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इराक के ख्रीस्तीय प्रार्थना करते हुए इराक के ख्रीस्तीय प्रार्थना करते हुए  (AFP or licensors)

कार्डिनल साको ने हमले पर शोक व्यक्त किया, प्रार्थना पहल जारी की

खलदेई प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस रफाएल साको ने ख्रीस्तियों को निमंत्रण दिया है कि शांति के लिए 3 दिन के "नीनवे के पुनरुत्थान" उपवास और प्रार्थना में भाग लें, जब देश, बगदाद में पिछले हफ्ते हुए आत्मघाती बम हमले के लिए शोक मना रहा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

बगदाद, मंगलवार, 26 जनवरी 2021 (वीएनएस)- इराक के ख्रीस्तियों को तीन दिवसीय उपवास एवं प्रार्थना में निमंत्रित करने का उद्देश्य है देश में शांति एवं महामरी का अंत।

कार्डिनल लुइस रफाएल प्रथम साको ने विश्वासियों को प्रोत्साहन दिया है कि वे सोमवार 25 जनवरी से तीन दिनों के लिए उपवास करें तथा विशेष प्रार्थना एवं मिस्सा में भाग लें।  

एक संदेश में उन्होंने कहा है कि प्रार्थना का पहल बाईबिल में योना की कहानी से प्रेरित है जिन्हें ईश्वर ने निनीवे के लोगों को उपदेश देने भेजा, किन्तु उसने इंकार किया। समुद्र की प्रचंड लहरों एवं विशाल मछली द्वारा निगले जाकर तीन दिनों तक मछली के पेट में रहते हुए योना ने ईश्वर से क्षमा याचना की। कार्डिनल ने गौर किया कि ईश्वर न केवल यहूदी लोगों पर दया करते बल्कि वे करुणावान एवं दयालु पिता हैं जो अपने हरेक पुत्र-पुत्री की चिंता करते और उनकी मुक्ति चाहते हैं जिनकी उन्होंने सृष्टि की है।  

कार्डिनल साको ने यह भी गौर किया कि निनीवे एक विपत्ति का स्थान था, जिसने मेसोपोटामिया को आठवीं शताब्दी में प्रभावित किया था। कोविड-19 महामारी के समान परिस्थिति ने बहुत सारे लोगों की जान ले ली थी। उस समय नबी एजेकिएल ने विपत्ति के अंत हेतु लोगों को तीन दिनों के लिए उपवास करने का निमंत्रण दिया था।  

उन्होंने जोर दिया कि कोविड-19 महामारी जिसने लोगों के स्वास्थ्य, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और धार्मिक गतिविधियों के नकारात्मक परिणामों के साथ, सभी मानकों द्वारा वैश्विक तबाही से लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। अतः जिस तरह विश्वासियों ने पहले किया हम महामारी के इस दुखद अनुभूति को आध्यात्मिक एवं सामाजिक एकात्मता के द्वारा कृपा एवं अच्छाई के अवसर के रूप में बदलें।

"आइये हम देश में शांति, सुरक्षा और स्थायित्व वापस आने के लिए प्रार्थना करें, खासकर, उन क्षेत्रों के लिए जो युद्ध एवं संघर्ष से थक चुके हैं। हम संत पापा की यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना करें। निनीवे के लोगों के समान उनके वचनों को सुनें जिन्होंने योना के उपदेश को सुना ताकि बेहतर जीवन पा सकेंगे।

आत्मघाती हमला

इराक में पिछले दिनों असुरक्षा बढ़ी है। पिछले बृहस्पतिवार को बगदाद बाजार के भीड़भाड़ वाले स्थान पर एक दोहरे आत्मघाती बम हमले में 32 लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हो गये हैं।  

खतरनाक हमले से आघात महसूस करते हुए कार्डिनल साको ने वाटिकन न्यूज से बातचीत में मौत के शिकार लोगों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया।

पत्रकारों की रिपोर्ट अनुसार आत्मघाती बम तेयारान प्रांगण के बाजार में लोगों की भीड़ में घुस गये। पहले बम ने विस्फोट करने के लिए बीमार होने का बहाना करते हुए लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया, जबकि दूसरे बम ने उस समय विस्फोट किया जब लोग पहले विस्फोट के शिकार लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे थे।

