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नाइजीरियाई धर्माध्यक्षों की अगुवाई में हत्या के विरोध में प्रदर्शन नाइजीरियाई धर्माध्यक्षों की अगुवाई में हत्या के विरोध में प्रदर्शन 

नाइजीरियाई धर्माध्यक्ष : "हत्या बंद करो"

नाइजीरियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीएन) देश की असुरक्षा पर चिंता व्यक्त करता है और सरकार से "निर्दोष लोगों की हत्या पर पूर्ण रोक लगाने" का आह्वान करता है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बेनिन, मंगलवार 11 अगस्त,2020 (वाटिकन न्यूज) : नाइजीरियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीएन) ने हाल के हिंसक हमलों के मद्देनजर देश में "बढ़ती असुरक्षा" और विशेष रूप से उत्तरी नाइजीरिया में आतंकवाद के कृत्यों की निंदा की है।

8 अगस्त को जारी एक बयान में धर्माध्यक्षों ने कहा, “हम उत्तरी नाइजीरिया में बढ़ती असुरक्षा और आतंकवाद के कृत्यों के बारे में सुनते रहते हैं। हम सभी इस स्थिति से थक चुके हैं। हमारे दिल पीड़ा से भर जाता है, जब हम दक्षिणी कडुना में चल रहे नरसंहार के बारे में सुनते हैं। हम बहुत ज्यादा परेशान हैं।"

“हर किसी से एक प्रतिक्रिया होनी चाहिए, और वह यह है कि हत्याएं बंद होनी चाहिए, '' देश के सभी धर्माध्यक्षों की ओर से सीबीसीएन अध्यक्ष बेनिन सिटी के महाधर्माध्यक्ष ऑगस्टीन ऑगियोरा अकुबे ने बयान पढ़ा।

प्रसंग

संदिग्ध फुलानी मिलिशिया द्वारा हमले हाल ही में उत्तरी नाइजीरिया, विशेष रूप से कडुना राज्य में बढ़ी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में जुलाई में फुलानी समूह के दक्षिणी कडुना पर कम से कम तीन हमले दर्ज किये गये है।

जून में सोकोतो राज्य के सबोन बिरनी लोकल गवर्नमेंट एरिया पर हुए हमले में लगभग 76 लोग मारे गए थे। पिछले महीने जून में बोर्नो राज्य में अपहरण के बाद बोको हराम के आतंकवादियों द्वारा पांच मानवीय सहायता कर्मियों की हिंसक हत्या कर दी गई थी।

बुधवार को, कडूना राज्य के ज़ंगोन कटफ़ स्थानीय सरकार क्षेत्र के पांच गांवों पर हुए हमले में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा कम से कम तैंतीस व्यक्ति मारे गए। जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। राज्य सरकार ने हाल ही में बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया।

“जब कोई न्याय नहीं होता है या न्याय नहीं किया जाता है, तो शांति नहीं हो सकती है। जब शांति नहीं होती है, तो विकास नहीं हो सकता है। ”

सरकार से अपील

धर्माध्यक्षों ने संघीय सरकार, साथ ही कडुना राज्य सरकार को निर्दोष लोगों की हत्या पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि "हत्या के अपराधियों को न्याय के लिए लाया जाना चाहिए।"

बयान में कहा गया कि किसी भी नाइजीरियाई के जीवन का नुकसान किसी भी धार्मिक विचारधारा या किसी राजनेता की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करता है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा बेरहमी से हत्या किए गए निर्दोष लोगों के खून से निर्मित विकास कभी भी धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा नहीं किए जाएंगे।

“जब कोई न्याय नहीं होता है या न्याय नहीं किया जाता है, तो शांति नहीं हो सकती है। जब शांति नहीं होती है, तो विकास नहीं हो सकता है, ”धर्माध्यक्ष ने जोर देकर कहा।

प्रार्थना की अपील

इन समस्याओं के मद्देनजर, धर्माध्यक्षओं ने सभी काथलिकों को चालीस दिनों तक देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के बाद एक हमारे पिता, तीन प्रणाम मरिया और एक पवित्र त्रित्व की महिमा प्रार्थना को प्रतिदिन करने के लिए आमंत्रित किया है।

यह संयुक्त प्रार्थना 22 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर 2020 तक नाइजीरिया के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या तक चलेगी। 1 अक्टूबर (नाइजीरिया के स्वतंत्रता दिवस) को, विश्वासी "नाइजीरिया को बचाने के लिए" के मतलब को लेकर रोज़रीमाला के दु:ख के भेद की प्रार्थना करेंगे।

धर्माध्यक्ष ने कहा, "हम चाहते हैं कि दक्षिणी कडुना में लगातार हमलों से पीड़ित सभी लोग यह जानें कि नाइजीरिया के सभी काथलिक उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं।"

समापन के दौरान, नाइजीरियाई धर्माध्यक्षों ने सभी को शांति और सुलह के साधन होने के लिए, और "सभी के लिए न्याय के पक्ष में" होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उत्तरी नाइजीरिया और देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में मारे गए सभी लोगों के लिए शाश्वत विश्राम की भी प्रार्थना की।

11 August 2020, 14:28