बाद झटकों एवं सुनामी के डर से अपने घरों से भाग गये हैं। प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को कोविड-19 दिशानिर्देश का भी पालन करना है।  

मकास्सर महाधर्मप्रांत

मकास्सर महाधर्मप्रांत के कारितास के अध्यक्ष फादर बेर्नार्ड ने कहा कि उनका दल मामुजू में सहायता सामग्री का वितरण कर रहा है और उनका मिशन स्टेशन जल्द ही माजेने जिला में भी सहायता प्रदान करेगा। मकास्सर महाधर्मप्रांत और कारिना, पीड़ित लोगों की आवश्यकताओं के लिए काथलिकों विश्वासियों एवं काथलिक संस्थाओं द्वारा फंड जमा करने का केंद्र बन गया है। फादर राया ने कहा कि स्वयंसेवकों 16 जनवरी से मामुजू गिरजाघर से टेंट, भोजन, दवाई, कम्बल और मास्क बांट रहे हैं।  

कारितास इंडोनेशिया के कार्यकारी निदेशक फादर फेडी रानते तारूक ने उका न्यूज को बतलाया कि उन्होंने पश्चिम सुलावेसी में स्थानीय टीम के साथ कार्य करने के लिए एक दल भेजा है। कारिना आर्थिक एवं रसद संबंधी मदद जैसे भोजन, स्वच्छ जल, कम्बल, टेंट और दवाई आदि देकर सहायता प्रदान कर रही है। कारिना इंडोनेशिया के मानवीय मंच, सहायता के लिए धर्मसमाजियों के एक दल एवं सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।  

चुनौतियाँ

प्राकृतिक आपदाओं के बीच स्वयंसेवकों, राहतकर्मियों और लोगों को कोविड-19 स्वास्थ्य नवाचार का भी पालन करना है। पश्चिमी सुलावेसी प्रांत में कोविड-19 के 2,500 मामले दर्ज हुए हैं और 58 मौतें हुई हैं।  

आपदा न्यूनीकरण एजेंसी बीएनपीबी ने कहा कि खाली जगहों में बुनियादी जरूरतों जैसे कंबल, चट्टाई, टेंट, शिशु आहार और चिकित्सा सेवाओं की सख्त जरूरत है। सुलावेसी द्वीप पर बहुत से लोग अब भी 7.5 की तीव्रता वाले भूकंप के प्रभाव से उबर भी नहीं पायें हैं, जिसने 2018 में पलू शहर को तबाह कर दिया था और जिसमें 4,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

19 January 2021, 15:48