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जला हुआ नयापारा रोहिंग्या शिविर जला हुआ नयापारा रोहिंग्या शिविर  (AFP or licensors)

बांग्लादेश में घातक आग के बाद शरणार्थियों की सहायताः कारितास

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और कारितास बांग्लादेश रोहिंग्या शरणार्थियों की हर संभव मदद देने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने 14 जनवरी को नयापारा शिविर में आग लगने से अपना घर और सब कुछ खो दिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोक्स बाजार, शनिवार 16 जनवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) ने बताया कि आग लगने से 550 से ज्यादा घर आंशिक या पूरी तरह से तबाह हो गए। इनमें करीब 3,500 लोग रहते थे और यहां करीब 150 दुकानें थीं। कॉक्स बाजार जिले के नयापारा शिविर में गुरुवार तड़के आग लग गई। इस इलाके में म्यामांर से आए दस लाख से अधिक शरणार्थी रहते हैं। नयापारा पुराना शिविर है, जिसे कई दशक पहले बसाया गया था।

एक वरिष्ठ शरणार्थी अधिकारी मोहम्मद शमसूद डूजा ने कहा कि दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में दो घंटे लगे। उन्होंने कहा कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है।

शरणार्थियों के प्रभारी डिप्टी बांग्लादेश सरकार के आधिकारिक अधिकारी मोहम्मद शमसूद डौजा ने कहा कि अग्निशमन सेवा ने दो घंटे धमाके के साथ बिताए, लेकिन घरों के अंदर गैस सिलेंडर के विस्फोट से बाधित हुई। श्री डौजा ने यूसीए न्यूज़ को बताया कि लगभग 3,500 बेघर लोगों को सीखने के केंद्र (बाल शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया गया केंद्र) में ले जाया गया है, जहाँ उन्हें भोजन, कपड़े और दवाइयाँ दी जा रही हैं। आयोग आश्रयों को जल्द से जल्द पुनर्निर्माण के लिए सहायता समूहों के साथ सहयोग कर रहा है।

बांग्लादेश सरकार ने हाल के हफ्तों में कई हज़ार रोहिंग्या को दूरस्थ द्वीप में स्थानांतरित कर दिया है, मानवाधिकार समूहों के विरोध के बावजूद जो कहते हैं कि कुछ लोगों को मजबूर किया गया था, अधिकारियों द्वारा आरोपों से इनकार किया गया था।

कारितास और काथलिक संगठन

बांग्लादेश के काथलिक कलीसिया की सामाजिक और विकास शाखा कारितास बांग्लादेश ने कहा कि शरणार्थियों की सहायता और उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए सब कुछ किया जाएगा।

कारितास के आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्यक्रम के प्रमुख इमानुएल च्यान बिस्वास ने कहा कि शरणार्थियों के घर और उनकी सम्पति खोने का उनहें दुख है। सरकार और गैर-सरकारी संगठन मिलकर उनके आश्रयों के पुनर्निर्माण के लिए सहयोग देंगे। उन्होंने याद किया कि पिछले साल भी करीब 400 आश्रय आग में जल गये थे।

2017 के बाद से कारितास रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में सक्रिय हैं। दुनिया भर में काथलिक एजेंसियों से प्राप्त राषि द्वारा कारितास 140,000 से अधिक शरणार्थियों को भोजन, गैर-खाद्य पदार्थों, पानी और स्वच्छता सहायता प्रदान करती आ रही है।

नवंबर में, कारितास ने जेसुइट रिफ्यूजी सर्विस (जेआरएस) और अमेरिका काथलिक रिलीफ सर्विस (सीआरएस) के साथ हाथ मिलाया और एक नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया जिसे बहुउद्देशीय किशोर केंद्र कहा जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास में मदद करना, किशोरों को परामर्श और कौशल विकास प्रदान करना है, गर्भवती माताओं की देखभाल करना है और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की देखभाल करना है।

संत पापा फ्राँसिस

कई अवसरों पर, संत पापा फ्राँसिस ने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अपनी निकटता व्यक्त की है। 1 दिसंबर, 2017 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतर-धार्मिक और पारिस्थितिक कार्यक्रम के दौरान चलती बैठक में, संत पापा ने कॉक्स बाजार से सोलह रोहिंग्या शरणार्थियों से मुलाकात की और उनकी कहानियों और दर्द को सुना।

एक मिलियन से अधिक रोहिंग्या दक्षिणी बांग्लादेश में मुख्य भूमि के शिविरों में रहते हैं, 2017 में एक सैन्य-नेतृत्व वाली हिंसा के कारण म्यांमार से बांग्लादेश भाग गये। यूएन के जांचकर्ताओं ने इसे “नरसंहार” कहा परंतु म्यांमार इसे इनकार करते हैं।

16 January 2021, 13:43