यह नवीनतम हमला इराकी सरकार द्वारा 6 जून से 10 अक्टूबर तक आम चुनावों को स्थगित करने के बाद आया है जब मतदाताओं और नए दलों को पंजीकृत करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को अधिक समय दिया जाता है। इराकी अधिकारियों ने हमलों की निंदा की है और उनका संदेह है कि यह संघर्षगस्त राष्ट्र में लोगों के बीच भय उत्पन्न करना है।

राजधानी के उसी प्रांगण में पिछला आत्मघाती बम हमला जनवरी 2018 में हुआ था जब 35 लोगों की मौत हो गई थी।

गरीब लोग हमले के शिकार

कार्डिनल साको ने हमले पर शोक व्यक्त करते हुए गौर किया है कि इसके शिकार अधिकांश गरीब लोग थे जिनकी मौत हो गई।

उन्होंने जोर दिया कि सरकारी अधिकारियों को मिलिशिया समूहों के निरस्त्रीकरण के लिए काम करना चाहिए तथा देश में लंबे समय से जारी हिंसा को समाप्त करने की दिशा में राजनेताओं को सद्भावना का प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शांति सुनिश्चित करने हेतु सरकार की जिम्मेदारी है।

इराक की कलीसिया

कार्डिनल साको ने इराकी समाज में कलीसिया की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "हम इराक के हिस्से हैं। हम अकेले नहीं जीते हम सभी के साथ जुड़े हुए हैं। यह दुःख हमारा भी है। हम इस बड़े परिवार इराक के भाई और बहन हैं।"

अतः प्रार्थना के पहल का दोहरा अर्थ है। सबसे पहले, यह सुदृढ़ करती है कि ईश्वर किसी पर भेदभाव किये बिना सभी पर नजर डालते हैं और ईश्वर से याचना है कि वे इस समय की महामारी से हमें बचायें।

हमें ईश्वर से प्रार्थना करने और मांगने की जरूरत है कि वे हमें बचायें तथा दुनिया से महामरी का अंत कर दें। हम न केवल इराक के लिए बल्कि विश्व भर के लोगों को सोचें।

संत पापा फ्रांसिस की अपील

संत पापा फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को दोहरे हमले की निंदा की थी तथा उसे क्रूरता का संवेदनहीन कृत्य कहा था।  

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन द्वारा प्रेषित तार संदेश में संत पापा ने कहा कि वे मृतकों, उनके परिवारवालों, घायलों तथा लोगों की मदद करनेवाले स्वयंसेवकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

संत पापा ने अपनी इच्छा व्यक्ति की थी कि इराक, भाईचारा, एकात्मता एवं शांति के साथ हिंसा से उबरने के लिए कार्य करना जारी रखेगा।

इराक में संत पापा की प्रेरितिक यात्रा

इस बीच, संत पापा फ्राँसिस 5 से 8 मार्च तक इराक की पहली प्रेरितिक यात्रा करने वाले हैं। वे बगदाद एवं इराक के चार अन्य शहरों ˸ उर के मैदान, एरबिल शहर, मोसुल एवं निन्वेह मैदान पर काराकोस का दौरा करनेवाले हैं। संत पापा की यात्रा के पूर्व कार्डिनल साको ने स्थानीय कलीसिया के लिए प्रार्थना तैयार किया है जिसको 17 जनवरी से की जा रही है।  

कार्डिनल ने उम्मीद जतायी कि संत पापा की यात्रा सांत्वना एवं आशा लायेगी तथा मानव अधिकार, शांति एवं भाईचारा के प्रति सम्मान को बढ़ावा देगी, साथ ही साथ युद्ध एवं हिंसा के अंत के लिए प्रेरित करेगी।  

उन्होंने कहा कि संत पापा की यात्रा की तैयारी इराक के अधिकारियों एवं अन्य धर्मगुरूओं के साथ सहयोग से की जा रही है।

 

26 January 2021, 15:38