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केरल के इडकी जिले में बारिश से हुए भूस्खलन में राहत कार्य जारी केरल के इडकी जिले में बारिश से हुए भूस्खलन में राहत कार्य जारी  (ANSA)

भारी बारिश में केरल का गिरजाघर बना राहत शिविर

7 अगस्त को भारी वर्षा के कारण कोझिकोड जिले के कई घर पानी में धराशायी हो गये। कक्कायम पहाड़ी में भूस्खलन के कारण पहाड़ी के एकमात्र सड़क को जगह-जगह पर नष्ट हो गया। पहाड़ी पर रहने वाले लोग गिरजाघर में शरण लिये हुए हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोझीकोड, मंगलवार 11 अगस्त,2020 (मैटर्स इंडिया) : केरल के कोझिकोड जिले के एक गिरजाघर को सैकड़ों लोगों के लिए एक अस्थायी राहत शिविर में बदल दिया गया है। ज्यादातर आदिवासी, कक्कायम की पहाड़ियों में एक भूस्खलन के बाद वहां शरण लिए हुए थे।

प्रभावित लोग अब कोझिकोड शहर से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में कक्कायम के पास संत जोसेफ गिरजाघर, करियाथुम्परा में चले गए हैं। लोग दिन के दौरान खुले में और रात में ऊपर के कमरों में सोते हुए दिखाई दे रहे थे। वर्तमान में, लगभग 60 लोग गिरजाघर में रखे गए हैं।

उनमें से एक 80 वर्षीय गोपी है, जो अपना पूरा जीवन में कक्कायम में बिताया है। वह बीमार है, उसके पास कोई काम नहीं है और उसे डर बना रहता है कि बारिश में कहीं वह मर न जाए। गोपी आदिवासी समुदाय का सदस्य है जो कक्कयम पहाड़ियों को अपना घर कहता है। इस इलाके में भारी बारिश या भूस्खलन से आदिवासी समुदाय सबसे पहले प्रभावित होती है।

गिरजाघर में रहने वालों को भोजन और दवा उपलब्ध कराई जा रही है। स्थानीय नेता भोजन और सुविधाएं प्रदान करते हैं।

कालीकट जिला पंचायत के सदस्य नजीब कान्थापुरम ने कहा, “इस समय, बाढ़ के साथ-साथ कोविद-19 महामारी का प्रकोप भी है। आप कारिपुर दुर्घटना के बारे में भी जानते हैं। हर कोई कोविद और प्राकृतिक आपदाओं को दूर करने में दूसरों की मदद कर रहा है। यह मलप्पुरम और मालाबार की विशेषता है।ʺ

कक्कायम के आदिवासियों को गिरजाघर के अंदर राहत शिविर में कुछ राहत मिल रही है, लेकिन उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कक्कायम की पहाड़ियों में उनके दिन गिने हुए हैं। भूस्खलन से वह जगह रहने लायक न रहेगी।

11 August 2020, 14:52